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कानपुर में मॉडल से दुष्कर्म: गवाही न होने से अटका केस! होली पार्टी में हुई थी शर्मनाक घटना, पढें पूरा मामला

Fri, 10 Feb 2023 10:37 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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असम की मॉडल से दुष्कर्म का मामला - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में दुष्कर्म के प्रयास का शिकार हुई होली पार्टी में शामिल होने आई असम की मॉडल गवाही देने नहीं आ रही है। इससे सुनवाई अटकी हुई है। उसके साथ तीन साल पहले बीआईसी के एक बंगले में दुष्कर्म की कोशिश हुई थी। मामले में पांच नामचीन लोग फंसे थे।

रिपोर्ट दर्ज कराने, मेडिकल कराने और मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने के बाद मॉडल असम लौट गई थी। बता दें कि मॉडल से दुष्कर्म के प्रयास के मुख्य आरोपी कानपुर क्लब के पूर्व डायरेक्टर अमित अग्रवाल को पुलिस घटना वाली रात ही थाने लेकर पहुंची थी, लेकिन उसके पक्ष से पहुंचे कुछ रसूखदारों के दबाव में छोड़ दिया था।

यह है मामला
इवेंट कंपनी के मालिक सक्षम साहू के बुलावे पर असम की मॉडल होली पार्टी में शामिल होने 13 मार्च 2020 को कानपुर आई थी। समीर अग्रवाल के ग्वालटोली स्थित बीआईसी के बंगले पर मॉडल को रखा गया था। 15 मार्च को पार्टी के बाद बंगले पर ही मॉडल के साथ दुष्कर्म की कोशिश की गई थी।
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मौके पर जांच करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
मॉडल के इस आरोप के बाद ग्वालटोली थाने में सक्षम साहू, समीर अग्रवाल, कानपुर क्लब के पूर्व डायरेक्टर अमित अग्रवाल, कपड़ा कारोबारी मो. इकबाल व मनोज कुमार पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पांचों के खिलाफ चार्जशीट भी कोर्ट भेजी गई थी और सभी को जमानत भी मिल चुकी है।
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मौके पर जांच करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
पीड़िता के अलावा पूरी हुई गवाही
अपर जिला जज चतुर्थ की अदालत में मुकदमे की सुनवाई चल रही है। मुकदमे के विवेचक, एफआईआर लेखक, पीड़िता के बयान दर्ज करने वाली महिला कांस्टेबल, मेडिकल करने वाली डॉक्टर, फॉरेंसिक टीम के चीफ, जिस होटल में मॉडल रुकी थी वहां के मैनेजर आदि के बयान दर्ज हो चुके हैं। सभी से जिरह भी पूरी हो गई है।

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मौके से मिली आपत्तिजनक सामग्री - फोटो : अमर उजाला
अभियोजन की ओर से महत्वपूर्ण गवाह कोर्ट में पेश किए जा चुके हैं। पीड़िता के खिलाफ वारंट भी जारी है, लेकिन वह गवाही देने नहीं आ रही। अदालत की ओर से उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।  -धर्मेंद्र पाल सिंह, एडीजीसी
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मौके से मिली आपत्तिजनक सामग्री - फोटो : अमर उजाला
पीड़िता खुद ही गवाही देने नहीं आ रही इससे रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठता है। मुकदमे में 14 फरवरी को दोबारा सुनवाई होनी है। पीड़िता के न आने से मुकदमे का फैसला नहीं हो पा रहा है।  -कपिलदीप सचान, आरोपी मनोज के अधिवक्ता
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