बिकरू कांड की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को पता था कि विकास दुबे खूनी खेल खेलने की तैयारी में है। इसके बावजूद आला अधिकारियों को जानकारी नहीं दी गई। उन्हें पता होता तो शायद दबिश के दौरान और पुख्ता इंतजाम किए जाते। इसमें मुख्य भूमिका चौबेपुर थाने के पूर्व एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा की रही।
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विकास दुबे कांड: शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्रा, जय बाजपेई
- फोटो : amar ujala
इसके अलावा तीन अन्य पुलिसकर्मियों को भी विकास की करतूत की जानकारी थी। बिकरू कांड में पुलिस ने एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा को जेल भेजा है। उन पर आरोप है कि वो साजिश में शामिल हैं। विकास दुबे को संरक्षण दिया। दबिश की सूचना भी विकास तक पहुंचाई। नतीजतन विकास और उसके गुर्गों ने आठ पुलिसकर्मियों को मार दिया। इन दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका पर एसआईटी ने भी मुहर लगा दी है।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
इसमें उस कॉल रिकॉर्डिंग को भी अहम तथ्य के तौर पर शामिल किया है, जिसमें विकास एक सिपाही से फोन पर कहता है कि अगर आ गए तो एक-एक का खून कर देंगे। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने लिखा है कि सिपाही ने एसओ को विकास की धमकी के बारे में जानकारी दी लेकिन उसने ये बात दबा ली। इससे साजिश में शामिल होने की पुष्टि होती है।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : अमर उजाला
एसएसपी से करीबी का जय ने खूब उठाया फायदा
जयकांत बाजपेई पूर्व एसएसपी का बेहद करीबी था। उनकी शह पर उसने कई विवादित जमीनों का सौदा किया। शस्त्र लाइसेंस बनवाने में भी आधा दर्जन पुलिसकर्मियों का साथ जय को मिला। इसमें एलआईयू के भी अफसर शामिल हैं। एक पूर्व एसएसपी व एक एसपी का करीबी रहा है। जिसके जरिये उसने अवैध संपत्ति बनाई। एसआईटी ने इस बारे में विस्तार से जांच कर तथ्यों को जुटाया है। उन तस्वीरों को भी जांच में शामिल किया है, जिसमें जय पुलिस अफसरों के साथ में हैं। सबसे अधिक तस्वीरें उसकी पूर्व एसएसपी के साथ की हैं।
चुनावों में विकास का दखल, मनमाफिक करवाता था वोटिंग
ग्रामीणों के बयानों और अन्य तथ्यों के आधार पर एसआईटी की जांच में दहशतगर्द की एक और करतूत पर मुहर लगी। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने रिपोर्ट में लिखा है कि ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत चुनावों में विकास दुबे का पूरा दखल रहता था। वो मनमाफिक प्रत्याशी को वोटिंग करवाता था। यही नहीं विधायकी और सांसदी के चुनाव में वो दो दर्जन से अधिक गांवों के वोटरों का ठेका लेता था। इस वजह से बड़े नेता भी उसको सलाम करते थे। सूत्रों का दावा है कि अलग-अलग पार्टियों के नेताओं के साथ विकास की फोटो को भी जांच में शामिल किया गया है।