भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की कसौटी पर फतेहपुर लोकसभा क्षेत्र के छह विधायकों के सामने खरा उतरने की चुनौती खड़ी हो गई है। चार मई को एमजी कॉलेज में राष्ट्रीय अध्यक्ष की होने वाली चुनावी सभा में 60 हजार की भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी विधायकों को दी गई है। भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी से लोकसभा प्रत्याशी को मुक्त रखा गया है। तय लक्ष्य पूरा करने में विफल विधायकों को राष्ट्रीय अध्यक्ष की गुस्से का शिकार होना माना जा रहा है।
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राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह, सदर विधायक विक्रम सिंह
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय अध्यक्ष चार मई को दोपहर 12 बजे महात्मा गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पार्टी प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के पक्ष में चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। इसके लिए पार्टी हाईकमान से विधायकों के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि निर्देश गोपनीय रखे गए हैं, लेकिन इस निर्देशों को पालन न करने वाले विधायकों को विधानसभा का टिकट काटने की चेतावनी भी है।
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विधायक विक्रम सिंह, विधायक विकास गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
पार्टी सूत्रों की मानें, तो सर्वाधिक 15000 की भीड़ जुटाने का जिम्मा सदर विधायक विक्रम सिंह को सौंपा गया है। सबसे कम भीड़ लाने की जिम्मेदारी खागा विधायक कृष्णा पासवान को सौंपी गई है। इसके अलावा हुसैनगंज, अयाह शाह, बिंदकी, जहानाबाद विधायकों को साढ़े सात-साढ़े सात हजार लोगों की भीड़ सभा में पहुंचाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं।
निर्देश जारी होने के बाद कुछ विधायकों ने तो भीड़ लाने के लिए वाहनों की व्यवस्था करने की मांग की है, लेकिन मांग पर कोई विचार नहीं किया गया है। ऐसे में साफ हो गया है कि अपनी-अपनी विधानसभा से लक्ष्य के अनुरूप समर्थकों को अपने खर्चे से विधायकों को लाना होगा। शेष 10 हजार की भीड़ संगठन और पार्टी नेता एकत्र करेंगे।
ऐसा करने में विफल विधायकों की रिपोर्ट प्रत्याशी से राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वयं लेंगे। हाईकमान के निर्देश को लेकर विधायकों को सांप सूंघ गया है। फिलहाल अपने खर्चे के भीड़ सभा स्थल तक लाने को लेकर ज्यादातर विधायक कन्नी काटते नजर आ रहे हैं। सभा के दिन स्थिति क्या होगी यह तो आने वाली चार मई बताएगी।