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सत्ता के गलियारों में तहलका मचाने वाले अमर सिंह के 10 सनसनीखेज खुलासे   

Tue, 28 Feb 2017 04:51 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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अमर सिंह (फाइल फोटो)
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भारतीय राजनीति की चर्चित हस्ती अमर सिंह ने समाजवादी पार्टी में जारी अंदरूनी कलह की कलई खोलने का बड़ा दावा किया है। इस दावे पर सब इसलिए भी विश्वास कर रहे हैं क्योंकि अमर सिंह और मुलायम सिंह के करीबी रिश्ते रहे हैं। इसलिए अगस्त 2016 से जनवरी 2017 तक सपा और मुलायम परिवार में जो कुछ हुआ, उन सब घटनाक्रम को लेकर भीतर की बात केवल अमर सिंह को ही पता लग पाई।
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 अमर सिंह ने बताया पूरी तरह से स्क्रिप्टेड ड्रामा

शिवपाल यादव (बाएं), बीच में मुलायम सिंह, दाएं अखिलेश यादव
अमर सिंह ने मंगलवार को इस बात का खुलासा करते हुए कहा यह पूरी तरह से स्क्रिप्टेड ड्रामा था। उन्होंने यह भी कहा कि ये राजनीतिक स्वांग हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्टीव जार्डिंग के इशारे पर हो रहा था। मुलायम और अखिलेश उनके कहे पर चल रहे थे। यह ड्रामा अखिलेश की इमेज सुधारने, पार्टी में उन्हें मजबूत बनाने और यूपी में क्राइम जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए हुआ।

अमर सिंह यहीं नहीं रुके उन्होंने बताया मैं इस ड्रामे में अनजाने में इस्तेमाल हो गया। ये खुलासा अमर सिंह ने सपा कलह के बाद किया। इसके साथ-साथ अमर सिंह ने दावे 


अमर सिंह के 10 सनसनीखेज खुलासे...
अमर सिंह ने एक-एक कर 10 सनसनीखेज खुलासे किए। खास बात यह है कि ये कभी किसी के सामने नहीं आए। पढ़िए अमर सिंह के दस सनसनीखेज खुलासे...

 

अखिलेश को साइकिल मिलने का राज...

डेमो
1. अखिलेश को साइकिल मिलने का राज...
अमर सिंह कहते हैं यह स्वांग मुलायम और अखिलेश ने मिलकर रचा था। पूरे ड्रामें में मेरा इस्तेमाल किया गया। मुझे बाद में इसका आभास हुआ। यह मुझे तब लगा जब मुलायम ने मुझे कहा साइकिल पर अपना दावा छोड़ दीजिए जबकि इससे पहेल पूरी लड़ाई में उन्होंने मुझको आगे रखा। इस लड़ाई के लिए वकील तक खुद मैंने तय किया।

एक दिन मुलायम सिंह का फोन आता है कि इलेक्शन कमीशन चले जाइए। मैंने कहा ठीक है जाता हूं। बोले- साइकिल पर अपना दावा छोड़ दीजिए, ताकि चिह्न बचा रहे। मुझे अचंभा हुआ।

इतने में मुलायम सिंह का फिर से फोन आता है कि अगर साइकिल चिह्न चला जाएगा तो क्या होगा। मैंने कहा- आप अध्यक्ष नहीं रहेंगे, अखिलेश हो जाएंगे। बोले- अच्छा आप लौट आइए। 

मैं वापस आता हूं तो मुलायम सिंह मुझसे बोलते हैं- आजम खान, अखिलेश, रामगोपाल चाहते हैं कि आप मुझसे नहीं मिलें। इसलिए आप पत्रकारों की नजर से बचकर चोर दरवाजे से आया कीजिए। मेरे साथ इलेक्शन कमीशन भी ना जाएं। दोबारा जब मुलायम चुनाव आयोग गए तो अकेले गए और चिह्न अखिलेश को देने का लेटर दे आए। बाद में मुझसे कहा- मेरे लिए आप बलिदान दीजिए। विदेश चले जाइए कुछ दिनों के लिए। इसके बाद मैं लंदन चला गया।

 

अखिलेश की इमेज को चमकाने के लिए ऐसे हुआ बड़ा खेल

मुलायम सिंह यादव सपा के नेताओं के बीच बोलते हुए
2. अखिलेश की इमेज को चमकाने के लिए ऐसे हुआ बड़ा खेल
'अगस्त 2016 से जनवरी 2017 तक जो कुछ भी हुआ, उसे मुलायम सिंह और अखिलेश यादव अमेरिकी प्रोफेसर जार्डिंग के इशारे पर कर रहे थे। दोनों लोगों को सब पता था। जो जार्डिंग की स्क्रिप्ट थी, उसी पर वो काम कर रहे थे। फिर चाहे अखिलेश को यूपी अध्यक्ष पद से हटाया जाना हो, चाहे शिवपाल को पार्टी में बेइज्जत करना हो या मुलायम को सपा अध्यक्ष पद से हटाकर अखिलेश का बनना हो। अब 11 मार्च को पता चलेगा कि जार्डिंग-अखिलेश का ये ड्रामा कितना असरदार रहा। चुनाव हार जाने पर ये ड्रामा अखिलेश के लिए पैर पर कुल्हाड़ी मारने की तरह होगा।

 

पारिवारिक लड़ाई के पीछे ये थे असल चेहरे...

रमारमण, नवनीत सहगल (दाएं)
3.पारिवारिक लड़ाई के पीछे ये थे असल चेहरे...
पारिवारिक विवाद की जड़ शिवपाल या कोई और नहीं, बल्कि अखिलेश के दो अधिकारी नवनीत सहगल और रमारमण थे। ये दोनों अखिलेश के लिए दुधारू गाय थे। मायावती के समय में भी ये पैसा कमवाकर देते थे। रमारमण ने ही यादव सिंह को नोएडा और आस-पास के तीनों प्राधिकरण का चीफ इंजीनियर बनवाया। 

 

मुलायम को नहीं थे ये लोग पसंद

अमर सिंह के साथ मुलायम सिंह
4. मुलायम को नहीं थे ये लोग पसंद
मुलायम को नवनीत और रमारमण, दोनों पसंद नहीं थे। मुलायम ने इन्हें हटाने के लिए बेटे से कहा। अब इन दुधारू गायों को कौन हटाना चाहेगा, इसलिए अखिलेश ने बाप की बात मानने से इनकार कर दिया। सारी लड़ाई यहीं से शुरू हुई। इसके बाद मुलायम और अखिलेश का अहम टकराने लगा। विवाद बढ़ता चला गया, जिसने कई लोगों की बलि ले ली।
 

मोदी सरकार के मंत्रियों से कनेक्शन...

नरेंद्र मोदी, मनोज सिंन्हा, महेश शर्मा (फाइल फोटो)

5. मोदी सरकार के मंत्रियों से कनेक्शन...
अखिलेश के लिए काम करने वाले भ्रष्टाचारी अफसर रमारमण का नाम मोदी जी के मंत्रियों से भी जुड़ा है। रमारमण का कहना है कि उसने मोदी के मंत्रियों को मैनेज कर लिया है। एक मंत्री महेश शर्मा उनके एक हाथ हैं, दूसरे मंत्री मनोज सिन्हा दूसरी बाजू हैं। रमारमण का कहना है कि वे मोदी के इन मंत्रियों के खास हैं। वे बाएं बाजू हैं। 

 

अमर ने अपने मित्र को किया आगाह

अमर सिंह (फाइल फोटो)
6. अमर ने अपने मित्र को किया आगाह
अपने मित्र मनोज सिन्हा को सावधान कर रहा हूं। इस दुष्ट आत्मा से बचें। वरना मोदीजी को पता चल गया कि ऐसे भ्रष्ट अफसरों से मिले हैं तो आपकी इज्जत घट जाएगी। कुछ भी हो सकता है।"

 
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अमेरिकी प्रोफेसर की स्क्रिप्ट पर पूरा नाटक

मुलायम सिंह के साथा शिवपाल यादव (फाइल फोटो)

7. अमर सिंह का दावा है कि अमेरिकी प्रोफेसर जार्डिंग की स्क्रिप्ट पर अखिलेश हटाए गए, शिवपाल बेइज्जत किए गए और मुलायम अध्यक्ष पद से हटे।
8. उनका कहना है कि अखिलेश-मुलायम की लड़ाई के पीछे दो आईएएस अफसर शामिल थे। ये दोनों अफसर मोदी सरकार के दो मंत्रियों के करीबी हैं। 
9. अखिलेश ने उनकी सिक्युरिटी में लगे दो सिपाहियों से उन पर नजर रखवाई। 
10. अमर सिंह का कहना है कि जिस दिन अखिलेश को सपा से बाहर किया गया, उस दिन मुझे फंसाने के लिए मुलायम ने मेरे ऑफिस से स्टाफ बुलवाया।
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