कन्नौज सांसद सुब्रत पाठक और भाजपा समर्थकों के मंगलवार को सदर तहसीलदार के साथ की गई मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के बाद पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस मामले को उठाकर सियासत गर्मा दी है।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार ने सांसद पर लगाए गंभीर आरोप
- फोटो : amar ujala
कन्नौज तहसीलदार प्रकरण को लेकर भाजपा सांसद सुब्रत पाठक सभी प्रमुख विपक्षी दलों के निशाने पर आ गए हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तहसीलदार
अरविंद कुमार के दलित होने पर जोर देते हुए सत्ताधारी भाजपा की खिंचाई की है। मायावती ने सांसद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई पर जोर दिया है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने हमले के शिकार तहसीलदार की मासूम बेटी के मनोभावों के हवाले से घटना पर अफसोस जताया है।
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भाजपा सांसद सुब्रत पाठक
- फोटो : amar ujala
प्रमुख दलों के ताजे कमेंट से कन्नौज सांसद बनाम तहसीलदार की जंग में आने वाले दिनों में सियासी पारा और चढ़ने के संकेत साफ हो गए हैं। मायावती की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि ‘उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे एक दलित तहसीलदार के साथ अभी हाल ही में वहां के बीजेपी सांसद ने जो मारपीट व दुर्व्यवहार आदि किया है, अति शर्मनाक है। लेकिन दुख की बात यह है कि सांसद अभी भी जेल में जाने की बजाय बाहर ही घूम रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में दलित कर्मचारियों में जबरदस्त रोष व्याप्त है।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार पर हमले के बाद
- फोटो : amar ujala
ऐसे में मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे इस मामले में जरूर सख्त कदम उठायें ताकि यह सांसद आगे कभी भी ऐसी हरकत न कर सके। साथ ही पूरे प्रदेश में,खासकर दलित कर्मचारियों के साथ आगे ऐसा कोई भी बर्ताव न हो तो इसके लिए भी इनको अपने इस सांसद के विरुद्ध तुरंत कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। बीएसपी की यह मांग है।’ कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने अमर उजाला में छपी खबर व फोटो को आधार बनाकर फेसबुक पर पोस्ट की है।
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सदर तहसीलदार अरविंद कुमार पर हमले के बाद चोट दिखाते हुए
- फोटो : amar ujala
प्रियंका ने लिखा है, ‘भाजपा सांसद द्वारा कन्नौज के एक तहसीलदार पर किए गए हमले के बाद तहसीलदार की बेटी सहमी हुई है। इस खबर ने बड़ा दुखी कर दिया। ये बच्ची देखती होगी कि जब सब घर पर हैं तब उसके पिता काम पर जा रहे हैं और फिर उसने अपने पिता पर हमला होते देखा। अत्यंत निंदनीय।’ अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार के ट्वीट में लिखा है, सत्ता पक्ष का सांसद एक दलित अधिकारी को मारे या उनका कार्यकर्ता किसी डॉक्टर को, तब भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
न ही विपक्ष के नेताओं के बारे में फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ। वहीं आईएएस व आईपीएस की आपसी छींटाकशी को लेकर भी सरकार सुविधानजक चुप्पी साधे है। इससे पहले अखिलेश यादव ने बुधवार को किए ट्वीट में सांसद सुब्रत पाठक पर रासुका लगाने की मांग की थी। मंगलवार को घटना के कुछ समय बाद ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।