लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले समाजवादी पार्टी में मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। चुनावी जंग के बीच पार्टी में उठी हलचल ने सपा मुखिया एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव को मजबूरन एक बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। पार्टी में घमासान पर सपा मुखिया ने प्रत्याशी सहित कई नेताओं को तलब किया है।
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अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
उन्नाव में समाजवादी पार्टी में चल रही धड़ेबाजी की शिकायतों पर शुक्रवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रत्याशी व पूर्व विधायकों और कुछ पदाधिकारियों को तलब किया। अचानक बुलावा आने से प्रत्याशी को चुनाव कार्यालय का उद्घाटन भी टालना पड़ा। सपा की ओर से प्रयागराज की पूर्व विधायक पूजा पाल को प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद से ही एक धड़े की कार्यशैली से पार्टी के अधिकांश लोग असंतुष्ट थे।
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अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : ट्विटर
इसे लेकर कई दिनों से खींचतान चल रही थी। सपाइयों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को इसकी जानकारी दी। चुनाव संयोजन में अव्यवस्था और खींचतान से नाराज पार्टी अध्यक्ष ने प्रत्याशी, कुछ पूर्व विधायकों और संगठन के लोगों को शुक्रवार सुबह दस बजे लखनऊ तलब किया।
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समाजवादी रथ में मुलायम सिंह के साथ अखिलेश यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
करीब दो घंटे तक चली बैठक में विवाद और अंतरकलह को समाप्त करने के लिए पूर्व विधायकों को उनके क्षेत्र का चुनाव प्रभारी बना दिया है। उन्होंने पूर्व विधायकों से कहा कि अब अपने-अपने क्षेत्र में काम करें इससे पार्टी को उनकी क्षमताओं का आकलन भी हो जाएगा।
तस्वीर में बायें से अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव, आजम खां व डिंपल यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
जहां सपा के पूर्व विधायक नहीं हैं वहां पूर्व प्रत्याशी और संगठन के कुछ लोगों को प्रत्याशी के प्रचार, जनसंपर्क और चुनाव जिताने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बैठक के दौरान ही पार्टी मुखिया ने एक माननीय के पर भी कतरे जो जिले में चर्चा का विषय बना है। सपा के मीडिया प्रभारी प्राचींद्र मिश्रा ने बताया कि प्रत्याशी के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन शुक्रवार को होना था जो किन्ही कारणों से टल गया। अब उद्घाटन शनिवार को किया जाएगा।