पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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‘विकास’ पूछ रहा है: पता है बाकी तीन चरणों का चुनाव किसके बीच होगा? हम बताते हैं, ये त्रस्त गरीब, दुखी किसान, बेरोज़गार युवा असुरक्षित महिला और परेशान व्यापारी के प्रति असंवेदनशील अहंकारी भाजपा तथा नामांकन रद्द किए गये सच्चे चौकीदार के बीच होगा... मतलब ‘मोटी खाल बनाम पतली दाल’।