देश के कई राज्यों में करेंसी की कमी होने से सियासी गलियारे में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कई प्रश्न खड़े किए है।
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अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने देश में करेंसी की कमी को लेकर कहा कि वर्तमान सरकार ने सबसे अधिक मात्रा में करेंसी की छपाई की है फिर भी एटीएम में नहीं है तो नकद कहां है?
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अखिलेश यादव
- फोटो : ANI
इतना ही नहीं अखिलेश ने कहा कि 'क्या सरकार के निर्देश पर वापस लिया जा रहा है। अखिलेश यादव ने कहा कि कागज, स्याही और मशीनों को विदेश से लाया गया था, तब भी नकदी की कमी आई है। मुझे लगता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र है।
आपको बता दें कि नोटबंदी के बाद रिजर्व बैंक ने करेंसी की किल्लत खत्म करने के लिए दो हजार रुपये के नोटों की बंपर सप्लाई की थी। नतीजा ये हुआ कि किल्लत तो कम हुई, लेकिन लोगों की तिजोरी में पहुंचे नोट वापस नहीं आए। यह स्थिति नोटबंदी के छह माह बाद ही स्पष्ट हो चुकी थी। अप्रैल 2017 में अमर उजाला ने बैंकों की पड़ताल के बाद खुलासा किया था कि दो हजार रुपये के नोट बैंकों में लौट नहीं रहे हैं। रिजर्व बैंक ने नोटों की जमाखोरी को स्वीकार किया और जुलाई 2017 में दो हजार रुपये के नोटों की आपूर्ति ठप कर दी। बैंकों के सूत्र बताते हैं कि रिजर्व बैंक ने अगस्त 2017 से दो हजार रुपये के नोट बैंकों को नहीं दिए।