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लैपटॉप पर काम करने के बाद कनपटी में मार ली गोली

Sat, 14 Apr 2018 08:36 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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बेटे के साथ लिपिक शशिकांत गौतम की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कन्नौजः शराब के नशे में सीजेएम कोर्ट में तैनात लिपिक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर पहुंची पत्नी वहां का मंजर देख उसके होश उड़ गए। मकान मालिक और पड़ोसियों की मदद से उसने गंभीर हालत में पति को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके से तमंचा और दो खोखे बरामद किए हैं। पुलिस ने लिपिक व उसकी पत्नी के मोबाइल और लैपटॉप को कब्जे में लेकर जांच शुरू की है। 

 
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छत पर फैला खून - फोटो : अमर उजाला
उन्नाव के दरोगा बाग निवासी शशिकांत गौतम (32) पुत्र राजाराम सीजेएम कोर्ट कन्नौज में लिपिक था। वह अपनी पत्नी ऊषा, छह वर्षीय बेटा निक्की व चार वर्षीय बेटे छोटू के साथ सरायमीरा में देविन टोला निवासी राम प्रसाद के मकान में किराये पर रहता था। शशिंकांत गौतम अक्सर शराब के नशे में घर जाते थे। शुक्रवार रात करीब साढ़े 11 बजे नशे की हालत में वह लैपटॉप और 315 बोर का तमंचा लेकर मकान की तीसरी मंजिल पर गए थे।

लैपटॉप पर कुछ काम करने के बाद उन्होंने तमंचे से एक हवाई फायर किया, इसके बाद अपनी कनपटी में गोली मार ली। गोली की आवाज सुनते ही उनकी पत्नी ऊषा मौके पर पहुंची और शशिकांत को देखकर चीख-पुकार करते हुए मकान मालिक और पड़ोसियों को जानकारी दी। आननफानन उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। इधर, मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर कोतवाल एके सिंह पहुंचे। छत पर रखा लैपटॉप और तमंचा समेत जमीन पर पड़ा और एक तमंचे में फंसा खोखा बरामद किया।

 
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शशिकांत गौतम के कमरों में लगा ताला - फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा कोतवाल लिपिक और उनकी पत्नी के मोबाइल को भी कब्जे में लिया है। कोतवाल एके सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी ऊषा सिंह ने पति के शराब के नशे में गोली मारकर आत्महत्या करने की तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर उन्नाव के लिए रवाना हो गए। कोतवाली प्रभारी के मुताबिक, अभी तक की जांच के बाद आशंका है कि शशिकांत गौतम ने गृह कलह के चलते खुदकुशी की है। अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।


लिपिक के आत्महत्या करने पर उसके दोस्त, साथी कर्मचारी और पड़ोसी असमंजस में हैं। उनके सहज व्यवहार को समझने वाले लोग आत्महत्या के पीछे कोई बड़ा कारण बताकर चर्चाएं कर रहे हैं। फिलहाल यह किसी के भी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जो उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी। 

 उन्नाव के दरोगा बाग निवासी शशिकांत गौतम 2009 से सीजेएम कोर्ट में तैनात थे। इससे पहले वह शहर के चौधरी सराय में किराये के मकान में रहते थे। करीब ढाई साल पहले ही देविन टोला सरायमीरा निवासी राम प्रसाद के मकान में पत्नी ऊषा और दो बेटों के साथ आए थे। पड़ोसियों के अनुसार, इससे पहले वह रोडवेज में परिचालक थे। तभी बस्ती जनपद की रहने वाली ऊषा से उन्हें प्रेम हो गया। वर्ष 2008 में उन्होंने प्रेम विवाह किया था। शादी के एक साल बाद 2009 में कोर्ट में लिपिक की उन्हें नौकरी मिल गई थी।  
 
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बेटे के साथ लिपिक शशिकांत गौतम की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कोतवाली प्रभारी एके सिंह ने बताया करीब तीन सालों से पति और पत्नी के बीच कलह होने लगी और शशिकांत अक्सर शराब पीकर घर जाने लगा। मकान मालिक राम प्रसाद के अनुसार, करीब 20 दिन से शशिकांत शराब पीना बंद किए थे। शुक्रवार शाम पत्नी और बच्चों के साथ वह स्कूटी से बाजार गए थे। लौटने के बाद कहीं चले गए थे। अचानक साढ़े 11 बजे गोली मार लेने की जानकारी मिलते ही वह हैरत में पड़ गए। फिलहाल शशिकांत के आत्महत्या को लेकर कई चर्चाएं हैं।

लैपटॉप में मिल सकता है सुराग
लिपिक की पत्नी ऊषा ने पुलिस को बताया रात में जब पति शशिकांत घर लौटे तो उन्हें महसूस तक नहीं हुआ कि उनके दिमाग में क्या चल रहा है। कुछ देर नीचे रुकने के बाद लैपटॉप लेकर ऊपर चले गए। तमंचा उनके पास कहां से आया, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। लैपटॉप पर काम करते अचानक दिमाग में जाने क्या आया, कि उन्होंने इतना बड़ा कदम उठा लिया। कोतवाली की माने तो जांच के बाद लैपटॉप और मोबाइल की मदद से जरूर कुछ ठोस कारण हाथ लगेगा।
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