कानपुर पुखरायां रेल हादसे के तीन दिन गुजर चुके हैं लेकिन ‘दर्द कहानियां’ आज भी जिंदा हैं। दुर्घटनास्थल पर यात्रियों का बिखरा पड़ा सामान उस भयानक मंजर की याद दिला देता है। टिफिन में रखी रोटियां सूख चुकी हैं, कोल्ड्रिंक की आधी खाली बोतलें अब आवारा जानवरों की प्यास बुझा रही हैं।
विज्ञापन
फोरेन्सिक टीम पहुंची जांच करने
2 of 5
दुर्घटनास्थल पर जांच करती फोरेन्सिक टीम
- फोटो : त्रिपुरेश अवस्थी
रेल दुर्घटना की जांच के लिए दिल्ली और इलाहाबाद से आई फोरेन्सिक टीम बुधवार सुबह से ही घटनास्थल पर पहुंच गई। इस दौरान टीम ने वीडियो और फोटोग्राफी भी की। इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपी जायेगी।
विज्ञापन
बिखरे पड़े इंदौर-पटना एक्सप्रेस के पुर्जे
3 of 5
बिखरे पड़े बोगियों के पुर्जे
- फोटो : अमर उजाला
दुर्घटनाग्रस्त इंदौर-पटना एक्सप्रेस के पुर्जे आज भी बिखरे पड़े हैं। घटनास्थल पर अभी भी पूरी सुरक्षा बरती जा रही है। किसी बाहरी व्यक्ति को कोई भी सामान नहीं छूने नहीं दिया जा रहा है।
आज भी दर्ज हुए बयान
4 of 5
रेल दुर्घटना से संबंधित लोगों से बयान लेते बोर्ड के अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
बुधवार को कानपुर सेट्रल के डीआरएम ऑफिस में रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने हादसे से संबंधित लोगों के लिखित बयान दर्ज किए। ट्रेन ड्राइवर, सहायक ड्राइवर और झांसी के लोको इंस्पेक्टर से दिनभर लंबी पूछताछ की। रेल हादसे के हरेक बिंदु पर जांच करने के बाद एक महीने में रिपोर्ट रेल मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंपी जाएगी।
बयान देने के लिए डीआरएम ऑफिस के बाहर बैठे रेलकर्मी
5 of 5
हादसे के संबंध में बयान देने आये रेलवे कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
बयान देने के लिए कानपुर सेंट्रल के डीआरएम ऑफिस के बाहर बैठे रेलकर्मियों ने कहा है कि पटरी भी चटकी थी। लेकिन मरम्मत के बाद उसपर ट्रेनें निकाली जा रही थीं। उधर रेलवे बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि घटना के संबंध पूरी रिपोर्ट फोरेन्सिक जांच होने के बाद ही पता चल पायेगी।