इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे के मामले में मंगलवार को रेलवे ने पहली कार्रवाई की। झांसी मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) एस. के. अग्रवाल को हटा दिया गया है। उनका स्थानांतरण रांची कर दिया गया है। साथ ही पांच वरिष्ठ अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दो अवर अभियंताओं को भी सस्पेंड किया गया है। कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है। अागे पढ़िए निलंबित किए गए जिम्मेदाराें के नाम...
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डीजी रेलवे ने कहा 24 घंटे में देंगे प्रारंभिक जांच रिपोर्ट
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हादसे की जांच करते डीजी रेलवे गोपाल गुप्ता साथ में पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे बोर्ड ने मंगलवार को झांसी-कानपुर ट्रैक सामान्य होते ही एक्शन शुरू कर दिया है। पहले चरण में रेलवे बोर्ड के निदेशक एके सेन ने मंडल रेल प्रबंधक एसके अग्रवाल को हटा दिया। उनको साउथ ईस्टर्न रेलवे के रांची डिवीजन में डीआरएम पद पर भेजा गया है। उनकी जगह इलाहाबाद से एके मिश्रा को तैनात किया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता नाबिद तालिब, मंडल अभियंता नॉर्थ (लाइन) मनोज मिश्रा और वरिष्ठ खंड अभियंता (सीएंडडब्ल्यू) भरत चौरसिया सहित दो अवर अभियंताओं को सस्पेंड किया गया है। इन अधिकारियों और अभियंताओं को भी रेल हादसे का जिम्मेदार माना गया है।
उधर मंगलवार काे मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त पीके आचार्या की अध्यक्षता में जांच दल कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंची। यहां रेल हादसे से संबंधित कर्मचारियों और लोगों के बयान ले रहे हैं। पटना-इंदौर एक्सप्रेस के ड्राइवर जलत शर्मा से मिनट टू मिनट की डिटेल मांगी जा रही है। जांच टीम के सामने ट्रेन का ड्राइवर जलत शर्मा अाैर असिस्टेंट ड्राइवर उमेश पुराेहित पेश हुए। उमेश पुरोहित और गार्ड अजय श्रीवास्तव ने कहा कि लोड बढ़ गया था। इसकी सूचना भी दी गई। पटरियों के डैमेज होने जैसी कोई भी जानकारी नहीं मिली थी।
डिप्टी सीटीएम ऑफिस में एक-एक करके बुलाये गए रेलकर्मी
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डिप्टी सीटीएम ऑफिस के बाहर खड़े रेलवे हादसे से संबंधित कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर सेंट्रल के प्लेटफार्म नंबर एक पर बने डिप्टी सीटीएम के ऑफिस में रेल हादसे से जुड़े सभी कर्मचारियों के बयान डीजी और सीआरएफ ले रहे हैं। जांच के दौरान एक-एक करके रेल हादसे से संबंधित कर्मचारी को बुलाकर बयान दर्ज किये गये। सभी से उनका पक्ष पूछा गया।
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कोच बी-3 में गड़बड़ी थी या नहीं?
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हादसे के संबंध में बयान लेते रेलवे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
इंदौर-पटना एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे एक कारण इसमें अधिक लोड भी माना जा रहा है। ट्रेन में इंदौर से क्षमता से ज्यादा बोगियां लगाई गई थीं। 22 बोगियों की क्षमता वाली इस एक्सप्रेस ट्रेन में हादसे वाले दिन 23 बोगियां लगी थीं। अतिरिक्त कोच बी-3 था, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। इसके पीछे एस-1 कोच था। इन कोचों में ही यात्रियों को खड़खड़ की आवाज के साथ हिचकोले लग रहे थे।
ट्रेन के ड्राइवर के बयान सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माने गये, इस वजह से ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई
- फोटो : अमर उजाला
इससे आशंका है कि अतिरिक्त कोच में कुछ गड़बड़ी थी। ड्राइवर जलत शर्मा के मुताबिक इंजन का मीटर लोड ज्यादा बता रहा था क्योंकि अतिरिक्त कोच लगा दिया गया था। जांच टीम ने ड्राइवर, टीटी, गार्ड, गेटमैन, लाइनमैन सबके बयान रिकॉर्ड कर लिये गए हैं। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आज या कल में रेलवे बोर्ड को दे दी जायेगी।