चित्रकूट में कुख्यात डाकू बबुली व लवलेश के मारे जाने के बाद से लगातार गैंग के बचे सदस्य नाटकीय तरीके से पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं। सतना पुलिस टीम ने शनिवार की सुबह तीस हजार के इनामी डाकू लाले कोल को जिले की सीमा क्षेत्र से सटे मप्र के धारकुंडी थानाक्षेत्र के लेदरी के ही जंगल के पास से दबोच लिया है।
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बबुली कोल और लवलेश कोल की मौत
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस अधीक्षक सतना ने बताया कि यह डाकू 15 सितंबर की रात को मुठभेड के दौरान मौजूद था और गोलियां चलते ही यह भाग गया था। दो दिन पूर्व चित्रकूट जिले के मानिकपुर थानाक्षेत्र के कल्याणपुर जंगल में मुठभेड़ के दौरान डाकू बबुली कोल गैंग के एक लाख के इनामी डाकू सोहन कोल को असलहों के जखीरे के साथ दबोचा था।
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डकैत बबुली कोल
- फोटो : अमर उजाला
सतना मप्र के एसपी रियाज इकबाल ने बताया कि शनिवार की सुबह पुलिस टीम मारे गए डाकू बबुली गैंग के भागे सदस्यों की तलाश जंगल के पास कर रही थी। इसी बीच धारकुंडी थानाक्षेत्र के लेदरी जंगल से आगे हरषेड गांव की ओर जाते एक युवक को पुलिस ने देखा। संदेह होने पर उसे पुलिस टीम ने रोकने का प्रयास किया तो वह भागने लगा।
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डकैत बबुली कोल और लवलेश कोल
- फोटो : अमर उजाला
जिस पर पुलिस टीम ने उसे घेरकर पकड़ लिया। जिसकी पहचान लाले उर्फ लाली कोल पुत्र मालिक कोल निवासी हरषेड थाना धारकुंडी जिला सतना के रूप में हुई। एसपी ने बताया कि डकैत बबुली कोल गैंग से मुठभेड के बाद से भागे कई डकैतों की तलाश की जा रही थी। जिसमें यह लाले कोल प्रमुख था।
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बबुली कोल को मारने वाली टीम
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के गिरफ्त में आने के बाद इसने बताया कि वह 15 सितंबर की मुठभेड वाली रात गैंग के पास था। गोलियों की तडतडाहट सुनते ही वह जंगल छोडकर भाग आया था। एक दिन पूर्व भी यह अपने गांव आया था तब मां मुन्नी देवी से बताया था कि गैंग में उसे बार बार परेशान किया जाता है। इस डाकू पर दो मुकदमें हैं और तीस हजार का इनाम घोषित है।
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डकैत बबुली कोल और लवलेश कोल की मौत
- फोटो : अमर उजाला
कुछ दिन पूर्व ही हरषेड गांव से किसान के अपहरण में भी यह साथ था। अब इसे अदातल से दो दिन की रिमांड पर लेकर पूरी घटना व बचे गैंग के सदस्यों के बारे में जानकारी की जाएगी। इस दौरान डाकू लाले कोल से पुलिस अधिकारियों ने किसी की बातचीत नहीं होने दी। उसका मुंह भी ढका रखा था।
गौरतलब है कि इसी डाकू लाले की मां ने 16 सितंबर को डाकू बबुली व लवलेश के मारे जाने के बाद दावा किया था कि लाले ने दोनों को मारा है और रात में घर आकर बताया था। इसके बाद पुलिस में आत्मसमर्पण कर दिया है। जिस पर एसपी ने बताया कि कुछ नियम कानून के चलते मुंह ढकना पड़ता है। इस डाकू ने आत्मसमर्पण नहीं किया था।