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यूपी: 65 दिन बाद नहीं मिला भाई का शव तो धरने पर बैठी संजीत की बहन, घसीटते हुए ले गई कानपुर पुलिस

Wed, 26 Aug 2020 02:16 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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संजीत की बहन को घसीटकर ले जाती पुलिस - फोटो : amar ujala
संजीत अपहरण एवं हत्याकांड में न्याय की गुहार लगा रहे परिजनों के सब्र का बांध मंगलवार सुबह एक बार फिर टूट गया। जिसके बाद परिजन बर्रा के शास्त्री चौक पर धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी होते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी लोगों को हिरासत में लेकर नजरबंद कर दिया है।
 

 

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पुलिस ने किया नजरबंद - फोटो : amar ujala
संजीत अपहरण और हत्याकांड में सीबीआई जांच, एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद, फिरौती में दी रकम की बरामदगी और बेटी की सरकारी नौकरी की मांग को लेकर मंगलवार सुबह संजीत के परिजन शास्त्री चौक पर अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। सूचना मिलते ही जनता नगर चौकी और थाने की पुलिस मौके पर आ गई।
 

 

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चीखती रही संजीत की बहन कोई मदद को नहीं आया - फोटो : amar ujala
पुलिस ने जांच जारी होने का भरोसा देते हुए परिजनों को समझाने का प्रयास किया तो लोग भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देखकर सीओ गोविंद नगर विकास कुमार पांडेय सर्किल की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू होने पर पुलिस ने पिता चमन सिंह और बहन रुचि को धरने से खींचकर उठाया और फिर घसीटते हुए ले गए।
 

 

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पुलिस ने जीप में बैठाकर थाने भेजा - फोटो : amar ujala
पुलिस के काफी समझाने के बाद भी जब परिजन नहीं माने तो पुलिस ने पिता चमन और बहन रुचि को जबरन गाड़ियों में बैठा लिया और हिरासत में लेकर नजरबंद कर दिया। इस बीच संजीत की बहन आसपास से गुजर रहे लोगों से मदद की गुहार लगाती रही उसने कहा कि कोई तो मदद करो मदद करो भैया नहीं तो यह लोग मार डालेंगे।

 

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संजीत की बहन को पुलिस ने किया नजरबंद - फोटो : amar ujala
यह है मामला
लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का 22 जून को अपहरण हुआ था। 29 जून को उसके परिवारवालों के पास फिरौती के लिए फोन आया। 30 लाख रुपये फिरौती मांगी गई थी। परिवारवालों ने पुलिस की मौजूदगी में 30 लाख की फिरौती दी थी। लेकिन न तो पुलिस अपहरणकर्ताओं को पकड़ पाई, न संजीत यादव को बरामद कर सकी। 21 जुलाई को जब पुलिस ने सर्विलांस की मदद से संजीत के दो दोस्तों को पकड़ा तो पता चला कि उन लोगों ने संजीत की 26 जून को हत्या कर दी।

 
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जबरन जीप में बैठालती पुलिस - फोटो : amar ujala
शव को पांडु नदी में फेंक दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले में एक आईपीएस समेत 11 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। पुलिस ने पांडु नदी में कई बार लगातार सर्च अभियान चलाया, लेकिन संजीत का शव नहीं मिला। बाद में सरकार ने इस मामले की जांच को सीबीआई को सौंपने का फैसला किया था लेकिन जांच अभी शुरू नहीं हो सकी है जिसको लेकर परिजनों में आक्रोश है।
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