प्यार की अनोखी दास्तान, हिंदी सिनेमा की हिट फिल्म ‘तीसरी कसम’ 1966 में रिलीज हुई। फिल्म को उस दौरान बॉक्स ऑफिस पर सफलता नहीं मिली लेकिन बाद में इसकी कहानी का जादू दर्शकों के दिलों पर छा गया। फिल्म का निर्माण गीतकार शैलेंद्र ने किया था। फिल्म में अभिनेत्री हीराबाई कानपुर की निवासी दिखाई गई हैं। जो कहीं न कहीं थियेटर आर्टिस्ट गुलाब बाई के जीवन से प्रेरित कहानी बताई गई थी।
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कानपुर की हीराबाई
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वहीदा रहमान जन्मदिन विशेष
फिल्म तीसरी कसम में अभिनेत्री वहीदा रहमान का नाम हीराबाई है और उन्हें कानपुर की निवासी बताया गया है। उन्हें इस फिल्म के लिए 1967 में बंगाल फिल्मी पत्रकार संघ पुरस्कार दिया गया। यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सेष्ठतम फिल्मों में से एक है।
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हिंदी सिनेमा में मील का पत्थर है ‘तीसरी कसम’
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वहीदा रहमान जन्मदिन विशेष
फिल्म तीसरी कसम बासु भट्टाचार्य के निर्देशन में बनी है। यह फिल्म हिन्दी सिनेमा में मील का पत्थर मानी जाती है। फिल्म प्यार की अनोखी दास्तान हैं। इस अद्भुत प्रेम कहानी को पर्दे पर राजकपूर और वहीदा रहमान ने उतारा।
हीरामन और हीराबाई की प्रेम कहानी है फिल्म
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वहीदा रहमान जन्मदिन विशेष
फिल्म में हीरामन एक गाड़ीवान हैं। हीराबाई नौटंकी में अभिनय करने वाली एक खूबसूरत अदाकारा हैं। फिल्म में नायक हीरामन एक सीधा सादा ग्रामीण युवक है। हीरामन 20 साल से बैलगाड़ी हांकता आ रहा है और इस कला में उसे महारत हासिल है।
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बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री वहीदा रहमान
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वहीदा रहमान जन्मदिन विशेष
वहीदा रहमान का जन्म 3 फरवरी 1938 में आन्ध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हुआ। उन्हें बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री माना जाता है। अभिनय के क्षेत्र में बेमिसाल प्रदर्शन के लिए उन्हें कई अवार्ड भी मिले।
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इन बड़ी फिल्मोें में किया काम
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वहीदा रहमान जन्मदिन विशेष
वहीदा रहमान ने हिंदी ही नहीं अंग्रेजी व बंगाली फिल्मों में भी काम किया है। हिंदी सिनेमा की 2005- रंग दे बसंती, 1989- चांदनी, 1982- नमक हलाल, 1976- कभी-कभी, 1966- तीसरी कसम, 1965- गाइड, 1962- साहिब बीबी और गुलाम, 1967- पत्थर के सनम, 1960- चौदहवीं का चांद, 1960- काला बाजार, 1956- कागज के फूल, 1957- प्यासा जैसी बड़ी फिल्मों में काम किया है। 2005 में अंग्रेजी फिल्म 15 पार्क एवेन्यू व 1962 में बंगाली फिल्म अभियान में भी अभिनय किया।
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ये पुरस्कार मिले
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वहीदा रहमान जन्मदिन विशेष
- 1969 में नीलकमल फिल्म के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार।
- 1967 गाइड फिल्म के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार।
- 1972 अभिनय के लिए पद्म श्री ।
- 2011 पद्म भूषण पुरस्कार ।
- 1972 नागरिक सम्मान ।
- 1971 रेश्मा और शेरा फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार ।
- 1994 फिल्मफेयर लाइफटाइम एचीवमेंट अवार्ड ।
- 2006 एनटीआर राष्ट्रीय पुरस्कार ।
हिंदी सिनेमा की सदाबहार अभिनेत्री वहीदा रहमान अपने जीवन के 80 साल पूरे कर चुकी हैं। 1950 से लेकर 1970 का समय हिंदी सिनेमा का स्वर्ण काल माना जाता है। इस समय के कलाकारों में से एक वहीदा रहमान भी हैं। लंबे अर्से तक उन्होंने हिंदी सिनेमा के दर्शकों को आपनी मासूमियत, खूबसूरती और बेहतरीन अभिनय से बांधे रखा।