बिकरू कांड में एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद दोषी अफसरों पर कार्रवाई तय है। सूत्रों के अनुसार जिन भी सरकारी अधिकारियों के नाम एसआईटी की रिपोर्ट में दिए गए हैं और जिनको चेतावनी देने की संस्तुति की गई है। उन सबकी आर्थिक स्थितियों के बारे में भी जानकारी जुटाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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विकास दुबे केस: बिकरू कांड में फंसे कई पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
जांच रिपोर्ट में एसआईटी ने करीब 60 अधिकारियों को दहशतगर्द विकास दुबे का सहयोगी बताया है। वहीं 30 ऐसे अधिकारी भी हैं, जिन्हें चेतावनी देने की संस्तुति की गई है। शासन ने खुफिया विभाग को इनके पीछे लगाया है। विकास के अलावा और कौन-कौन से अपराधी रहे हैं। जिनकी कभी न कभी इन लोगों ने मदद की है, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। एसटीएफ को खुफिया विभाग का सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं।
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विकास दुबे केस: एसआईटी ने शासन को सौंपी रिपोर्ट
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बिकरू कांड की एसआईटी जांच रिपोर्ट में कई बड़े अफसरों पर कार्रवाई की सिफारिश हुई है। इसमें शहर में रह चुके चार आईपीएस (दो एसएसपी) और पीपीएस अफसर के अलावा जिला पूर्ति अधिकारी, तहसीलदार से लेकर पुलिस प्रशासन के कई अफसर शामिल हैं। जय बाजपेई जिन-जिन अफसरों का खास रहा, उनको भी एसआईटी ने दोषी माना है।
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विकास दुबे केस: एसआईटी की रिपोर्ट से मचा हड़कंप
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चार आईपीएस में वो आईपीएस भी शामिल हैं जो यहां एसपी पश्चिम रहे हैं और वर्तमान में एक जिले के एसएसपी हैं। बिकरू कांड की जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद हड़कंप मच गया है। सूत्रों के मुताबिक जिन चार आईपीएस और चार पीपीएस अफसरों को जांच में शामिल किया गया है, उन सभी की अलग-अलग भूमिका साक्ष्यों के तौर पर पेश की गई है।
नाबालिग के मामले में 17 को होगी सुनवाई
बिकरू कांड में आरोपी नाबालिग के वकील शिवाकांत दीक्षित ने बताया कि उनकी तरफ से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दे दिया गया है। जिसमें उन्होंने नाबालिग का पूरा मेडिकल चेकअप और उसकी जान को खतरा होने की बात कही है। इस पर 17 नवंबर को सुनवाई होनी है।