फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी में अपहरण के बाद कत्ल: घर के पास ही इसलिए किराये पर लिया था कमरा, सबके दुलारे आयुष को मारने का था ये कारण

Sat, 24 Jan 2026 02:13 PM IST
शाहरुख खान पवन सिंह, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

यूपी में अपहरण के बाद हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। आरोपियों ने मकान खाली कराने की खुन्नस में वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी इरफान ने छह माह पहले व्यापारी से 25 हजार रुपये उधार लिए थे। आरोपियों ने जानबूझकर व्यापारी के घर के बगल में ही किराये पर कमरा लिया और दुकान खोली थी।
विज्ञापन
1 of 16
businessman son murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
यूपी के चित्रकूट में कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी और किरायेदार इरफान के बीच उधार ली रकम और बकाया किराये को लेकर कई बार कहासुनी हुई। इरफान ने तीन किस्त में रकम लौटाई थी। पांच हजार रुपये नहीं दे पाया था। कई बार मांगने के बाद भी रुपये नहीं मिले तो व्यापारी ने दिसंबर के पहले सप्ताह में ही उससे मकान खाली करा लिया था। पांच हजार रुपये के लिए मकान खाली कराना इरफान को नागवार गुजरा था। 

इसे लेकर वह उससे रंजिश मानने लगा था। जिसके चलते उसने कर्मचारी के साथ मिलकर व्यापारी के बेटे को अगवा और हत्या की साजिश रची। बाबा रमेश चंद्र केसरवानी के अनुसार, आरोपी इरफान अंसारी प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र के कर्मा गांव का रहने वाला है। 
 
विज्ञापन

2 of 16
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या पर फूटा लोगों का गुस्सा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब ढाई साल से उसके बेटे अशोक केसरवानी के घर में किराएदार के तौर पर रह रहा था। पहले दोनों के बीच अच्छे संबंध थे। इसी का फायदा उठाते हुए इरफान ने करीब छह माह पहले अपनी शादी के लिए अशोक से 25 हजार रुपये उधार लिए थे। 
विज्ञापन

3 of 16
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या के बाद मौके पर भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पांच हजार रुपये का नहीं दे पाया था इरफान
इसके अलावा, इरफान पिछले सात माह से मकान का किराया भी नहीं दे रहा था। व्यापारी द्वारा लगातार रुपये की मांग करने पर दोनों के बीच कहासुनी भी हुई थी। इरफान ने तीन किस्तों में 41 हजार रुपये तो चुका दिए थे, लेकिन 5 हजार रुपये का भुगतान नहीं कर पाया था। 

 

4 of 16
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या के बाद मौके पर पुलिस बल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
व्यापारी ने इरफान से खाली करा लिया था मकान
इसी बकाया राशि के कारण व्यापारी ने 10 दिसंबर को इरफान से मकान खाली करा लिया था। इरफान ने जानबूझकर व्यापारी अशोक केसरवानी के बगल वाले घर में, केदार केसरवानी के यहां कमरा किराए पर लिया और दुकान खोली। दुकान से ही उसने व्यापारी के बेटों पर निगरानी रखना शुरू कर दिया था।
 
विज्ञापन

5 of 16
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या पर फूटा लोगों का गुस्सा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घर के सामने और हाईवे पर जाम
पुलिस द्वारा जबरन लोगों को हटाने के बाद परिजनों ने अपने घर के सामने सड़क जाम कर दी। उनकी मांग थी कि दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर उसका एनकाउंटर किया जाए। जब पुलिस ने उन्हें वहां से भी हटाया, तो आक्रोशित परिजनों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया। 
 
विज्ञापन

6 of 16
आयुष की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस जाम के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, वह लोग प्रदर्शन जारी रखेंगे।
 
विज्ञापन

7 of 16
शौचालय में दफन मिला आयुष का शव, आयुष की फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सबका दुलारा आयुष...चाचा के घर भी था खास, था होनहार
शहर के कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के छोटे बेटे आयुष केसरवानी उर्फ छोटू की हत्या परिवार के लिए गहरा सदमा है। परिवार के सदस्यों के अनुसार, आयुष अपने बड़े भाई आदित्य उर्फ ओम केसरवानी से छोटा होने के कारण सभी का दुलारा था। उसकी हत्या से पूरा परिवार गहरे सदमे में है और इस दुख की घड़ी से उबरने का प्रयास कर रहा है। 
 

8 of 16
आयुष के शव को लेकर जाते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छोटा होने के कारण था सभी का दुलारा
अशोक केसरवानी तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके दो छोटे भाई आशीष और विवेक हैं। आयुष का अपने दोनों चाचा के साथ भी गहरा लगाव था और वह अपना काफी समय उनके घर पर भी बिताता था। 
 

9 of 16
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आयुष प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित न्यू सेंट्रल एकेडमी स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। वह पढ़ाई में भी होनहार था और उसके शिक्षकों को उससे काफी उम्मीदें थीं। उसके सहपाठियों और शिक्षकों के लिए भी यह एक बड़ा झटका है।

 

10 of 16
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या के बाद मौके पर भीड़ और पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
छीने मोबाइल से खुला का अपहरण का राज मददगारों की तलाश
छीने गए एक मोबाइल फोन ने आयुष केसरवानी के अपहरण और फिरौती मांगने की घटना का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर की पड़ताल की तो सिम बरगढ़ कस्बा निवासी नत्थू द्वारा इस्तेमाल किए जाने की जानकारी हुई। पूछताछ में नत्थू ने बताया कि उसका मोबाइल दो दिन पहले ही छीना गया था।

11 of 16
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या पर फूटा लोगों का गुस्सा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नत्थू ने पुलिस को बताया कि छीने गए मोबाइल में एक सिम उसकी बेटी के नाम पर था और दूसरा सिम उसकी दुकान में काम करने वाले नौकर की मां के नाम पर था। उसने यह भी बताया कि बृहस्पतिवार को ही उसने अपनी बेटी के नाम वाला सिम संजय केसरवानी की दुकान से नया निकलवाया था और साथ में 12 सौ रुपये में एक नया मोबाइल भी खरीदा था। हालांकि, दूसरा सिम नहीं निकल पाया था। जिसका बदमाशों ने फिरौती मांगने में इस्तेमाल किया।

12 of 16
कारोबारी के बेटे की अपहरण के बाद हत्या पर फूटा लोगों का गुस्सा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घटना के खुलासे के बाद पुलिस ने मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया और सिम के मालिक का पता लगाया। नत्थू की जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि इरफान और उसके कर्मचारी के अलावा कुछ और लोग भी इनके मददगार रहे हैं। हालांकि अब तक मददगारों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। वहीं नत्थू के बारे में छानबीन की जा रही है। पुलिस ने उसे अभी क्लीनचिट नहीं दी है।

13 of 16
businessman son murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कल्लू एनकाउंटर में ढेर कई मामलों में था वांछित
व्यापारी अशोक के बेटे आयुष केसरवानी के अपहरण और हत्या के मामले में वांछित कल्लू को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। कल्लू के खिलाफ प्रयागराज के घूरपुर और पीलीभीत के थानों में कई गंभीर मामले दर्ज थे। प्रयागराज के घूरपुर थाने में कल्लू के खिलाफ वर्ष 2020 में मारपीट के दौरान हत्या, छेड़खानी और जान से मारने की धमकी देने से संबंधित तीन प्राथमिकी दर्ज थीं। 

14 of 16
businessman son murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
इसके अलावा, पीलीभीत के सदर कोतवाली में भी उसके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज था। यहां भी उसने एक किशोर का अपहरण कर हत्या को अंजाम दिया। जांच में यह भी सामने आया है कि उसने हर मामले में अलग-अलग पते और नाम दर्ज कराए थे।

15 of 16
Businessman son murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
इरफान के साथ रिश्तेदारों का ठिकाना बना बरगढ़
आयुष केसरवानी के अपहरण और हत्या मामले में मुख्य आरोपी इरफान के भाई नौशाद ने बरगढ़ को अपना ठिकाना बना लिया है। नौशाद कई वर्षों से बरगढ़ में रहकर चूड़ी और विसात खाने की दुकान चला रहा है। मुख्य आरोपी के परिवार के सदस्य भी अपनी जड़ें जमा चुके हैं। 
विज्ञापन

16 of 16
घर के बाहर मौजूद परिजन और ग्रामीण - फोटो : amar ujala
नौशाद के अलावा, इरफान का बहनोई शानू भी बरगढ़ में है। शानू एक वाहन चालक के तौर पर काम करता है और बरगढ़ के एक निजी अस्पताल में एंबुलेंस के साथ-साथ अस्पताल मालिक की कार भी चलाता है। नौशाद ने अपने ही गांव के निवासी कल्लू को भी अपनी दुकान में काम पर रखा हुआ है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें