कानपुर क्राइम ब्रांच ने निवेश के नाम पर साइबर ठगी करने वाले तीन शातिरों को शनिवार को धर दबोचा। गिरोह का मास्टरमाइंड चीन का है, जो अपने देश में बैठकर भारतीयों को चपत लगा रहा है। अब तक यह गिरोह देश में 100 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुका है। चीन का गिरोह बेहद शातिर है। यह गिरोह निवेश के नाम पर ठगने के अलावा लोन देने और ऑनलाइन गेमिंग के जरिये भी लोगों को चूना लगा रहा है। चीनी एप डाउनलोड कराकर छोटा-छोटा लोन देता है, इसके बाद दोगुना रकम वापस मांगता है। न देने पर अश्लील फोटो वायरल कर ब्लैकमेल करता है। क्राइम ब्रांच को इस संबंध में पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। वहीं जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उनमें एसएमएस फॉरवर्डिंग लगाकर ओटीपी हांगकांग में बैठे गिरोह के सदस्यों के मोबाइल पर पहुंचाया जाता है। हांगकांग में भारत के 2500 मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। एटीएस अपने स्तर से तफ्तीश कर रही है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
चीनी एप डाउनलोड करते ही आपका डाटा ठगों के हाथ
डीसीपी क्राइम ने बताया कि लोन देने के नाम पर कई तरह से ठगी कर रहे हैं। 10-15, 20 हजार रुपये के लोन देते हैं। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कराते हैं। लोन के लिए एक दो विशेष एप हैं जो डाउनलोड करवाते हैं। इन एप को डाउनलोड करते ही ग्राहक के फोन का पूरा डाटा ठगों के पास पहुंचाता है। इसमें व्हाट्सएप चैट, वीडियो, फोटो, मोबाइल नंबर आदि शामिल हैं। इसके बाद लोन की दोगुनी रकम वापस मांगते हैं। विरोध करने पर वह फोटो एडिट कर वायरल करने की धमकी देते हैं। इस तरह से ये ठग ब्लैकमेलिंग का बड़ा खेल करते हैं। केंद्रीय जांच व सुरक्षा एजेंसियां भी इस वक्त इसके खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर रही हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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ऑनलाइन गेमिंग से इस तरह कर रहे ठगी
शातिर ठग ऑनलाइन गेम की वेबसाइट बनाते हैं। जब उसमें लोग रकम लगाते हैं तो पैसे बढ़ने लगते हैं। लालच में आकर लोग अधिक पैसा लगाना शुरू करते हैं। जब एक वेबसाइट के जरिये कई लाख रुपये ठगों के पास ट्रांसफर हो जाते हैं तो वेबसाइट को क्रैश करवा देते हैं। पूरी रकम पार कर लेते हैं।
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दो के खातों में 27 करोड़ का लेनदेन मिला
जिन तीन शातिरों को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है, उनके बैंक खाते भी खंगाले हैं। जिससे पता चला कि पिछले एक वर्ष में 27 करोड़ रुपये का लेनदेन इनके खातों से हुआ है। जो चार आरोपी पिछले महीने जेल भेजे गए थे, उनके खातों से 10 करोड़ का लेनदेन मिला है। गिरोह के एक दर्जन से अधिक चिह्नित सदस्य अभी फरार हैं। संभावना है कि सौ करोड़ से अधिक की ठगी की गई है। हालांकि अगर पूरा नेटवर्क पकड़ा गया तो यह रकम और अधिक हो सकती है।
नेपाल में चीनी ठग करता था बैठक
कई भारतीय सदस्य चीनी ठग से मुलाकात कर चुके हैं। वह नेपाल में मीटिंग करता रहा है। अभी तक की मिली जानकारी के मुताबिक भारत के अलावा कई अन्य देशों में उसका नेटवर्क है। दो साल से एटीएस हांगकांग में सक्रिय भारतीय नंबरों के बारे में तफ्तीश कर रही है। क्राइम ब्रांच के खुलासे से उस जांच की कड़ी इससे जुड़ गई है। जानकारी के मुताबिक चीनी ठग एक खास मैसेज फॉरवर्डिंग एप का इस्तेमाल करते हैं। उसी के जरिये इन भारतीय नंबरों पर ओटीपी पहुंचता है। यहां से वह ट्रेस नहीं हो पाता।