एक्सप्रेस-वे पर सुबह पांच बजे जब कार से टकराकर बस खाई में गिरी तो ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे। तेज धमाके जैसी आवाज के बाद बस खाई में गिरी तो यात्रियों को लगा भूकंप आ गया। उन्हें समझ ही नहीं आया कि अचानक क्या हो गया। घायलों की चीख-पुकार से सुबह का सन्नाटा टूटा।
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कन्नौज एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
यात्री समझ नहीं पा रहे थे कि बस से बाहर कैसे निकलें। महिलाओं व पुरुषों की चीख सुनकर आसपास के गांव के लोग आ पहुंचे। ग्रामीणों ने बसों के शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकालना शुरू किया। पुलिस व यूपीडा के अधिकारी-कर्मचारी भी दो एंबुलेंस से पहुंच गए।
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कन्नौज एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा
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पंद्रह मिनट में एंबुलेंस पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा जाने लगा। एक दूसरे को खून से लथपथ देख बस में चीख-पुकार तेज हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि वे खेत जाने के लिए निकले थे, लोगों को चीखता, मदद के लिए पुकारता सुन पहुंच गए। कोई शीशे से बाहर मदद के लिए झांक रहा था तो कोई दर्द से कराह रहा था। फोन कर और एंबुलेंस को बुलाकर घायलों को अस्पताल भेजा गया।
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कन्नौज एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
हादसे में दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। मेडिकल कालेज में भर्ती 20 वर्षीय विकास ने बताया कि कार में टक्कर मारने के बाद जब बस खाई में गिरी तो उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया और साक्षात मौत दिखाई देने लगी थी। किसी का सिर फटा, तो किसी की नाक से खून बह रहा था तो किसी के हाथ और पैर टूट गए थे।
कन्नौज एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा
- फोटो : अमर उजाला
मौत का मंजर देख यात्रियों के रोंगटे खड़े हो गए। हादसा देख रसूलपुर समेत देवीरपुर, सकरावा, सलेमपुर और मोहद्दीनगर के ग्रामीण पहुंच गए और बस के शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला। पलटी पड़ी जायलो कार के पास भी कुछ लोग पड़े थे। उन्हें भी अस्पताल भेजा गया। सौरिख थाना प्रभारी विजय बहादुर वर्मा ने बताया कि घायलों को अस्पताल भिजवाने के बाद शवों को सीएचसी सौरिख भिजवाया गया।