कानपुर के चकेरी के जाजमऊ से रामादेवी के बीच जेके चौराहे पर शनविार सुबह नेशनल हाईवे रोड का एक हिस्सा डिवाइडर से लगे ग्रीन बेल्ट सहित अचानक धंस गया। इससे डिवाइडर की रेलिंग पार कर रहे एक किशोर की इस गड्ढे में गिरकर मौत हो गई। पुलिस और नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचआई) की टीम मौके पर पहुंची।
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युवक की मौत के बाद रोता बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
भीड़ ने एनएचआई के अफसरों पर लापरवाही का अरोप लगा हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। उधर, मृतक के घरवालों ने एनएचआई के खिलाफ चकेरी थाने में तहरीर दी। इसमें मुआवजे की भी मांग की गई है। जेके प्रथम के तिवारीपुर निवासी चट्टा संचालक नासिर का इकलौता बेटा आसिफ (17) सुबह करीब नौ बजे जेके चौराहे से पहले फ्लाईओवर के नीचे से सर्विस लेन की ओर जाने के लिए डिवाइडर की रेलिंग पार कर रहा था।
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रोते-बिलखते मृतक के परिजन
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उसने जैसे ही सड़क की ओर छलांग लगाई डिवाइडर से लगा ग्रीन बेल्ट का हिस्सा करीब आठ फीट की दूरी में धंस गया। इसके साथ सड़क भी अंदर से खोखली हो गई। जबकि ऊपर की काली परत में सिर्फ दरार आई। आसिफ यहां करीब 20 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा। पास की महिला दुकानदार ने उसे गिरते देख शोर मचाया। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आसिफ को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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कानपुर में अचानक सड़क धंस गई
- फोटो : अमर उजाला
जान जोखिम में डाल गड्ढे में कूदे युवक
सड़क धंसने और किशोर के उसमें गिरने की सूचना पाकर पुलिस और फायर ब्रिगेड का दस्ता पहुंचा। टीम के साथ आए बचाव दल के लोगों ने गड्ढे से जहरीली गैस निकलती देख अंदर घुसने से इंकार कर दिया। इस पर आसिफ के पड़ोसी रफीक और शिवा ने जान जोखिम में डालकर गड्ढे में छलांग लगा दी। दोनों के लिए फायर ब्रिगेड के जवानों ने सीढ़ी डाली तो वह छोटी पड़ी गई। इसके बाद तीस फीट लंबी सीढ़ी डालकर आसिफ के साथ दोनों को बाहर निकाला गया।
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कानपुर में अचानक सड़क धंस गई
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नाले के ऊपर बना दी जानलेवा रोड
हादसे से आक्रोशित इलाके के लोगों ने घटनास्थल पर हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि करीब 20 साल पहले यहां से नाला बहता था। एनएचआई ने नाले को ढंग से पाटे बिना सड़क बना दी। इससे सड़क के नीचे की मिट्टी धीरे-धीरे कटती गई और अचानक यह हादसा हो गया। गनीमत रही कि यहां कोई गाड़ी नहीं गुजर रही थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। भीड़ ने एनएचआई टीम पर हमला करने का भी प्रयास किया, लेकिन बड़ी संख्या में मौजूद पुलिस ने डंडा पटककर लोगों को खदेड़ दिया।
फ्लाईओवर का पिलर बाल-बाल बचा
हाईवे पर जहां आठ फीट लंबा और 20 फीट गहरा गड्ढा हुआ, उससे महज दस मीटर दूर फ्लाईओवर का पिलर है। कटान अधिक होने पर पुल का यह पिलर भी चपेट में आ सकता था। बड़ी दुर्घटना की आशंक में एचएनआई ने बैरियर लगाकर सर्विस लेन बंद कर दी। पुल की भी निगरानी हो रही है।