उन्नाव विधायक कुलदीप सिंह प्रकरण में किरकिरी करा चुका जेल प्रशासन बिहार थाना क्षेत्र में जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के मामले में पूरी तरह सतर्क है। वहीं आरोपियों के परिजनों ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। डीजी जेल से लेकर निचले स्तर तक के सभी अधिकारी जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। आरोपियों को जेल में किसी तरह की विशेष सुविधा न मिल पाए, इसके लिए जेल के अधिकारियों ने भी सभी को कड़ी चेतावनी दे दी है।
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उन्नाव कांड के बाद लोगों में गुस्सा
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा उनकी सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। मामले के पांचों आरोपियों को जिला जेल में रखा गया है। उनकी सुरक्षा में 12 सुरक्षा कर्मियों को लगाया गया है। यह सुरक्षा कर्मी चार-चार घंटे की ड्यूटी दे रहे हैं। जघन्य वारदात में उबाल को देखते हुए सभी आरोपियों को हाईसिक्योरिटी बैरक में रखा गया है।
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उन्नाव कांड से पूरे देश में आक्रोश
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आक्रोश में कोई बंदी इन्हें नुकसान न पहुंचा दे, इसके लिए रविवार सुबह जेल के सभी बंदियों को एक जगह पर इकट्ठा कर उन्हें ऐसी किसी प्रकार की हरकत न करने की कड़ी चेतावनी दे दी गई है। सुरक्षा को लेकर सभी डिप्टी जेलरों को भी अलर्ट कर दिया गया। आरोपियों को स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या पर त्वरित उपचार देने के लिए जेल के डॉक्टरों को भी चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि जेल प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह अलर्ट है।
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उन्नाव पेट्रोल कांड के बाद पूछताछ करते अधिकारी
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इस तरह रखी जा रही सीसीटीवी कैमरों से नजर
तीन दिन पहले जेल के सभी कैमरों को लखनऊ स्थित कंट्रोलरूम से जोड़ा गया था। इसके लिए जेल के अंदर जियो वॉल का टावर भी लगाया गया है। लखनऊ में बैठे अधिकारी स्क्रीन के जरिए जिला जेल में बंद जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता के सभी आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। डीजीपी व आईजी जेल तक इस हाईप्रोफाइल मामले में पूरी तरह अलर्ट हैं।
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उन्नाव कांड से पूरे देश में आक्रोश
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जेल में लगे हैं 34 कैमरे
सुरक्षा की दृष्टि से जेल में मेन गेट से अंदर तक 34 कैमरे लगाए गए हैं। जेल और पाकशाला के अंदर कई हिस्सों में सीसीटीवी कैमरा होने से यहां की हर गतिविधि पर अधिकारियों की नजर रहती है। अधिकारी के साथ मुलाकातियों के जेल में आने जाने से लेकर यहां होने वाली खेती में हो रहे कार्य पर भी कैमरे से नजर रखनी शुरू की गई। कुछ कैमरों को ऐसी जगह पर लगाया गया है, जो बैरकों तक की गतिविधि को कैद करते हैं।
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दुष्कर्म पीड़िता को दफनाया गया
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दो दिन में किसी ने नहीं की मुलाकात
पांच दिसंबर को दुष्कर्म पीड़ित युवती को पेट्रोल डालकर जला दिया गया था। पुलिस ने घटना के बाद ही नामजद पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अगले दिन सभी को जेल भेजा गया था। सभी आरोपियों के जेल जाने के बाद रविवार तक कोई भी उनसे मुलाकात करने नहीं पहुंचा।
आरोपियों के परिजनों ने की सीबीआई जाचं की मांग
दुष्कर्म पीड़िता को जलाकर मारने की घटना में नामजद आरोपियों के घरवाले, रविवार को भी गांव में आते जाते अफसरों और मीडिया के सामने घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग करते रहे।
महिलाओं ने बताया कि उनके बच्चे व परिवार के लोग निर्दोष हैं। घटना की सीबीआई जांच हो तो सच्चाई खुद ही सामने आ जाएगी। आरोपी शिवम की मां ने बताया कि मृतका को वह भी बेटी कहकर ही बुलाते थे। उसके साथ ऐसा कर ही नहीं सकते। महिलाओं ने रो रोकर बताया कि उनका पूरा परिवार बिखर गया। परिवार में एक बेटी का रिश्ता तय होना था। आने वाले दिनों में गोद भराई होनी थी, अब क्या होगा कुछ पता नहीं। परिवार के लोगों ने बताया कि जिस समय पुलिस उनके घर पहुंची सभी लोग (आरोपी) सोते मिले। उन्हें पुलिस लिवाकर ले गई थी। घरवालों ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर दोषी पाए जाएं तो सख्त से सख्त कर्रावाई हो।