नई दिल्ली से जय नगर जाने वाली स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एक्सप्रेस के पैंट्री कार में सोमवार देर रात मिले 1.40 करोड़ रुपये अभी भी जीआरपी के मालखाने में पड़े हैं। आयकर विभाग के उपनिदेशक और इंस्पेक्टर गुरुवार को पांच मिनट के लिए जीआरपी थाने पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इसके बाद जीआरपी से कहा कि अधिकारियों से पूछकर बताते हैं। इधर जीआरपी का कहना है कि आयकर विभाग के लिए यह रकम भले ही बड़ी न हो लेकिन यहां ये रुपये रखे होने से परेशानी बढ़ गई है।
विज्ञापन
2 of 5
जीआरपी के पास ट्रेन की पेंट्रीकार में मिला नोटों से भरा बैग
- फोटो : amar ujala
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर सोमवार रात नौ बजे के करीब पैंट्री कार में रुपयों से भरा बैग रखा गया था। इसलिए जीआरपी की टीम ने पैंट्री कार के कर्मचारियों के बयान लेने शुरू कर दिए हैं। मैनेजर समेत सभी कर्मचारियों को बुलाया गया था। हालांकि मैनेजर और बैग रखवाने वाले कर्मचारी रामकेवट ने बयान अभी दर्ज कराए हैं।
विज्ञापन
3 of 5
जीआरपी के पास ट्रेन की पेंट्रीकार में मिला नोटों से भरा बैग
- फोटो : अमर उजाला
ट्रेन के पहुंचने के पहले और बाद में रेलवे के डिप्टी एसएस कॉमर्शियल ऑफिस में लगे इंटरकॉम पर फोन कर बैग उतारने और एक व्यक्ति को देने की बात कही गई थी। हालांकि सवाल यह है कि इंटरकॉम पर फोन कैसे किया गया। यह नंबर अगर मालूम भी हो जाए तो भी कॉल करने के लिए रेलवे का अपना फोन होना चाहिए।
4 of 5
ट्रेन की पेंट्रीकार में मिला नोटों से भरा बैग
- फोटो : अमर उजाला
मतलब रेलवे के किसी ऑफिस से कॉल की गई थी। यह फोन कानपुर से लेकर कहीं का भी हो सकता है। इसकी जांच में सबसे ज्यादा जीआरपी का शंका बढ़ गई है। जीआरपी ने नई दिल्ली, अलीगढ़ स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज के लिए संबंधित अफसरों को पत्र भेजा है और फुटेज के लिए दोनों जगह टीमें भी रवाना की जाएंगी।
जीआरपी के डिप्टी एसपी कमरुल हसन ने बताया कि सूचना देने और बाद में बैग को स्टेशन के बाहर सुपुर्द करने के लिए रेलवे इंटरकॉम यानी बेसिक फोन का इस्तेमाल किया गया। यह शक पैदा करता है। दो-चार दिनों की जांच में तथ्य सामने आने लगेंगे। हवाला कारोबार से जुड़े लोगों के यहां छापे ट्रेन में मिली रकम का हवाला कनेक्शन तलाशने के लिए जीआरपी ने छापे मारने शुरू कर दिए हैं। बुधवार देर रात दो बजे सिविल पुलिस के साथ टीम बनाकर छापे मारे गए। हालांकि जीआरपी ने इससे इनकार किया है।