झांसी में रेलवे में वेंडर रहे जगभान कुशवाहा की हत्या में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पत्नी किरण कुशवाहा ने अपने प्रेमी शिव कुमार लोधी के साथ मिलकर पति की हत्या कराई थी। पत्नी ने पति से मिले नौ हजार रुपये से तमंचा और कारतूस खरीदने के लिए प्रेमी को दिए थे।
झांसी में जगभान एक प्राइवेट कंपनी में रेल वेंडर की छोटी सी नौकरी करता था। महीने की आमदनी बेहद कम थी। परिवार में पत्नी किरण समेत दो बेटे राज (17) अवियांश (6) और बेटी शिवानी (14) हैं। मां प्रेमबाई भी साथ में रहती हैं।
छोटी सी नौकरी के सहारे ही जगभान ने बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बड़ा आदमी बनाने का सपना बुन डाला था। घर से दूर रहकर भी हर महीने परिवार के पालन पोषण और बच्चों की पढ़ाई के लिए आमदनी का एक चौथाई हिस्सा घर भेजता था।
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जगभान कुशवाहा की हत्या करने वाले आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसकी हत्या के बाद पत्नी किरण ने पुलिस को बताया था कि जगभान को हर महीने तीस हजार रुपये मिलते थे। हर महीने बच्चों की पढ़ाई और राशन के लिए वह बीस हजार रुपये भेजते थे। जगभान बच्चों की पढ़ाई में पैसों की कमी न आने देने की बात कहता था लेकिन, पत्नी किरण अलग ही राह पर चल निकली थी।
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जगभान कुशवाहा की हत्या करने वाले आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूछताछ में पुलिस को मालूम चला कि हत्या के लिए तमंचा के इंतजाम के लिए किरण ने ही शिवकुमार को नौ हजार रुपये दिए थे। दो सप्ताह पहले ही यह रुपये जगभान ने किरण के खाते में भेजे थे। उसे इसका कतई अहसास नहीं था कि जिस पैसे को वह घर के राशन और बच्चों की पढ़ाई के लिए भेज रहा है, उससे उसकी ही मौत का सामान खरीदा जाएगा।
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जगभान कुशवाहा की हत्या करने वाले आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूछताछ में किरण ने बताया कि नौ हजार रुपये उसने शिवकुमार को तमंचा खरीदने के लिए दिया था। शिव कुमार तमंचा खरीदकर उसे किरण के पास लेकर आया था। तमंचा किरण के पास रखा गया था। हत्या से कुछ दिनों पहले ही शिवकुमार को तमंचा थमाने हुए किरण ने कहा था कि मेरे पति को मार डाल वरना तेरी शक्ल नहीं देखनी मुझे।
यह है पूरी कहानी
रेलवे में वेंडर रहे जगभान की पत्नी ने कराई हत्या
झांसी में रेलवे में वेंडर रहे जगभान कुशवाहा की हत्या उसकी पत्नी किरण कुशवाहा ने अपने प्रेमी शिव कुमार लोधी के साथ मिलकर कराई थी। हत्या के 10 दिन बाद इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने पत्नी किरण, प्रेमी शिव कुमार लोधी एवं उसके दोस्त धर्मेंद्र लोधी को गिरफ्तार कर लिया। शिव कुमार की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल तमंचा समेत कारतूस बरामद कर लिया गया है।
एक फरवरी को झांसी रेलवे स्टेशन के बाहर स्थित हनुमान मंदिर के पास झाड़ियों से ललितपुर के थाना तालबेहट के तेरई फाटक निवासी जगभान कुशवाहा (40) की खून से सनी लाश बरामद हुई थी। जगभान रेलवे में वेंडर था। वह चेन्नई जाने के लिए 31 जनवरी की रात घर से निकला था। एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि जांच के दौरान सबसे पहले जगभान की पत्नी किरण पर ही शक हुआ। वह बार-बार बयान बदल रही थी।
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पुलिस द्वारा बरामद हथियार और मोबाइल फोन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या के बाद प्राथमिकी दर्ज कराने को भी राजी नहीं थी। जो चीज बताती थी, क्रॉस चेक कराने में वह बात झूठी निकलती थी। उसके मोबाइल का सीडीआर निकालने पर एक नंबर का पता लगा। वह नंबर शिव कुमार का था। शिव कुमार तलाशने पर नहीं मिला। उसकी लोकेशन मध्य प्रदेश में मिल रही थी। कई दिनों तक पुलिस को वह चकमा देता रहा।
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आरोपी पत्नी और जगभान कुशवाहा की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंगलवार दोपहर में नवाबाद एवं स्वॉट टीम ने उसे रक्सा बाइपास तिराहे पर महादेव कांप्लेक्स के पास से घेरकर गिरफ्तार कर लिया। उसने हत्या में शामिल होने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने किरण समेत धर्मेंद्र निवासी उमरी कला (शिवपुरी) को भी पकड़ लिया। किरण ने बताया कि शिवपुरी के भौती थाना के उमरी कला निवासी शिव कुमार लोधी से छह महीने पहले ही फेसबुक पर दोस्ती हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। पति की गैर मौजूदगी में वह उससे मिलने जाती थी।
छुट्टी में आने पर जगभान शराब पीकर उसे पीटता था। जगभान को उनके संबंध का भी पता चल गया था। उनके बीच वह रोड़ा बनने लगा था। दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची। गिरफ्तारी टीम में नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव एवं स्वॉट टीम प्रभारी जितेंद्र तक्खर आदि शामिल रहे।