महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा केंद्र (एसएनसीयू) में हुए हादसे के बाद से नवजातों की मौत का सिलसिला लगातार बना हुआ है। हादसे में बचाए गए तीन और नवजातों की सांसें थम गईं हैं। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 पर पहुंच गईं हैं। दोनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया है।
मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में 15 नवंबर की रात भीषण आग लग गई थी। हादसे के वक्त वार्ड में 49 नवजात भर्ती थे, जिनमें से आग की चपेट में आने से 10 नवजातों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि, बाकी 39 बच्चों को आग से बचाकर मेडिकल कॉलेज व निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।
हादसे के बाद से बचाए गए बच्चों की मौत का क्रम लगातार बना हुआ है। हादसे के बाद एक-एक कर दो बच्चों की पहले ही मौत हो गई। जबकि, मंगलवार की रात रक्सा थाना इलाके के ग्राम बजाना निवासी काजल पत्नी बॉबी के बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद बुधवार की दोपहर ग्राम बमेर निवासी लक्ष्मी पत्नी महेंद्र की बच्चे की मौत हो गई। इसके अलावा मऊरानीपुर निवासी पूजा पत्नी कृष्णकांत के बच्चे की सांसें थम गईं।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. एनएस सेंगर ने बताया कि तीनों बच्चों की मौत बीमारी से हुई है। ये बच्चे आग से नहीं झुलसे थे और न ही धुएं से इन्हें कोई नुकसान हुआ था।