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प्राण वायु ने ही ले ली जान: झांसी मेडिकल में इस वजह से विकराल हो गई थी आग, चंद मिनटों में निगलीं 10 जिंदगियां

Sat, 16 Nov 2024 09:38 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी

सार

सूत्रों ने बताया कि एसएनसीयू में भर्ती नवजात शिशुओं में लगभग सभी ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। आग से मास्क के जलने से ऑक्सीजन का लीकेज शुरू हुआ और फिर आग ने विकराल रूप ले लिया।
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झांसी मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (एसएनसीयू) में शुक्रवार देर रात लगी आग की वजह 24 घंटे बाद भी साफ नहीं हो सकी। अस्पताल प्रशासन शॉर्ट-सर्किट की वजह से आग लगने की बात तो कुबूल कर रहा है, लेकिन शॉर्ट सर्किट कैसे हुआ, इसका जवाब देने के लिए अफसर राजी नहीं हैं।
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Jhansi Medical College Fire - फोटो : अमर उजाला
शुरुआती जांच में सामने आया है कि एसएनसीयू में उपकरणों के अत्यधिक लोड की वजह से शॉर्ट-सर्किट हुआ। इसके बाद चिंगारी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर तक पहुंची। इसके बाद ही आग बेकाबू हो गई। पुलिस आग लगने के अन्य पहलुओं को भी खंगालने में जुटी है।
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झांसी मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
एसएनसीयू वार्ड में जन्म के तुंरत बाद पीलिया, निमोनिया के शिकार नवजातों को रखा जाता है। नवजात के तापमान को अनुकूल करने के लिए वार्मर भी लगाए गए हैं। जानकारों के मुताबिक यहां क्षमता से तीन गुना अधिक नवजात भर्ती किए गए थे। इस वजह से जीवनरक्षक उपकरणों को लगातार चलाए रखना पड़ रहा था। मॉनिटरिंग मशीन भी लगातार चलती रहती है। तीन-चार घंटे बाद लोड को कम करने के लिए इनमें से कुछ उपकरणों को बंद करना होता है।

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Jhansi Medical College Fire - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण शुक्रवार रात यह उपकरण समय पर बंद नहीं हो सके। इस वजह से यह उपकरण अत्यधिक गर्म हो गए। इससे शॉर्ट सर्किट हुआ, इसकी चपेट में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर आ गया। इससे वहां ऑक्सीजन का रिसाव शुरू हो गया। इससे आग तेजी से फैलने लगी। देखते ही देखते आग ने पूरे वार्ड को अपने चपेट में ले लिया।
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Jhansi Medical College Fire - फोटो : अमर उजाला
चंद मिनट में आग दोनों कमरों में फैल गई। इन दो ब्लॉक में नवजातों को रखा गया था। आग लगते ही पहले ब्लॉक में भर्ती नवजातों को तो तुरंत बाहर निकाल लिया गया लेकिन, आखिरी ब्लॉक में भर्ती नवजात बाहर नहीं निकाले जा सके।
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Jhansi Medical College Fire - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के सामने एक चश्मदीद भी सामने आया है। चश्मदीद ने बताया कि ऑक्सीजन पाइप को पिघलाने के लिए कंसंट्रेटर को बंद किए बिना गर्म किया गया। इस वजह से ऑक्सीजन का रिसाव हो गया और वार्ड में आग फैली। हालांकि पुलिस अफसर इस बयान को बहुत अधिक विश्वसनीय नहीं बता रहे। सीएफओ राजकिशोर राय का कहना है कि वहां अधिक विद्युत लोड होने से शॉर्ट-सर्किट हुआ। अन्य पहलु भी खंगाले जा रहे हैं।
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