करीब 11 माह से झांसी जेल में बंद अली अहमद ने छोटे भाई अबान की मौत के एक महीने बाद किसी परिजन का नाम मुलाकाती के तौर पर दर्ज नहीं कराया है। माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की 6 अगस्त 2026 को झांसी-कानपुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई थी। एक माह से अधिक समय बीत चुका है, फिर भी अली ने जेल प्रशासन को किसी रिश्तेदार का नाम मुलाकाती के तौर पर नहीं दिया। उससे मिलने के लिए अभी सिर्फ वकील ही आ रहे हैं।
करीब 11 महीने से झांसी जेल में बंद अली अहमद से छोटे भाई अबान की मौत के बाद मिलने के लिए कोई अपना नहीं पहुंचा है। हादसे में अबान की मौत को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन इस दौरान अली का कोई परिजन जेल में उससे मिलने नहीं आया। अली ने भी जेल प्रशासन को किसी नए रिश्तेदार का नाम मुलाकाती के तौर पर दर्ज कराने के लिए नहीं दिया है। फिलहाल उससे मिलने के लिए सिर्फ उसके वकील ही जेल पहुंच रहे हैं।
दिवंगत माफिया अतीक अहमद का बेटा अली एक अक्तूबर 2025 से झांसी जेल में बंद है। माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की 6 अगस्त 2026 को झांसी-कानपुर हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अबान अली से नियमित मुलाकात के लिए झांसी आ रहा था। झांसी-कानपुर हाईवे पर पूछ के खिल्ली गांव के पास अबान की तेज रफ्तार कार रिटेनिंग वाल से जा टकराई थी, इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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Jhansi Accident
- फोटो : AI/अमर उजाला
बड़े भाई अली से मिलने के लिए उसका छोटा भाई अबान नियमित रूप से प्रयागराज से झांसी आता था। अबान 30 से अधिक बार जेल में अली से मुलाकात कर चुका था। अली अपनी पसंद की चीजें भी अक्सर अबान से ही मंगवाता था।
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- फोटो : AI/अमर उजाला
छह अगस्त को भी अबान अली से मिलने के लिए झांसी आ रहा था। झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ के खिल्ली गांव के पास उसकी तेज रफ्तार कार सड़क किनारे बनी सहारा दीवार से टकरा गई थी। हादसे में अबान की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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इसके बाद से अली से मिलने के लिए परिवार का कोई सदस्य झांसी जेल नहीं पहुंचा है। अली को भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रयागराज ले जाया गया था।
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- फोटो : AI/अमर उजाला
इस दौरान उसने अपने मंझले भाई अहजम को भी झांसी जेल में आकर उससे मुलाकात करने से मना कर दिया था। इसके बाद भी उसने किसी अन्य रिश्तेदार का नाम मुलाकाती के तौर पर जेल प्रशासन को नहीं दिया।
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अबान के जनाजे में शमिल बड़े भाई उमर, अली और अहजम
- फोटो : अमर उजाला
वकील ही बने मुलाकात का सहारा
अबान की मौत के बाद बीते एक माह से अली से मिलने के लिए उसके वकील ही जेल पहुंच रहे हैं। परिवार का कोई सदस्य मुलाकात के लिए नहीं आया है। अली ने भी अब तक किसी रिश्तेदार को मुलाकाती के तौर पर दर्ज नहीं कराया है।
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- फोटो : AI/अमर उजाला
वरिष्ठ जेल अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि अली ने अब तक किसी रिश्तेदार का नाम मुलाकाती के तौर पर दर्ज कराने के लिए जेल प्रशासन को नहीं दिया है। उससे मिलने आने वालों का बाकायदा रिकॉर्ड रखा जाता है। सुरक्षा के मद्देनजर मुलाकातियों की सूचना एलआईयू को भी दी जाती है।
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अबान संभालता था अली से मुलाकात की जिम्मेदारी
अतीक अहमद का बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में बंद है। उमर से मिलने के लिए उनका मंझला भाई अहजम जाता था, जबकि अली से मिलने की जिम्मेदारी अबान संभालता था। अबान तकरीबन हर सप्ताह अली से मिलने झांसी आता था। उसकी मौत के बाद से यह सिलसिला पूरी तरह थम गया है।
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- फोटो : AI/अमर उजाला
130 किमी रफ्तार, दस फीट उछली, फिर दाएं पहिये पर गिरी कार
झांसी में माफिया अतीक अहमद के बेटे की सड़क हादसे में हुई मौत के मामले में खुलासा हुआ है। अबान की कार हादसे से पहले करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी। इसका खुलासा हादसे के बाद तकनीकी जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट में हुआ है। तकनीकी जांच कमेटी ने हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार का मुआयना किया, उसके बाद यह रिपोर्ट सौंपी गई थी।
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- फोटो : AI/अमर उजाला
रिपोर्ट से हादसे की तो पुष्टि होती है लेकिन, इसके पीछे की वजह साफ नहीं हो सकी हालांकि दुर्घटना के हालत को देखते हुए चालक को झपकी आने की संभावना जताई जा रही है। जांच रिपोर्ट लखनऊ आला पुलिस अफसरों को भी भेजी गई है। छह अगस्त की सुबह प्रयागराज से झांसी आते समय झांसी-कानपुर हाईवे पर पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास अबान की कार हाईवे की सुरक्षा दीवार से जा भिड़ी थी।
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हादसे में क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे के बाद तकनीकी जांच के लिए परिवहन विभाग के आरआई राघव कुमार एवं एमटी (तकनीकी) प्रभारी शिव कुमार की अगुवाई में टीम बनाई गई। जांच के दौरान टीम ने कार के ब्रेकिंग सिस्टम, स्टीयरिंग, सस्पेंशन, पहिये, व्हील अलाइनमेंट, वाहन की बॉडी का क्रश पैटर्न, पैसेंजर कंपार्टमेंट, एयरबैग और सीट-बेल्ट सिस्टम की जांच की। जांच में यह भी देखा गया कि हादसे से पहले कार में कोई यांत्रिक खराबी तो नहीं थी।
अबान अहमद का फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कठोर दीवार से टकराने के बाद पीछे की सीट तक धंसा
अबान की कार में बायां फ्रंट हिस्सा कंक्रीट की कठोर दीवार से टकराने के बाद पीछे की सीट तक धंस गया था। हादसे के बाद कार का हाल देखकर यह पता चला कि उस समय उसकी रफ्तार 130 किलोमीटर के करीब थी। इसी रफ्तार में कार सीधे कंक्रीट की मजबूत सुरक्षा दीवार से जा टकराई थी। टक्कर की वजह से स्टीयरिंग से पहियों को नियंत्रित करने वाला टाई-रॉड क्षतिग्रस्त हो गया। एयरबैग भी अबान की जान नहीं बचा सका।