मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ जब भी गोरखपुर में आते हैं और मंदिर में ही प्रातः भ्रमण के लिए निकलते हैं तो उन्हें प्यार से कालू को पुचकारते, दुलारते देखा जा सकता है। इसपर कालू भी योगी को देखकर विशेष अंदाज में उनका अभिवादन करता है। ये कालू और कोई नहीं, उनका पालतू डॉगी है। कालू डॉगी उनका इतना लाडला कैसे बना? इसके पीछे भी रोचक किस्सा है।
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कालू की देखभाल की जिम्मेदारी वर्तमान समय में योगी और मंदिर के करीबी हिमालय गिरी के जिम्मे होती है।
- फोटो : amarujala
बताया जाता है कि जब वह सांसद थे तो उसी दौरान दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर नाथ सम्प्रदाय को मानने वाले एक भक्त ने योगी को लेब्राडोर नस्ल का एक पिल्ला तोहफे में दिया था। योगी ने कुछ दिन तक इसे वहीं दिल्ली के आवास पर ही रखा था, लेकिन वापस गोरखपुर आते समय उसे भी साथ में गोरखपुर लेते आए। यहीं उसका नाम कालू पड़ा। योगी जब सांसद थे तो सुबह शाम कालू को भोजन भी खुद ही कराते थे।
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योगी जब सांसद थे तो सुबह शाम कालू को भोजन भी खुद ही कराते थे
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शाकाहारी है कालू
तिवारी ने बताया कि कालू अन्य कुत्तों की तरह मांसाहारी नहीं है। कालू शुद्ध रूप से शाकाहारी है और वो भोजन में दूध-रोटी या फिर मंदिर में बने भंडारे का भोजन ही खाता है। योगी की अनुपस्थिति में कालू की देखभाल की जिम्मेदारी वर्तमान समय में योगी और मंदिर के करीबी हिमालय गिरी के जिम्मे होता है।
क्यों सीएम योगी का इतना लाडला है कालू डॉगी?
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जब कालू को देखते ही सीएम योगी ने पुचकारा
इसी क्रम में बुधवार को जब सीएम योगी गोरखपुर प्रवास के दौरान मंदिर का भ्रमण कर रहे थे तो कालू से भी मिले। मंदिर के कार्यालय प्रभारी द्वारिका तिवारी ने बताया कि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री रहते हुए भी जब गोरखपुर आते हैं तो वह अपने सारे जरूरी काम निपटाने के बाद कालू को लाड-प्यार करना नहीं भूलते हैं।