संसद से ट्रिपल तलाक कानून बनने के बाद जोन की महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर मुखर हो गई हैं। इसका अंदाजा हम इसी से लगा सकते हैं कि ट्रिपल तलाक कानून बने अभी पांच महीने नहीं हुए कि गोरखपुर जोन के ग्यारह जिलों में वर्ष 2019 में अबतक कुल 58 मुकदमे दर्ज हुए हैं। सबसे ज्यादा मुकदमें बहराइच जिले में दर्ज हुआ है। वहीं देवरिया और बस्ती में एक भी मुकदमा दर्ज नहीं है।
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Triple Talaq
- फोटो : Amar Ujala Graphics
एडीजी जोन कार्यालय से मिले आंकड़े पर गौर करें तो जोन के ग्यारह जिलों में कुल 58 ट्रिपल तलाक के केस दर्ज हुए हैं। अकेले देवीपाटन रेंज में ही 47 केस हैं। वहीं गोरखपुर मंडल के चार जिलों में कुल 9 और बस्ती रेंज के तीन जिलों में केवल दो केस ही दर्ज हुए हैं।
एडीजी जोन दावा शेरपा ने बताया कि महिलाएं ट्रिपल तलाक जैसी कुरीतियों के खिलाफ तेजी से मुखर हो रही हैं। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि ट्रिपल तलाक के शिकायतों कों गंभीरता से लेेकर तत्काल केस दर्ज करें। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
1 अगस्त 2019 को बना था कानून
ट्रिपल तलाक कानून संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया था। उसके बाद एक अगस्त 2019 को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद कानून बना था। इसके तहत इसे 19 सितंबर 2018 से लागू माने जाने का प्रावधान था। यानि 19 सितंबर 2018 के बाद होने वाले ट्रिपल तलाक से पीड़ित महिलाएं केस दर्ज करा सकती थीं।
ये हैं आंकड़े
गोरखपुर रेंज के गोरखपुर में 2, महराजगंज में 4, कुशीनगर में 3, देवरिया में 0, बस्ती रेंज के बस्ती में 0, संतकबीरनगर में 1, सिद्घार्थनगर में 1 और देवीपाटन रेंज के गोंडा में 8, बलरामपुर में 3, बहराइच में 27 व श्रावस्ती में 9 केस दर्ज हुए हैं।