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बेटी को वर्दी में देख खिलखिला पड़ी मां, टोपी सिर पर रख, हाथ में बंदूक लेकर बोली-तुम पर गर्व

Tue, 17 Dec 2019 11:49 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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पुलिस लाइंस में नजारा देखने लायक था - फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर जोन की 261 महिला आरक्षी जब सोमवार को देश सेवा का संकल्प लेकर यूपी पुलिस में शामिल हुईं तो पुलिस लाइंस में नजारा देखने लायक था। बेटी को पुलिस बनते देख किसी की मां के सपने पूरे हुए तो किसी के भाई के। बहन-बेटी को पुलिस की वर्दी में देख काफी आंखें खुशी से भरी नजर आईं। आखिर क्यों न हो, ये उनकी तपस्या का फल था, जो आज उन्हें वर्दी के रूप में मिला था।
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पुलिस लाइंस में आयोजित यूपी पुलिस की दीक्षांत परेड - फोटो : अमर उजाला
पुलिस लाइंस में आयोजित यूपी पुलिस के दीक्षांत परेड के बाद एक मां ने बिटियां के हाथ से बंदूक को लेकर उसका वजन नापा।

दीक्षांत समारोह में एडीजी जोन दावा शेरपा ने महिला आरक्षियों को कर्तव्यों के निर्वहन की शपथ दिलाई। इस दौरान सर्वोत्तम प्रशिक्षु ऊषा पांडेय को चुना गया।
परेड कमांडर बनीं ऊषा के नेतृत्व में सभी महिला आरक्षियों ने सलामी दी। बतौर मुख्य अतिथि एडीजा दावा शेरपा ने कहा कि समाज के लोगों के साथ सभ्य आचरण करना, इमानदारी से काम करना पुलिस के नैतिक कर्तव्य हैं। अपनी छवि को सुदृढ़ बनाए रखने में आम लोगों से सहयोग लें ताकि आन, मान और सम्मान पर कहीं से दाग न लगे।
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पुलिस लाइंस में आयोजित यूपी पुलिस की दीक्षांत परेड - फोटो : अमर उजाला
एक आरक्षी ने भाई के कंधे पर रायफल को लगाकर देखा

पुलिस बैंड ने मोहा मन
दीक्षांत परेड को देखते हुए पुलिस परेड ग्राउंड को फूल-मालाओं से सजाया गया था। जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। पुलिस बैंडबाजा के मैनेजर रामजी गौड़ और उनकी टोली ने सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा की धुन सुना कर वहां मौजूद लोगों को देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कर दिया। वहीं रंग-बिरंगी वर्दी में महिला आरक्षियों की टोलियां सबका मन मोह रही थीं।
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पुलिस लाइंस में आयोजित यूपी पुलिस की दीक्षांत परेड - फोटो : अमर उजाला
लाओ दीदी मैं भी निशाना लगाकर देखूं

20 प्रशिक्षु आरक्षी रहीं अनुपस्थित
कुल 281 महिला प्रशिक्षु आरक्षियों में से 20 के अनुपस्थित होने के कारण 261 का ही प्रशिक्षण तीन जून 2019 को शुरू हुआ था। जिसमें से वाराणसी से 85, आजमगढ़ से 91, जौनपुर से 82, तथा प्रयागराज व मिर्जापुर से 2-2 प्रशिक्षु महिला आरक्षी शामिल हुईं थीं। प्रशिक्षण के लिए 10 टोलियां बनाई गईं थीं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी 261 प्रशिक्षु महिला आरक्षियों को पास आउट किया गया।
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