महिलाएं हो या छात्राएं, अभिभावक या पुलिस यही सीख देती है कि ऑटो में सफर के लिए चढ़ने से पहले उसका नंबर अपने घरवालों या दोस्तों को भेज दें। मगर हाथ से लिखे नंबरों का तो भरोसा ही नहीं कि वे सही भी हैं या नहीं। ऐसे में यदि कोई अनहोनी हो जाए तो इस नंबर के आधार पर पुलिस आरोपी को पकड़ ही लेगी, यह कहा नहीं जा सकता है। नियम-कानून ताक पर रखकर ऑटो फर्राटे भर रहे हैं मगर पुलिस सिर्फ जुर्माना वसूल कर ही अपने कामों का इतिश्री कर देती है। गोरखपुर में चलने वाले तमाम ऑटो के पीछे हाथ से लिखे गए रजिस्ट्रेशन नंबर, देखने में छोटी सी बात लग सकती है, लेकिन गहराई से सोचें तो महिलाओं की सुरक्षा पर यह बड़ा सवाल है।
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ऑटो पर नंबर सही या गलत मालूम नहीं
- फोटो : amarujala
नंबर प्लेट का नियम
- ऑटो पर आगे-पीछे पीले रंग की प्लेट होनी चाहिए
- काले रंग से नंबर बड़े अक्षरों में लिखे होने चाहिए
- अक्षर पर रेडियम का भी इस्तेमाल होना चाहिए
- ऑटो पर नंबर प्लेट का साइज 200 गुणे 100 एमएम का होना चाहिए
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ऑटो पर नंबर सही या गलत मालूम नहीं
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सुरक्षा के लिहाज से ये बरतनी चाहिए सावधानी
- महिला, छात्रा को जिस ऑटो में बैठ रहीं हैं उसका नंबर नोट करना चाहिए
- नंबर को अपने अभिभावक को मोबाइल पर मैसेज के जरिए भेजना चाहिए
- ऑटो पर सवार होने के दौरान चालक का फोटो भी लेकर व्हाट्सएप करना चाहिए
- ऑटो चालक से बातचीत के दौरान उसका नाम-पता पूछना चाहिए
- ऑटो कहां से कहां तक चलती है, इसकी जानकारी भी पूछनी चाहिए
ऑटो पर नंबर सही या गलत मालूम नहीं
- फोटो : amarujala
ऑटो चालकों का रूट निर्धारित किया जा रहा है। इस दौरान ही नंबरों की स्क्रीनींग भी हो जा रही है, जो भी नंबर हाथ से लिखे या गलत मिल रहे हैं उन पर कार्रवाई की जा रही है। कई गाड़ियों का चालान कर जुर्माना भी वसूला गया है। सभी ऑटो पर नंबर प्लेट दुरुस्त कराए जाएंगे। - आदित्य वर्मा, एसपी ट्रैफिक