मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर की ऐमन जमाल का भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन होने पर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ऐमन जमाल से गोरखनाथ मंदिर मुलाकात की और सफलता की बधाई देते हुए कहा कि ऐमन अपने समाज विशेषकर मुस्लिम लड़कियों के लिए रोल मॉडल हैं। उन्होंने ऐमन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। चाचा राशिद कमाल सामानी (प्रबंधक एमएसआई इंटर कॉलेज) के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचीं ऐमन जमाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट के बाद उत्साहित नजर आईं।
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मुख्यमंत्री ने ऐमन जमाल से गोरखनाथ मंदिर में मुलाकात की
- फोटो : अमर उजाला
कारोबारी हसन जमाल और प्राइमरी स्कूल शिक्षिका अफरोज बानो की बेटी ऐमन जमाल ने बताया कि आईपीएस पद पर चयन से पूर्व वह केंद्रीय श्रम विभाग में सहायक श्रमायुक्त के पद पर तैनात थीं। 2017 से ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री में सहायक श्रमायुक्त पद पर कार्य करते हुए वह भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी करती रहीं। 2019 में प्रारंभिक परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने सामाजिक विज्ञान विषय से मुख्य परीक्षा दी। साक्षात्कार के बाद 499वीं रैंक हासिल की और भारतीय पुलिस सेवा में उनका चयन हुआ।
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भारतीय प्रशासनिक सेवा में 449वीं रैंक पाकर आईपीएस बनीं हैं ऐमन
- फोटो : अमर उजाला
यूं चढ़ीं सफलता की सीढ़ियां
शहर के खूनीपुर मोहल्ले की ऐमन जमाल ने प्राथमिक से 12वीं कक्षा तक कार्मल गर्ल्स इंटर कॉलेज में पढ़ाई की। वर्ष 2004 में 63 फीसदी अंकों के साथ हाईस्कूल और वर्ष 2006 में 69 प्रतिशत अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। सेंट एंड्रयूज कॉलेज से जंतु विज्ञान विषय से 2010 में स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की।
वर्ष 2016 में अन्नामलाई विश्वविद्यालय से दूरस्थ माध्यम से मानव संसाधन में डिप्लोमा किया। प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए दिल्ली स्थित रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी जामिया हमदर्द में भर्ती हुईं। वर्ष 2017 में उनका चयन केंद्रीय श्रम विभाग में हुआ। वर्ष 2018 में वे ऑर्डिनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री शाहजहांपुर में सहायक श्रमायुक्त के पद पर नियुक्त हुईं। इसी दौरान उनका चयन बिहार लोक सेवा आयोग में राजस्व अधिकारी के रूप में हुआ लेकिन उन्होंने नियुक्ति नहीं ली। वर्ष 2019 में संघ लोक सेवा आयोग में भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा दी। 499 रैंक के साथ उनका भारतीय पुलिस सेवा में चयन किया गया।
ऐमन अपने समाज विशेषकर मुस्लिम लड़कियों के लिए रोल मॉडल
- फोटो : अमर उजाला
योजना, धैर्य और सही मार्गदर्शन से मिलती है सफलता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुस्लिम लड़कियों का रोल मॉडल बताए जाने से उत्साहित ऐमन जमाल कहती हैं कि सफलता पाने का मूल मंत्र योजना, धैर्य और सही मार्गदर्शन है। प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वालों को उन्होंने प्रिलिम्स और मुख्य परीक्षा के टिप्स दिए। प्रिलिम्स परीक्षा के लिए समसामयिकी की तैयारी महत्वपूर्ण है।
अखबार, प्रतियोगी पुस्तकों के अलावा ऑनलाइन पढ़ाई महत्वपूर्ण है। ऑन लाइन माध्यमों पर विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण मैटर उपलब्ध है। जरूरत है सही मार्गदर्शन की जिससे यह पता चले कि कौन सी जानकारी कहां से बेहतर और कम समय में हासिल होगी। मुख्य परीक्षा के लिए सभी विषयों की स्तरीय पठन सामग्री ऑनलाइन उपलब्ध है। उन्होंने ढाई साल में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की और सफलता हासिल की।