गोंडा में 18 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इससे लोग सुरक्षित स्थान के लिए पलायन को मजबूर हैं। डीएम ने मौके पर पहुंचकर लोगों का हाल जाना और उन्हें राहत सामग्री वितरित की।
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गोंडा में बाढ़ की चपेट में 18 गांव।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यूपी के गोंडा में बाढ़ का खतरा कम नहीं हो रहा है। शनिवार की दोपहर एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर 106.450 मीटर दर्ज किया गया। यहां नदी खतरे के निशान से 38 सेमी ऊपर बह रही है।
वहीं अयोध्या में इसका जलस्तर 93.310 मीटर है। यहां नदी खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर बह रही है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बाढ़ प्रभावित नकहरा गांव का भ्रमण करके प्रभावित लोगों से बातचीत की। साथ ही राहत सामग्री वितरित की।
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नाव में नदी पार करते दूधिए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाढ़ के चलते विश्नोहरपुर के दत्तनगर, साकीपुर, व्योंदा, माझाराठ व जैतपुर में लोग पलायन करने को विवश हैं। पानी की अधिकता से लोगों का आवागमन और कामकाज पूरी तरह ठप है।
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पानी भरने से छत पर बैठे मां-बेटे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दत्तनगर के बैसिया निवासी वीरेंद्र परिवार सहित मवेशियों संग सड़क पर आकर बस गए हैं। उन्होंने बताया कि घर पानी से जलमग्न हो गया है। इसलिए परिवार व मवेशियों सहित सूखे स्थान पर आकर रहने को मजबूर हैं।
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नाव से चारा लेकर आते ग्रामीण
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहीं महंगूपुर, चौखड़िया, रघुनाथपुर के खेत-खलिहान चंहुओर पानी से घिरे हैं। धान व गन्ने सहित हरे चारे की फसलें डूब गई हैं।
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चहुंओर पानी भरने से लोग पानी में हिलकर निकलने को मजबूरता है
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यहां के रहने वाले रामदेव यादव का कहना है कि अभी पानी ठंडा है तो कुशल है। अधिक समय तक पानी रुका रहा और धूप तेज हुई तो धान की फसल गल जाएगी। हरे चारे की फसल भी सूख जाएगी।
डीएम ने बच्चों को दी राहत सामग्री
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शनिवार की दोपहर व्योंदा माझा गांव में बाढ़ पीड़ितों को राहत किट वितरित की गई। तरबगंज विधायक प्रेम नारायण पांडेय ने व्योंदा माझा के पूरब पुरवा के लोगों को राहत किट सामग्री वितरित की।