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UP: अतुल सुभाष जैसी है कोविद की कहानी, पत्नी-सास करती थीं टॉर्चर; दिल दहला देगा टीचर के माैत का मामला

Sun, 18 May 2025 01:11 PM IST
अमन विश्वकर्मा अंकुर शुक्ला, अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

यूपी के गाजीपुर में एक सहायक अध्यापक ने अपनी पत्नी और सास की प्रताड़न से तंग आकर माैत का रास्ता चुन लिया। इसके पहले उसने एक वीडियो बनाकर दोनों के खिलाफ आरोप भी लगाए है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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कोविद की फाइल फोटो और अंत समय में लिखा गया सुसाइड नोट। - फोटो : अमर उजाला
Ghazipur Crime News: जौनपुर का अतुल सुभाष प्रकरण बीते अभी कुछ ही दिन हुए हैं और ठीक वैसा ही मामला गाजीपुर में भी सामने आ गया। बेटे का शव लेने 500 किमी दूर सीतापुर से आए मृत शिक्षक कोविद के पिता ने कुछ ऐसी ही कहानी बयां की। 

सीतापुर के डीह, पुरवा सकरन निवासी चंद्रिका प्रसाद के बेटे कोविद (42) सहायक अध्यापक थे और वह एक पैर से दिव्यांग थे। चंद्रिका के मुताबिक लखनऊ में रहने वाले फौज से रिटायर्ड उनके एक परिचित ने लक्ष्मी के परिवार के बारे बताया था। 
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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े मृतक कोविद कुमार के परिजन। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि चार बहन और तीन भाई हैं। पिता मजदूरी करता है। पूरा परिवार कांशीराम गरीब शहरी आवास योजना आदर्श बाजार में रहता है। वह सेवाभाव करेगी और एक गरीब परिवार की मदद भी हो जाएगी। 
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लक्ष्मी और कोविद की एलबल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बेटे की शादी 18 जनवरी 2023 को लक्ष्मी कुशवाहा के साथ करा दी लेकिन बहू लक्ष्मी और सास रामजती रानी की निगाह कोविद के वेतन पर लग गई। वे चाहत रखने लगीं कि कोविद अपने परिवार को छोड़ दे और वेतन पत्नी व सास को दे दे। कुछ दिनों बाद ही कोविद इस बात को समझ गए। 

उन्होंने पत्नी और सास को बहुत समझाया, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। मां-बेटी ने कई बार उन्हें अपमानित किया। आरोप है कि गाजीपुर में फर्जी केस भी दर्ज कराया। 

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शादी के पहले की फोटो। - फोटो : अमर उजाला
कभी भाई तो कभी पूरे परिवार को ले जाती थी लक्ष्मी
चंद्रिका प्रसाद के मुताबिक शादी के बाद लक्ष्मी अपने साथ कभी अपने भाई तो कभी बहन को सीतापुर ले जाती। कई बार पूरे परिवार के साथ आई। वे खाते-पीते और कोविद के पैसे भी लेते। लक्ष्मी ने उसके पैसे से खूब जेवर भी बनवाए। कोर्ट के आदेश पर वह कोविद के साथ रहती थी। लक्ष्मी ने कोर्ट में बयान दिया था कि ससुराल में अच्छा व्यवहार रहा है। 
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माता-पिता का मिला था आशीर्वाद। - फोटो : अमर उजाला
मर जाओगे तो कम से कम मुझे नौकरी मिल जाएगी
पिता चंद्रिका प्रसाद के मुताबिक, कोविद को कोर्ट जाना था और पत्नी को उस मामले में गवाही भी करनी थी लेकिन अंतिम समय में पत्नी कोर्ट जाने के बजाय मायके जाने लगी।
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कोविद के पिता चंद्रिका प्रसाद। - फोटो : अमर उजाला
जमानत में अपनी गवाही के लिए 25 लाख रुपये की मांग की। उसने कहा कि इतना पैसा मैं नहीं दे पाऊंगा, मर जाऊंगा तो उसने कहा कि मर जाओगे तो और भी बेहतर रहेगा। मुझे नौकरी मिल जाएगी। उसके बाद वह मायके चली गई।
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