Ghazipur Accident: जिले के नरवर गांव में दर्दनाक हादसे की सूचना पाकर माैके पर एसडीएम सहित कई अधिकारी पहुंच गए थे। लेखपाल को घटना की रिपोर्ट बनाने को निर्देशित कर दिया गया था। हादसे के दूसरे दिन मृतकों और घायलों के परिवार में मातम का माहाैल बना रहा।
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बेटे की लाश को पकड़कर रोता पिता।
- फोटो : अमर उजाला
Ghazipur Electric Accident News: गाजीपुर के नरवर गांव में हुए दर्दनाक हादसे ने तीन माताओं की गोद सुनी कर दी। दो घरों के चिराग बुझ गए। दो बेटों को खो चुकी चांदमुनी सदमे में घर के सामने दीवार की नींव पर खामोश बैठी थीं। इकलौते भाई की मौत की खबर सुनकर जिंपी रह-रहकर अचेत हो जा रही थी। पति को खो चुकी पत्नी रीमा रो रही थी तो मां को देख मासूम बेटी भी बिलख उठती थी।
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चिता पर अपनों की लाश देख नहीं रूके किसी के आंसू।
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कन्नू यादव के पुत्र रविंद्र यादव उर्फ कल्लू अंतरराष्ट्रीय पहलवान थे। वह अंबेडकर नगर जिले में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर तैनात थे। कन्नू यादव के छोटे बेटे गोरख यादव उर्फ अजय घर पर ही रहते थे। घर पर काशीदास बाबा की पूजा में शामिल होने के लिए तीन दिन पूर्व रविंद्र यादव घर आए थे।
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पति की माैत से महिला हो गई बेहोश।
- फोटो : अमर उजाला
सुबह बांस में आम का पल्लव बांधने के बाद मंडप में खड़ा करते समय हाइटेंशन तार की चपेट में आने से रविंद्र यादव, गोरख यादव और हीरालाल यादव के बेटे अमन की अस्पताल में मौत हो गई। दोनों बेटों की मौत की खबर पर मां चांदमुनी देवी घर के बाहर सड़क किनारे दीवार की नींव पर खामोश बैठी थीं।
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इसी मंडप के किनारे लगनी थी बांस।
- फोटो : अमर उजाला
महिलाएं उन्हें बुलवाने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन बेटों की मौत का उन्हें ऐसा सदमा लगा कि आंसू तक सूख गए। इधर, बेटी पारो को गोद में लेकर रविंद्र की पत्नी रीमा पति को याद कर बिलख रही थी। मां को रोते देख एक वर्षीय पारो भी रह-रहकर बिलख उठती थी।
कुछ दूरी पर इकलौते भाई अमन यादव को याद कर बहन नीतू, पिंकी और जिंपी रोते-रोते अचेत हो जा रही थीं। मां सुनीता की स्थिति ऐसी हो गई थी कि जो देख रहा था, उसका कलेजा फट जा रहा था।
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इसी बांस के सहारे बनाई जा रही थी मंडप।
- फोटो : अमर उजाला
आंखों से बहते आंसू बयां कर रहे थे मित्रों के खोने का गम
परिवार व समाज से परे होती है मित्रता। कुछ ऐसा ही दृश्य नरवर गांव में देखने को मिला। हादसे में मित्रों को खोने का गम कांपती जुबान व आंखों से बहते आंसू दर्द की कहानी बयां कर रहे थे। कोई रात में आयोजन स्थल पर तैयारियों में साथ-साथ रहने तो कोई फोन न उठा पाने की पीड़ा से सिसकता दिखाई पड़ा।
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पिता की माैत पर बिलखते मासूम।
- फोटो : अमर उजाला
आसमान की तरफ देख ईश्वर से यहीं पूछ रहे थे कि आखिर ऐसा क्यों? अभी तो कई कदम साथ चलने थे। बचपन के दोस्त अमन को यादकर वीरेंद्र यादव की आंखें भर आईं। कक्षा दो से हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा के बाद अमन पास के ही एक स्कूल से आईटीआई की पढ़ाई करने लगा और मैं वाहन चालक बन गया।
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भक्तों की सुविधा के लिए बनाई गई थी सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
फोन पर पर रोज बात होती थी। आखिरी बार 19 मई की रात अमन से बात हुई थी। मोबाइल टूट गया था। 20 मई की रात अमन ने फोन किया तो थकने के कारण सो गया था। दूसरी सुबह अमन से मिलने पहुंचा तो पता चला कि हादसे ने उसे हमेशा-हमेशा के लिए छीन लिया है। यह कहकर वीरेंद्र फफक पड़े। लोग सांत्वना देने में जुटे थे।
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भक्तों के लिए खेत में की गई थी पानी की व्यवस्था।
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इधर देर शाम रामनारायण यादव, उपेंद्र, शशि प्रकाश और अजय तैयारियों को देखने पूजा स्थल पर जा रहे थे तो छोटू यादव ने कहा कि जूता पहनकर आ रहा हूं। वहां पहुंचकर दोस्त रविंद्र यादव उर्फ कल्लू, गोरख यादव उर्फ अजय और अमन के साथ बैठ कर बात करने के साथ काम में हाथ बंटाने लगे।
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नरवर गांव में इसी टेंट में चल रही थी पूजा।
- फोटो : अमर उजाला
जब दूसरे दिन मित्रों को जानकारी हुई कि रविंद्र यादव, गोरख यादव, छोटू यादव और अमन को हादसे ने छीन लिया है तो उनकी आंखें भर आईं। मित्रों को याद कर कुर्सी पर शांत बैठ गए और नम आंखों से रात तक साथ रहने की बात सोच कर बिलख पड़े। अपने मित्रों को खो चुके साथियों के चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था।
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भक्तों के लिए बन रहा था पकवान।
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खटिया पर सब्जी तो उपले की राख में पड़ी थी बाटी
पूजा में शामिल होने वाले लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था बड़े पैमाने पर की गई थी। पूजा स्थल से कुछ दूरी पर टेंट के नीचे एक तरफ खटिया पर सब्जी कटी पड़ी थी। वहीं उपले की राखी पर बाटी पड़ी थी। भोजन स्थल पर भगौने में सामान पड़ा था। कुछ युवक पंडाल से सामान उठाकर घर पहुंचा रहे थे। वहां बिखरे सामानों को देख हादसे की भयावहता को सोच लोग कांप जा रहे थे।
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इसी गड्ढे में बांस लगाने की थी तैयारी।
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14 महीने सात दिन बाद फिर लगा करंट का बड़ा झटका
जिले में 14 महीने सात दिन बाद एक बार फिर करंट का बड़ा झटका लगा है। नरवर पूजा स्थल से आठ किमी दूर 11 मार्च 2024 को हाईटेंशन तार की चपेट में आने से बस सवार पांच लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने जनपद ही नहीं मऊ के लोगों को भी दर्द दिया था। ऐसे में एक बार फिर हादसे ने पुराने जख्म को हरा कर दिया है।
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हादसे के बाद मचा हड़कंप।
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11 मार्च 2024 को मऊ जिले के रानीपुर थानाक्षेत्र के खिरिया ग्रामसभा से नंदू सरोज की बेटी खुशबू की शादी गाजीपुर के माधवपुर के रहने वाले रामायन सरोज के बेटे तेज बहादुर सरोज से तय थी। यह शादी गाजीपुर के मरदह ब्लॉक के प्रसिद्ध शिव मंदिर महाहर धाम में होनी थी, जहां पर दोनों पक्षों को एकत्रित होना था।
दर्दनाक हादसे के बाद बिलखतीं महिलाएं।
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मऊ से दुल्हन पक्ष के लोग बस में सवार होकर महाहर धाम जा रहे थे। मंदिर पहुंचने से पहले ही बस हाइटेंशन तार की संपर्क में आ गई। इस घटना में पांच लोग बस में जिंदा जल गए थे। नरवर में हरे बांस में उतरे करंट से चार लोगों की मौत ने महाहर धाम हादसे की याद ताजा कर दी है।