फिरोजाबाद में बाइक चोरी के मामले में जेल भेजे गए आकाश की 21 जून को हुई मौत मामले में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। बंदी आकाश की मौत के तीसरे दिन उसकी मां शकुंतला देवी और चाची हीरा देवी ने पुलिस पर पीटने का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि नारेबाजी के दौरान बवाल के दौरान पुलिस ने न सिर्फ डंडे मारे बल्कि उन्हें लात तक मारी थी। ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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Firozabad riots
- फोटो : अमर उजाला
नगला पचिया निवासी बंदी आकाश की मां शकुंतला देवी ने बिलखते हुए कहा कि मेरे बेटे की पुलिस ने हत्या कर दी और जब बवाल हुआ तो हम लोगों पर ही डंडे बरसाए। नारेबाजी के बाद पुलिस ने डंडे मारे। उन्होंने चोट के निशान दिखाते हुए कहा कि मेरे तो लात भी मारी। वहीं मृतक की चाची हीरा देवी का कहना था कि वह शव के पास रो रही थी।
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कम दिखाई देने के कारण उसे भतीजे के बहू मीना लेकर चल रही थी। इसी दौरान पुलिस ने उसके कमर एवं हाथ में लाठी मारी है। उसके नीले निशान साफ दिखाई दे रहे थे। उसका कहना था कि मुझे संभालने के दौरान भतीजे बहू मीना के भी चोट लगी है।
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हीरा देवी का कहना है कि पुलिस के लाठी चलाने के कारण वह खुद एक पत्थर से टकराकर गिर गई थी। उनका कहना है कि ऐसे पुलिसकर्मी का चिह्नांकन करके कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि भविष्य में किसी पीड़ित के साथ पुलिस ऐसा व्यवहार नहीं करे।
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एसपी सिटी सर्वेशचंद्र मिश्रा का कहना है कि पुलिस की ओर से किसी पर लाठी नहीं चलाई गई। परिवार की महिलाएं पत्थर आदि के लगने से घायल हुई होंगी। क्योंकि पुलिस तो परिवार को लोगों को संभालने में जुटी थी। इस तरह का आरोप लगाना गलत है।
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पत्नी की हालत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
दक्षिण पुलिस द्वारा 19 जून को बाइक चोरी के मामले में जेल भेजे गए आकाश की 21 जून की सुबह मौत हो गई थी। पति की मौत की खबर सुनकर पत्नी व्याकुल हो उठी थी। उसने खाना-पीना छोड़ दिया था। रविवार को उसकी हालत बिगड़ गई। उसे सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
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नगला पचिया निवासी बंदी आकाश की मौत के बाद काफी बवाल हुआ था। इस दौरान जमकर पथराव और फायरिंग भी की गई थी। इधर पति की मौत से व्याकुल पत्नी प्रीति रोती-बिलखते हुए दिन काट रही है। पति की याद में कभी वह उसके फोटो देखती है तो कभी उसके कपड़ों को देखती है। रोते-रोते बेहोश हो जाती है। रविवार को अन्न-जल के त्याग करने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई।
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उनके आवास के पास तैनात एसओ बसई मोहम्मदपुर पारूल मिश्रा और थाना प्रभारी नारखी बैजनाथ सिंह प्रीति को आनन-फानन में सरकारी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। जहां परीक्षण के बाद उसे भर्ती कर लिया गया है। चिकित्सकों के द्वारा उसकी लगातार निगरानी की जा रही है। होश में आने पर वह यही कहती है कि अब मेरा जीवन कैसे कटेगा। क्योंकि उसके दो बच्चे हैं। परिवारीजन उसे ढांढस बंधा रहे हैं।
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जेल में बंद युवक को भी पुलिस ने बवाल में कर दिया नामजद
बंदी आकाश की मौत के बाद हुए बवाल के मामले में पुलिस ने अपनी ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में जेल में बंद रानू को भी नामजद कर दिया। परिजनों की मानें तो रानू को पुलिस पांच जून को घर से उठाकर ले गई थी और उसे होटल मोनार्क के पास से तमंचा सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं पार्षद सहित घटना में बनाए गए अन्य आरोपियों ने भी बवाल के मामले में झूंठा फंसाने का आरोप पुलिस पर लगाया है।
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थाना दक्षिण क्षेत्र के नगला पचिया निवासी बंदी आकाश की मौत के बाद सुहागनगर चौराहे पर बवाल हुआ था। इस मामले में थाना दक्षिण के प्रभारी योगेंद्रपाल सिंह की ओर से 32 नामजद सहित 20 से 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस द्वारा दर्ज कराए मुकदमें मे नाम देखकर कई लोग हैरान रह गए। भीमनगर निवासी पूर्व सभासद स्व. महेंद्र सिंह की पत्नी का कहना है कि मेरा बेटा रानू (पुष्पेंद्र) एलएलबी किए हुए है। लेकिन थाना पुलिस उसे मनमाने ढंग से जेल भेज रही है। पहले 13 मई को जेल भेजा था।
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उसकी जमानत कराके 28 मई को घर लाई पांच जून को दोबारा से पुलिस उसे घर से उठाकर ले गई थी। उसके बाद मोनार्क होटल के पास से उसे तमंचा सहित गिरफ्तार दिखाने से जेल भेजा था। तभी से वह जेल में बंद है। लेकिन पुलिस ने उसको भी इस बबाल में नामजद कर दिया है। उन्होंने कहा कि मेरा दूसरा बेटा हेमेंद्र मौके से काफी दूर था। उसके साथ मेरा भी नाम शामिल कर दिया। जबकि मैं तो उल्टा लड़कों को रोक रही थी। मेरी एसएसपी से मांग है कि मेरे परिवार को तंग नहीं किया जाए।
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इधर पार्षद संघमित्रा का कहना है कि मेरी मां की तबियत खराब होने के कारण वह आगरा में भर्ती है। घटना वाले दिन मैं कार से भाई धर्मसागर व अन्य परिजनों के साथ साढ़े दस बजे फिरोजाबाद भीमनगर पहुंची थी। लेकिन मेरा एवं भाइयों का नाम भी बवाल में शामिल कर दिया। मेरी पुुलिस प्रशासन से कहना है कि वह तथ्यों की जांच करा लें। मनमाने ढंग से किसी को आरोपी बनाना गलत है।
मौके पर मिली सूचना के आधार पर अभी अभियोग दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच करेगी इसमें जिसके खिलाफ तथ्य पाए जाएंगे उसको ही जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। -सर्वेशचंद्र मिश्रा एसपी सिटी फिरोजाबाद