यूपी के फिरोजाबाद जिले में सनसनीखेज मामला सामने आया है। जीजा और सलहज ने नहर में कूदकर जान दे दी। दोनों के बीच तीन साल से प्रेम संबंध थे। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजन को साैंप दिए।
फिरोजाबाद के थाना शिकोहाबाद क्षेत्र की भूड़ा नहर में शुक्रवार उतराते मिले शव जीजा और सलहज के थे। दोनों के हाथ एक ही दुपट्टे से आपस में बंधे हुए थे। पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि उनके बीच पिछले तीन साल से प्रेम संबंध थे। परिजन के विरोध के कारण जब उनका मिलना-जुलना बंद हो गया, तो दोनों ने नहर में छलांग लगाकर आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए।
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जितेंद्र के शव का पोस्टमार्टम होने के दौरान बाहर मौजूद परिजन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद के क्षेत्राधिकारी अम्बरीश कुमार ने बताया कि 24 वर्षीय जितेंद्र निवासी सहनुवा, थाना अवागढ़, जिला एटा और थाना जसराना के गांव नगला फकीरा निवासी उदय सिंह ने 28 वर्षीय पत्नी फूलवती के रूप में हुई। परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक जितेंद्र के चचेरे भाई मनोज के साथ मृतका फूलवती की छोटी ननद ब्याही है। इसी रिश्तेदारी के चलते जितेंद्र अक्सर मनोज के साथ फूलवती के घर आता-जाता था। इसी दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। फूलवती के पति उदय सिंह ने बताया कि दोनों पिछले तीन साल से चोरी-छिपे मिलते थे। कई बार समझाने के बाद भी वे नहीं माने, जिसके बाद परिजनों ने उन पर कड़ा पहरा लगा दिया था।
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फूलवती का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जितेंद्र, नागपुर में अपने बड़े भाई रोहित के साथ शटरिंग का काम करता था। वह 17 जून को घर से नागपुर जाने की बात कहकर निकला, लेकिन शाम को भाई को ट्रेन छूटने की बात बताने के बाद उसका फोन बंद हो गया। फूलवती 18 जून को थाना फरिहा के गांव इटारी स्थित अपनी बड़ी ननद उमा के घर जाने की बात कहकर निकली थी। शाम को उसने पति को फोन कर कहा कि अब वह कभी वापस नहीं लौटेगी और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था। पुलिस के अनुसार शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जितेंद्र का शव उसके परिवार वाले एटा ले गए। वहीं, फूलवती का शव उसके ससुराल वाले ले गए।
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जितेंद्र का फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अंतिम संस्कार के दौरान जमीन नाम करने पर हंगामा
मृतका फूलवती के दो बच्चे (नैतिक और जगन) हैं। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव नगला फकीरा पहुंचा, तो मृतका के भाई रामपाल ने बच्चों की परवरिश का हवाला देते हुए उनके नाम खेती की जमीन और रुपए करने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान डीवी सिंह और अन्य लोगों ने भाई को समझा-बुझाकर शांत कराया। प्रधान ने कहा कि महिला ने खुदकशी की है, किसी ने उसकी हत्या नहीं की है। बच्चे अपने पिता और दादा के पास सुरक्षित रहेंगे। काफी समझाने के बाद मामला शांत हुआ और दोनों का अंतिम संस्कार किया जा सका। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
शिकोहाबाद में जीजा-सलहज ने दी जान।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मायके में छह माह से रह रही थी फूलवती
फूलवती का शव शनिवार दोपहर जब उसकी ससुराल ग्राम नगला फकीरा पहुंचा, तो पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। प्रेम प्रसंग के चलते आत्मघाती कदम उठाने की खबर से हर कोई सन्न था। दोपहर बाद मृतका के पति उदयवीर ने गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया। इस दौरान गांव में तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, फूलवती की शादी नगला फकीरा निवासी उदयवीर के साथ करीब 10 से 12 वर्ष पूर्व हुई थी। उनके दो बेटे हैं। पति उदयवीर मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार और बच्चों का भरण-पोषण कर रहा था। पत्नी के प्रति लगाव के कारण उसका पति उदयवीर भी उसके साथ मायके में ही रह रहा था और वह दोनों कभी-कभार ही अपने पैतृक गांव नगला फकीरा आते थे।