फर्रुखाबाद में कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण शिविर में आए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्टी में गुटबाजी पर सख्त दिखे। मंच से स्पष्ट कहा, गुटबाजी नहीं बूथों तक काम करें, वर्ना पार्टी से बाहर कर दिए जाओगे। गुटबाजी करने वाला बड़े से बड़ा नेता सपा में नहीं रह पाएगा। फर्रुखाबाद और कन्नौज जिलों के कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण शिविर में पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुटबाजी पर नाखुश दिखे।
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अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि ऐसे चुनाव नहीं जीत पाएंगे। गुटबाजी करने वाले नेता संभल जाएं, इस प्रशिक्षण शिविर के बाद गुटबाजी की सूचना मिली तो पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। गुटबाजी करने वाला कितना भी बड़ा नेता क्यों न हो, उसे पार्टी से बाहर जाना ही होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अब घर बैठकर काम चलने वाला नहीं है। बूथ स्तर पर जाना ही पड़ेगा।
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कार्यकर्ता सम्मेलन में अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
जिलों के जिम्मेदार ऐसे कार्यकर्ताओं को ही बूूथ की जिम्मेदारी सौंपें जो रोज शाम जिला कार्यालय पर पूरी रिपोर्ट दें। खानापूरी से काम नहीं चलेगा। अगर चुनाव जीतना है तो एकजुट होकर पूरी ताकत से काम करें। अखिलेश के संबोधन के दौरान कार्यकर्ता बंगले झांकते रहे। गुटबाजी में शामिल नेताओं के मुंह लटके दिखे।
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कार्यकर्ता सम्मेलन में अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
जिलाध्यक्ष नदीम को दी विशेष तरजीह
अखिलेश यादव ने जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी को विशेष तरजीह दी। सुबह से शाम तक नदीम राष्ट्रीय अध्यक्ष की गाड़ी में ही रहे। इस दौरान उन्हें चुनाव जीतने के टिप्स दिए। अखिलेश ने कहा कि नदीम अहमद पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए, अदालत से उन्हें राहत मिली। वह पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता हैं।
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अखिलेश यादव कार्यकर्ताओं के साथ
- फोटो : amar ujala
छपाई उद्योग को बढ़ावा देने का आश्वासन
पूर्व मुख्यमंत्री अंगूरीबाग स्थित कपड़ा छपाई के बड़े कारोबारी नितिन साध के घर गए। उन्हें छपाई उद्योग को बढ़ावा देने में सहयोग का भरोसा दिया। साहबगंज चौराहे पर पार्टी नेता मसरूर अहमद, भोलेपुर में पूर्व सांसद मुन्नू बाबू, फूस बंगला में विवेक यादव के घर भी गए। बसपा नेता शिवप्रताप सिंह एडवोकेट उर्फ चीनू ने अखिलेश यादव के समक्ष सपा की सदस्यता ली। कई अन्य नेता भी सपा में शामिल हुए।
सुबोध और सचिन को गेट पर रोका
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे डॉ. सुबोध यादव और सचिन यादव को सुरक्षाकर्मियों ने रोक लिया। फोन कर जिलाध्यक्ष को गेट पर बुलाया, तब अंदर जा सके। निवर्तमान महासचिव मंदीप यादव भी अंदर नहीं घुस पाए। गुस्सा कर वह मुख्य सड़क पर आकर खड़े हो गए। जिलाध्यक्ष उन्हें बुलाते रहे मगर मंदीप अंदर नहीं गए। कई लोगों को सुरक्षाकर्मियाें ने धक्का भी दे दिया।