उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की आरक्षण सूची मंगलवार को जारी कर दी गई है। जिसके बाद पिछले 26 सालों से मुलायम परिवार का एकाधिकार इस बार समाप्त हो जाएगा। सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के गृह ब्लाक सैफई में इस बार अनुसूचित जाति की महिला ब्लाक प्रमुख बनेगी।
विज्ञापन
2 of 6
मुलायम सिंह यादव साथ में भाई रामगोपाल
- फोटो : अमर उजाला
सैफई की ब्लाक प्रमुख की सीट अभी तक अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं हो सकी थी। यह सीट 1995 में ओबीसी, 2000 में अनारक्षित, 2005 में ओबीसी, 2010 में अनारक्षित और 2015 में पिछड़ी जाति महिला के लिए आरक्षित हुई। सबसे पहले यहां मुलायम सिंह यादव के भतीजे रणवीर सिंह यादव पहले ब्लाक प्रमुख बने।
विज्ञापन
3 of 6
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
वे लगातार इस पद पर रहे। उनके निधन के बाद 2005 में मुलायम सिंह के ही दूसरे भतीजे धर्मेंद्र यादव ब्लाक प्रमुख बने। इसके बाद नाती तेज प्रताप सिंह यादव ने यह कुर्सी संभाली। 2015 में स्व रणवीर सिंह की धर्मपत्नी मृदुला यादव ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुई। लगातार एक ही परिवार के प्रतिनिधि यहां चुने जाते रहे।
4 of 6
शिवपाल सिंह यादव व रामगोपाल यादव।
- फोटो : amar ujala
इस बार ब्लाक प्रमुखी की कुर्सी मुलायम सिंह यादव के परिवार को नहीं मिलेगी। इस सीट को अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित कर दिया गया है। सैफई की ग्राम प्रधान अब अनुसूचित जाति की महिला चुनी जायेगी। यहां लगातार 26 साल तक मुलायम सिंह यादव के बचपन के साथी दर्शन सिंह यादव प्रधान रहे। अब उनका निधन हो चुका है।
विज्ञापन
5 of 6
अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook/Anoop Gupta
जिला मजिस्ट्रेट श्रुति सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर और जिला पंचायत राज अधिकारी यतेंद्र सिंह के अनुमोदन के बाद सूची को सभी विकास खंड कार्यालयों और विकास भवन में चस्पा कराया गया। सूची देखने वालों की दिन भर भीड़ रही। शासन ने उन सीटों को सबसे पहले आरक्षण की श्रेणी में शामिल किया जो पिछले 26 सालों से अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित नहीं हो सकी थी।
सैफई ग्राम पंचायत एससी महिला के लिए आरक्षित हुई है। इसी तरह सांसद डॉ. राम शंकर कठेरिया की गृह ग्राम पंचायत नगरिया सरावा भी एससी के लिए आरक्षित हुई है। यह दोनों ग्राम पंचायतें उन वंचित ग्राम पंचायतों में शामिल थी जो आरक्षित नहीं हुई थीं। सदर विधायक सरिता भदौरिया की गृह ग्राम पंचायत उदी को अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। जिले में 471 ग्राम पंचायतें हैं। इनका आरक्षण जारी कर दिया गया है। इसमें सबसे पहले वंचित ग्राम पंचायतों को आरक्षित किया गया है।