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पहली बार होली पर नजर नहीं आए मुलायम सिंह, चाचा शिवपाल और अखिलेश के बीच और बढ़ी दूरियां, तस्वीरें...

Tue, 30 Mar 2021 07:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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फूलों की होली खेलते अखिलेश - फोटो : amar ujala
होली के त्योहार पर सैफई की चर्चा न हो, ऐसा भला कभी संभव है। सैफई की होली का पुराना इतिहास रहा है। ऐसा पहली बार हुआ जब मुलायम सिंह यादव की गैर मौजूदगी में सैफई में मंच सजा। परंपरागत ढंग से होली खेली गई। एक मायने में यह होली इसलिए भी महत्वपूर्ण रही कि पहली बार चाचा शिवपाल और भतीजे अखिलेश यादव ने अलग-अलग रंग बिखेरे।
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मंच पर डांस करते बच्चे - फोटो : amar ujala
चाचा शिवपाल सैफई में ही अपने पिता के नाम से बने एसएस मेमोरियल स्कूल में अपने समर्थकों के साथ होली खेलते और फाग सुनते नजर आए, तो अखिलेश यादव अपने चाचा प्रो.रामगोपाल यादव व अन्य परिजनों के साथ अपने आवास पर फूलों की होली खेलते रहे। मंच पर मुलायम सिंह यादव की मौजूदगी में अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव के बीच होने वाले होली मिलन की परंपरा इस बार टूट गई।

 
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मुलायम परिवार की होली - फोटो : अमर उजाला
होली पर सैफई परिवार दो खेमों में बंट गया। शिवपाल सिंह यादव अपने पुत्र आदित्य यादव के साथ पूरे समय एसएस मेमोरियल में समर्थकों के साथ रंग और गुलाल की होली खेलते रहे। वहीं प्रो.रामगोपाल यादव, अक्षय यादव, धर्मेंद्र यादव, तेज प्रताप सिंह यादव समेत परिवार के बाकी सदस्य अखिलेश यादव के रंग में रंगे दिखाई दिए।

 

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सैफई में सजी महफिल - फोटो : amar ujala
आने वाले पंचायत चुनाव में भी इस तल्खी का असर देखने को जरूर मिलेगा। सैफई में होली पर मुलायम सिंह यादव कार्यकर्ताओं को अपना संबोधन देते थे, लेकिन इस बार उनकी गैर मौजूदगी से उनके संबोधन की परंपरा भी टूट गई। होली पर प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में उन्हें कुछ लोगों ने चुनौती दी है। वे हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। जिला पंचायत के चुनाव में प्रसपा की सक्रिय भागीदारी रहेगी। 

 
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होली कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ता - फोटो : amar ujala
अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि बुरा न मानो होली है। यह योगी जी की मुख्यमंत्री रहते हुए आखिरी होली है। अगले साल प्रदेश की जनता को नई सरकार के साथ होली मनाने का मौका मिलेगा। सरकार भेदभाव से काम कर रही है। शेर पले बढ़े यहां पर, लायन सफारी शुरू होनी चाहिए थी।

 
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मंच पर मौजूद रामगोपाल यादव - फोटो : amar ujala
लायन सफारी इसलिए नहीं शुरू हुई क्योंकि इससे देश ही नहीं दुनियां का आकर्षण इटावा की तरफ बढ़ेगा, टूरिस्ट बढ़ेंगे। इससे किसी न किसी को रोजगार मिलेगा। पंचायत चुनाव में भाजपा को जनता सबक सिखाएगी। चाचा शिवपाल के  होली मनाने के बारे में पूछे जाने पर अखिलेश यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वे कहीं और होली खेल रहे होंगे। इतना जवाब देकर वे सवालों से बचते नजर आए।
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