इटावा में डीसीएम खंदी में गिरने से हुए हादसे में अपनों के मरने व घायल होने की खबर पाकर परिजन आगरा से रात करीब 10 बजे इटावा जिला अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस में पहुंच गए। देखते ही देखते अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस के बाहर कोहराम मच गया। मृतकों के परिजन अपनों से शव से लिपट कर रो पड़े, तो घायल के आंसू भी अपनों को पास देखकर छलक पड़े।
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हादसे के बाद पलटी डीसीएम
- फोटो : amar ujala
अस्पताल व पोस्टमार्टम के दर्द यह हुआ कि मृतकों व घायलों के परिजन एक-दूसरे से लिपट कर आपस में दर्द बांटते नजर आए। हादसे की खबर जैसे ही घायलों व मृतकों के घर आगरा पहुंची, वहां रोना-पीटना मच गया। वीरेंद्र के घर में बेटे के मुंडन समारोह की खुर्शियां मातम में बदल गई। हादसे में घायल व मृतक आपस में रिश्तेदार हैं और अधिकांश एक ही गांव के रहने वाले हैं।
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घायलों को निकालते पुलिस कर्मी
- फोटो : amar ujala
जैसे ही लोगों ने हादसे की खबर मिली, वह अपने निजी और प्राइवेट वाहनों से इटावा की तरफ चल पड़े। रात में सभी जिला अस्पताल, सैफई और अन्य अस्पतालों में पहले गए। वहां भर्ती घायलों की हालत देखकर रो पड़े। वहां मृतकों की सूची देखकर मृतकों के परिजन व रिश्तेदार अस्पताल की मर्चुरी और फिर पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए।
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घायलों को निकालते पुलिस कर्मी
- फोटो : amar ujala
वहां मरने वालों में अपनों की तलाश की। फिर शव से लिपट कर बिलख पड़े। मौके पर मौजूद पुलिस व दूसरे लोगों ने दुखी परिजनों को ढांढस बंधाकर शांत कराया। हादसे का शिकार हुए दो भाई जनवेद सिंह व लालू बघेल भी हैं। यह जानकारी जनवेद के बेटे सूरज ने दी। वहीं, मृतकों में रामदास व किशन लाल जीजा-साला हैं।
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हादसे के बाद घायलों को निकालते हुए
- फोटो : amar ujala
वीरेंद्र के जिस बेटे का मुंडन संस्कार था उसका देर रात पता नहीं चल सका। बच्चा लापता है या परिवार के किसी व्यक्ति के पास, इसकी जानकारी प्रशासन कर रहा है। देर रात पुलिस की एक टीम हादसा स्थल पर भेजी गई। टीम खंदी में बच्चे की तलाश की लेकिन वहां भी पता नहीं चला। पुलिस का कहना है कि वीरेंद्र जिला अस्पताल में भर्ती है और बेहोश है। परिवार के ज्यादातर लोग घायल हैं या मर चुके हैं। इससे बच्चे की नहीं हो पा रही है। फिर भी वीरेंद्र के बेटे का पता लगाया जा रहा है। (ब्यूरो)
रात में हुआ मृतकों को पोस्टमार्टम
जिला प्रशासन रात में ही हादसे का शिकार हुए 12 लोगों का पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया। सीएमओ ने डॉक्टरों का टीम गठित की। इसके बाद डॉक्टर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और मृतकों को पोस्टमार्टम किया। देर रात शवों को एंबुलेंस से मृतकों के गृह जनपद आगरा भेज दिया गया। ताकि रविवार को परिजन मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार कर सकें।