चित्रकूट जिला जेल में गैंगवार के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर अंशू दीक्षित के पिता जगदीश शनिवार की दोपहर को मुख्यालय में बेटे का शव लेने के लिए पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे तो शव देख अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की साजिश से इतनी बड़ी घटना जेल के अंदर हुई है। जिसमें उसके पुत्र अंशू की हत्या कर दी गई। सिर में पीछे से गोली मारी गई है। अकेले उनका पुत्र दो अन्य बंदियों को कैसे मार देगा यह सोचने की बात है। घटना साजिश के तहत कराई गई है। माफिया विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी रह चुके शार्प शूटर अंशू के रिटायर्ड बैंककर्मी पिता जगदीश ने कहा कि उसके पुत्र को मारकर पाप किया गया है। इसका फल भगवान एक न एक दिन देगा। कहा कि उसके पुत्र से तीन दिन पहले फोन से बात हुई थी। जिसमें कहा था कि वह बिल्कुल ठीक है।
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एनकाउंटर में मारा गया अंशुल दीक्षित
- फोटो : amar ujala
इसके बाद यह हत्याकांड हो गया। उसके अपराधी होने और माफिया से संबंधों के बाबत कहा कि अब कुछ बोलने से फायदा नहीं होगा। जो होना था वह तो हो गया, अब तो न्याय भगवान ही करेंगे।
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मुकीम काला
- फोटो : amar ujala
बताया कि ग्रामीण बैंक में नौकरी करते थे और सेवानिवृत्त होने के बाद घर में रहकर पूजा पाठ में समय तक बिताते हैं। इसके अलावा उन्होंने कुछ बोलने से इनकार कर दिया। अंशू की मां निशा दीक्षित ने कहा कि जो सच्चाई है, उसको मीडिया को छापना चाहिए, ताकि मामले का खुलासा होना चाहिए। कहा कि उसके बेटे को साजिश कर मरवा दिया गया है।
बता दें कि चित्रकूट जिला जेल रगौली में शुक्रवार को ईद के दिन सुबह लगभग आधे घंटे तक ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज से हड़कंप मच गया था। जेल में पूर्वाचंल के शार्पशूटर अंशू दीक्षित ने पिस्टल से कुख्यात अपराधी मुकीम काला व मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अली को गोलियों से भून डाला।
इसके बाद कई अन्य बंदियों को बंधक बनाकर जेल से भागने की बात करता रहा लेकिन इसी बीच जिले की भारी पुलिस बल ने आकर पूरे परिसर को घेर लिया था। पुलिस ने हत्यारोपी अंशू को आत्मसमर्पण के लिए कहा था। हत्यारोपी ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग झोंक दी। जिसमें कई जवान बाल बाल बचे थे। इसी बीच जवाबी फायरिंग में पुलिस ने अंशू को भी ढेर कर दिया था।