चित्रकूट जिला जेल में दिनदहाड़े गैंगवार में गैंगस्टर अंशू दीक्षित द्वारा पिस्टल से दो कुख्यात अपराधियों मेराज अली व मुकीम काला की हत्या, फिर पुलिस मुठभेड़ में खुद के मारे जाने के तीन दिन बाद भी अभी तक न्यायिक जांच के आदेश जारी नहीं हुए हैं। जिले के जिस भी अधिकारी से पूछो तो वह कुछ भी बताने से इनकार कर बस यही कह रहा कि जांच चल रही है। मामले से जुड़ी जानकारियां मीडिया से छिपाने का प्रयास भी जेल प्रशासन व जांच अधिकारी कर रहे हैं। अधिकारी जांच के नाम पर बस बंद कमरे में बातचीत कर चार पहिया वाहनों से आ जा रहे हैं। कई जानकारों की मानें तो सब मामला प्रायोजित ही था, अब दोषी बनाए गए लोगों को बचाने की जुगत भी शुरू कर दी गई है।
जेल में पिस्टल और मैग्जीन कैसे पहुंची
जेल में कुख्यात अपराधी और पुलिस मुठभेड़ में ढेर अंशू दीक्षित के पास तक पिस्टल और मैग्जीन कैसे पहुंची और किसने पहुंचाई तीन दिन के बाद भी अभी तक कोई खुलासा नहीं हो सका है। अफसर जांच चल रही है कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। जांच के नाम पर जेल परिसर में अफसर पहुंचते तो हैं, लेकिन क्या हो रहा है, कोई कुछ बताने को तैयार नहीं हैं।
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घटना के बाद छावनी बनी चित्रकूट जेल
- फोटो : amar ujala
उधर, पूरे मामले में अधिवक्ता रुद्र प्रसाद मिश्र का कहना है कि प्रशासन मुख्य आरोपियों को बचाना चाह रहा है। अभी तक सिर्फ जांच का बहाना कर अपना पक्ष मजबूत किया जा रहा है। ऐसे में तो लगता है कि निलंबित किए गए लोग ही मुख्य दोषी भी हैं।
पूरा मामला कारागार प्रशासन देख रहा है। जिला प्रशासन स्तर से जो कार्यवाही होनी थी वह सब कर दी गई है। आगे की कार्रवाई के लिए जेल प्रशासन की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। चित्रकूट जेल में चेकिंग के दौरान कई बार जेल अधीक्षक को बंदियों और बैरक की जांच पर विशेष जोर देने को कहा जाता था। इसके बावजूद इस तरह की घटना होने से सबक लेने की जरूरत है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। - शुभ्रांत कुमार शुक्ल, जिलाधिकारी, चित्रकूट
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गेट पर तैनात फोर्स
- फोटो : amar ujala
होमगार्ड लगा चुके शोषण का भी आरोप
जिला जेल रगौली में कैदियों व बंदियों की देखभाल व सुरक्षा के लिए होमगार्डों की ही ड्यूटी लगाई जाती रही है। ड्यूटी करने वाले होमगार्ड शोषण करने व मानदेय न देने को लेकर अफसरों को पत्र देकर आरोप भी लगा चुके हैं। जिला जेल में कई होमगार्डों की ड्यूटी लगी है जिसमें महिला होमगार्ड भी शामिल है।
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जांच कर निकलते अधिकारी
- फोटो : amar ujala
कुछ दिन पहले होमगार्डों ने कलक्ट्रेट परिसर में अफसरों को पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनको मानदेय नहीं मिल रहा है। हालांकि, तीन बंदियों के मारे जाने की घटना के बाद से उन्होंने चुप्पी साध ली है।
कर्मियों के क्रिया कलापों पर रखी जा रही नजर
जिला जेल में तैनात सुरक्षा कर्मियों सहित होमगार्डों के जेल के अंदर ड्यूटी के दौरान के क्रिया कलापों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पता लगाया जा रहा कि जेल के अंदर अंशू दीक्षित तक पिस्टल कैसे पहुंची। कहीं किसी पुलिस कर्मी ने तो नहीं अंशू तक पिस्टल पहुंचाई है। यह भी पता लगाया जा रहा कि ड्यूटी के दौरान कौन-कौन कर्मी अंशू दीक्षित से मिलता था। किस होमगार्ड ने कब-कब ड्यूटी की कि जानकारी ली जा रही है। हालांकि, अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।