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तस्वीरें: पोकलेन मशीनों से आठ बड़े निर्माण जमींदोज, चारों तरफ छाया रहा धूल का गुबार; गूंजता रहा मशीनों का शोर

Sat, 02 May 2026 07:03 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।

सार

Chandauli News: जीटी रोड पर तीसरे दिन भी सड़क चौड़ीकरण के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई है। इस दौरान आठ बड़े निर्माण ध्वस्त किए गए हैं। परमार कटरा से काली मंदिर तक अतिक्रमण हटाया गया। 
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ध्वस्तीकरण की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
नगर में जीटी रोड के चौड़ीकरण को लेकर चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान की कार्रवाई शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। पीडब्ल्यूडी विभाग ने पोकलेन मशीन की मदद से सड़क किनारे बने आठ बड़े निर्माण को धराशायी कर दिया। इस दौरान चारों ओर धूल का गुबार छाया रहा और पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। शनिवार सुबह करीब 10 बजे एसडीएम अनुपम मिश्रा और सीओ अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में परमार कटरा के पास कार्रवाई शुरू हुई। इसके बाद टीम काली मंदिर तक बढ़ती गई और सड़क के उत्तरी पटरी पर बने अतिक्रमण को हटाया गया। हालांकि अधिकांश भवन स्वामियों ने प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही अपने निर्माण स्वयं तोड़ना शुरू कर दिया, जिससे अधिकारियों को कम मशक्कत करनी पड़ी।
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ध्वस्तीकरण की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
दिनभर बाजार में ड्रिल मशीन, हैमर और जनरेटर की तेज आवाज गूंजती रही। तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे रहे। कई जगह मजदूरों को लगाकर तो कई स्थानों पर खुद मकान मालिक और उनके परिजन निर्माण तोड़ते नजर आए। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिसमें महिला और पुरुष दोनों कर्मी शामिल थे।
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ध्वस्तीकरण की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
'साहब, हमरे पास पैसा नाहीं, तू ही मकानवा तोड़ दा'
अभियान के दौरान कई मार्मिक और चौंकाने वाले दृश्य भी सामने आए। एक वृद्धा ने एसडीएम से गुहार लगाते हुए कहा कि उसके पास मकान तोड़ने के लिए पैसे नहीं हैं, इसलिए प्रशासन ही उसका मकान गिरवा दे। वहीं कुछ जगहों पर मकान मालिकों ने पुराने किरायेदारों के कब्जे वाले हिस्से को मौका देखकर खुद ही ध्वस्त करा दिया, जिससे बाजार में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।

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ध्वस्तीकरण की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
मकान तोड़ने के लिए ठेके, लाखों तक पहुंची लागत
भवन तोड़ने के लिए लोगों ने ठेकेदारों को काम सौंप दिया है। छोटी दुकानों को तोड़ने के लिए जहां 8 से 10 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं, वहीं बड़े भवनों के लिए एक लाख रुपये तक का ठेका तय हो रहा है। इसके लिए बाहर के शहरों से भी विशेषज्ञ बुलाए जा रहे हैं।
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ध्वस्तीकरण की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
बिजली कटौती से बढ़ी परेशानी
एक ओर लोग अपने निर्माण तोड़ने में जुटे हैं, वहीं बिजली आपूर्ति बाधित होने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। ड्रिल मशीन और हैमर चलाने के लिए लोगों को जनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे खर्च और बढ़ रहा है।
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ध्वस्तीकरण की कार्रवाई - फोटो : अमर उजाला
अधिकारी बोले
रविवार को परीक्षा के चलते अभियान स्थगित रहेगा और सोमवार से पुनः कार्रवाई शुरू की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे स्वयं अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। -राजेश कुमार, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग

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