बुलंदशहर के अरनिया थाना क्षेत्र के गांव घटाल के निकट रविवार देर रात करीब 1:45 बजे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में दो मां-बेटों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। 45 श्रद्धालु घायल हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर है।
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कंटेनर की टक्कर से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर ट्रॉली
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर जिले के खुर्जा स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती आठ वर्षीय प्रिंस को जब होश में आया तो अपने पिता विनोद (35) और दादी रामबेटी (65) को ढूंढता रहा। चारों ओर बिस्तर पर घायल ही पड़े थे और चिकित्सक उनके उपचार में लगे थे। बच्चे ने रोते हुए पापा को आवाज लगाई तो स्वास्थ्यकर्मियों ने उसको चुप कराते हुए आराम करने को कहा। मासूम को यह पता ही नहीं था कि उसके पिता और दादी अब इस दुनिया में नहीं रहे।
सुबह करीब छह बजे के बाद कासगंज से उसकी मां मंजू अस्पताल पहुंचीं और बेटे प्रिंस के बारे में पूछा। उसको देखते ही सीने से चिपका लिया। कुछ देर बाद मंजू को जानकारी मिली कि उनके पति विनोद और सास रामबेटी की मौत हो गई है। यह सुनकर मंजू बदहवास हो गई।
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क्षतिग्रस्त कंटेनर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसी तरह स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें संभाला। सीओ पूर्णिमा सिंह ने मंजू को गले लगाकर ढांढस बांधाया। सीओ ने मंजू को समझाया कि बच्चों के लिए उन्हें जीना है। दो मासूम बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधे पर है। मां को रोते हुए देखकर घायल प्रिंस उनकी गोद में बैठ गया और पापा व दादी के बारे में पूछने लगा।
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पुलिस के सामने हाथ फैलाकर गुहार लगाते हुए।
- फोटो : हिमांशु चौहान
इस पर मंजू ने प्रिंस को गले लगा लिया लेकिन कुछ कह नहीं सकीं। इसके बाद शव को ले जाने के लिए मंजू को पोस्टमार्टम हाउस पर भेजा गया। मजबूरी में लड़खड़ाते हुए और रोती बिलखती मंजू अपने बेटे प्रिंस को लेकर बुलंदशहर के लिए रवाना हो गई।
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हादसे के बाद अस्पताल में रोती-बिलखती मृतक बच्चे शिवांश की नानी रामवती
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो घंटे पहले सभी ने एक साथ खाया था खाना
हादसे से लगभग दो घंटे पहले अलीगढ़ जनपद के गभाना में श्रद्धालुओं ने एक साथ खाना खाया था। घायल विजय ने बताया कि ट्रॉली सवार सभी लोग मजदूर वर्ग से थे। जात लगाने के सफर के लिए सभी लोग अपने-अपने घरों से खाना बनाकर लाए थे।
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सड़क हादसे के बाद कैलाश अस्पताल में घायलों से भरा हुआ वार्ड
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अलीगढ़ के टोल प्लाजा से कुछ दूर पहले ही ट्रैक्टर-ट्रॉली को एक ढाबे के पास रोक लिया। सभी ने अपने-अपने घर का बना हुआ खाना एक साथ मिलकर खाया। मौसम भी काफी अच्छा था तो सभी सफर का आनंद ले रहे थे।
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हादसे के बाद कैलाश अस्पताल में भर्ती घायल बच्चों से जानकारी करते डीएम व एसएसपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अचानक बनी ट्रॉली में बैठकर जाने की योजना
विजय ने बताया कि रफातपुर में उनके मामा जशरथ रहते हैं। मामा ने बताया था कि रफातपुर से हर साल राजस्थान के गोगामेड़ी में जात लगाने के लिए श्रद्धालुओं का समूह जाता है। उसने भी चलने की इच्छा व्यक्त की थी। शुक्रवार सुबह ही मामा का फोन आया कि ट्रॉली से जाएंगे तो समय से गांव में आ जाना। इसके बाद विजय अपने बेटे संदीप और दिव्यांश के साथ पहुंच गए थे।
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हादसे की जानकारी लेते मंडलायुक्त और डीआईजी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली में कंटेनर ने मारी टक्कर
बुलंदशहर के अरनिया थाना क्षेत्र के गांव घटाल के निकट रविवार देर रात करीब 1:45 बजे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में दो मां-बेटों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। 45 श्रद्धालु घायल हैं, जिनमें दो की हालत गंभीर है। ट्रैक्टर-टॉली में सवार होकर 67 श्रद्धालु कासगंज से राजस्थान के हनुमानगढ़ के गोगामेड़ी स्थित जाहरवीर बाबा के मंदिर जा रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है।
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अस्पताल में मौजूद पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कासगंज के सोरों थाना क्षेत्र के गांव रफातपुर निवासी मूलचंद ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी गांव के काफी लोग गोगामेड़ी में जाहरवीर बाबा मंदिर में जात (पूजा अर्चना) लगाने जा रहे थे। रविवार को सभी लोगों ने अपने-अपने घरों में पूजा की। शाम सात बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली तैयार की गई। गांव रफातपुर, मिलकिनिया, बसंतनगर, नगला बिहारी और भैंसोड़ा बुजुर्ग गांव के करीब 22 बच्चों समेत कुल 67 श्रद्धालु सफर पर जाने के लिए सवार हुए थे।
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अस्पताल में भर्ती घायल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ट्रॉली में लोहे की जाली, बांस व लकड़ी के फट्टे लगाकर ऊपर और नीचे दो हिस्से बनाए गए थे। रात करीब एक बजकर 45 मिनट पर जब ट्रैक्टर-ट्रॉली बुलंदशहर के अरनिया थाना क्षेत्र स्थित घटाल गांव के पास पहुंची तो कुछ लोगों ने लघुशंका के लिए रुकवा लिया। तभी पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने ट्राली में टक्कर मार दी। ट्रॉली कुछ दूरी तक घिसटने के बाद दाईं ओर पलट गई। कुछ श्रद्धालु ट्रॉली के नीचे दब गए तो कुछ टक्कर के बाद दूर जाकर गिरे। आरोपी चालक मौके पर कंटेनर छोड़कर भाग गया।
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अस्पताल में मौजूद पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे के बाद आए ट्रक और रोडवेज बस के चालकों ने घायलों को साइड में किया। पांच मिनट में एनएचएआई की बूथ पेट्रोलिंग की टीम और 10 मिनट में पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने अपने वाहन, एंबुलेंस और राहगीरों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। खुर्जा के कैलाश अस्पताल में 34 घायलों को, मुनी सीएचसी में 12, छह को राजकीय जटिया अस्पताल और तीन को एनआर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
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कंटेनर की टक्कर से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर ट्रॉली
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अस्पताल में पहुंचने पर चिकित्सकों ने गांव रफातपुर निवासी चांदनी (12), रामबेटी (62) और उनके पुत्र विनोद (35), योगेश (50), गांव बसंतनगर निवासी मोहरश्री (50) और उनके पुत्र ईपू बाबू (35), गांव मिलकिनिया निवासी ट्रैक्टर चालक धनीराम (40), गांव नगला बिहारी निवासी शिवांश (06) को मृत घोषित कर दिया गया। सोमवार दोपहर कैलाश अस्पताल में भर्ती गांव भैंसोड़ा निवासी लेखराज (40) की भी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
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कंटेनर की टक्कर से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर ट्रॉली
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अलीगढ़ के अस्पताल में दोपहर करीब तीन बजे उमाशंकर (60) निवासी रफातपुर और रामचरन ने भी दम तोड़ दिया। मंडलायुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद, डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम श्रुति, एसएसपी दिनेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया।
घटनास्थल पर मौजूद अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घायलों को प्राथमिकता पर बेहतर उपचार दिलाया गया है। दोपहर तक सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। कुछ घायल अभी उपचाराधीन है, अधिकतर को उपचार के बाद भेज दिया गया है। आरोपी कंटेनर चालक अभी फरार है। कंटेनर को सीज कर तहरीर के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। - कलानिधि नैथानी, डीआईजी, मेरठ रेंज