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यूपी में 11 की मौत: 'बचा लो मुझे...', 30 मी. तक खून ही खून, काफी दूर घिसटकर पलटी ट्रॉली; संभलने का न मिला मौका

Tue, 26 Aug 2025 11:22 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर

सार

बुलंदशहर में नेशनल हाईवे 34 पर श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली में कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में दो मां-बेटों समेत 11 की मौत हो गई। 45 लोग घायल हो गए। रविवार रात करीब 1:45 बजे यह हादसा हुआ।
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Bulandshahr Accident - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में रविवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में 11 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 45 घायल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 42 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। दो लोगों की हालत गंभी बनी हुई है। 

उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार होकर 67 श्रद्धालु राजस्थान के हनुमानगढ़ के गोगामेड़ी स्थित जाहरवीर बाबा के मंदिर जा रहे थे। नेशनल हाईवे 34 पर बुलंदशहर के अरनिया थाना क्षेत्र के गांव घटाल के निकट रविवार देर रात करीब 1:45 बजे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में दो मां-बेटों समेत 11 लोगों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है।
 
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कंटेनर की टक्कर से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर ट्रॉली - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खड़ी थी ट्रैक्टर-ट्रॉली, अचानक पीछे से आ गई मौत
दरअसल, कुछ देर पहले ही सभी गोगा जी महाराज की जयकार कर रहे थे और खाना भी खाया था। अरनिया के गांव घटाल के पास कुछ श्रद्धालुओं ने लघुशंका के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली रुकवाई थी। इसके कुछ ही सेकंड में अलीगढ़ की ओर से आ रहे कंटेनर ने मौत बनकर ट्रॉली को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। 

 
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कंटेनर की टक्कर से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर ट्रॉली - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
संभलने का भी नहीं मिला मौका
हादसा इतना भयानक था कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। ट्रैक्टर-ट्रॉली करीब 20 मीटर तक घिसटते हुए चली गई। हादसे की यह भयावहता बताते हुए जिला अस्पताल में भर्ती सुरेंद्र अचेत हो गए।

 

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अस्पताल में मौजूद पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
श्रद्धालुओं को तय करना था करीब 520 किलोमीटर का सफर
कासगंज से रविवार शाम करीब सात बजे निकले श्रद्धालुओं को करीब 520 किलोमीटर का सफर तय करना था। सभी श्रद्धा से सराबोर थे। बाबा की जात लगाने व दर्शन करने के लिए उत्सुक थे। उन्हें घर से निकले हुए करीब साढ़े छह घंटे का समय ही बीता था। सफर करीब 120 किलोमीटर का ही पूरा हुआ था। तभी कुछ श्रद्धालुओं ने हाईवे किनारे घटाल गांव के पास लघुशंका के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकवा लिया। 

 
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क्षतिग्रस्त कंटेनर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कंटेनर ने ट्रॉली को मारी टक्कर 
करीब आठ-दस लोग नीचे उतरे थे, बाकी लोग बैठे और सोते रहे। अधिकतर सो रहे थे या नींद की झपकी में थे और कुछ भजन गुनगुना रहे थे। कुछ सेकंड में अलीगढ़ की ओर से आ रहे तेज रफ्तार अनियंत्रित कंटेनर ने ट्रॉली को टक्कर मार दी।

 
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अस्पताल में भर्ती घायल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोनों के टकराते ही तेज आवाज हुई और कंटेनर ट्रैक्टर-ट्रॉली को करीब 20 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। इसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दब गए और कुछ सड़क पर इधर-उधर गिर गए। जब तक श्रद्धालु कुछ समझ पाते सभी लोग खून से लथपथ थे। कोई मौके पर ही अचेत हो गया तो किसी की मौत हो गई।

 
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कंटेनर की टक्कर से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर ट्रॉली - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
20 से 30 मीटर तक श्रद्धालुओं का सामान, जूते-चप्पल फैला
मंजर देख सभी की चीत्कार निकल गई। दुर्घटनास्थल पर करीब 20 से 30 मीटर तक श्रद्धालुओं का सामान, जूते-चप्पल और खून फैल गया। इस दौरान पीछे से आ रही रोडवेज बस व ट्रक चालकों ने वाहनों को रोककर सड़क पर अचेत घायलों को हटाया।

 

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अस्पताल में मौजूद पुलिस और घायल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सदमे में है मौसम, बोला.. मुझे बचा लो
हादसे के बाद दो घायलों सुरेंद्र निवासी गांव मिलकिनिया और दस वर्षीय मौसम निवासी गांव रफातपुर थाना सोरों जनपद कासगंज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के करीब छह घंटे बाद जब अस्पताल में भर्ती मौसम से बातचीत की तो वह सदमे में था। वहां मौजूद अस्पताल स्टाफ व लोगों से वह खुद को बचाने की अपील कर रहा था। जिस अस्पताल में मौजूद नर्सों ने सांत्वना दीं। यह देख मौसम की मां भावुक हो रही थीं। हादसे में वह भी बाल-बाल बची थीं।
 

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रुबी के दर्द को देख स्वास्थ्यकर्मी भी अपने आंसू नहीं रोक पाए - फोटो : हिमांशु चौहान
शिवांश चला गया, अब कौन करेगा स्कूल जाने की जिद
बदायूं के मोहम्मदपुर जवाहरपुर गांव निवासी रूबी आठ साल के बेटे शिवांश की मौत के बाद बिलख उठीं। रोते हुए कहा कि दो दिन पहले ही बेटे शिवांश का एलकेजी में प्रवेश कराया था। अब स्कूल जाने की जिद कौन करेगा। रूबी ने बताया कि रफातपुर में उनका मायका है। 

 

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हादसे में घायलों से जानकारी लेते मंडलायुक्त और डीआईजी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वह पति अजय और आठ साल के बेटे शिवांश के साथ जात लगाने के लिए रफातपुर गांव आई थीं। परिवार के सभी लोग काफी खुश थे। रोते हुए रूबी बार-बार अपनी गोद को देखतीं और बोलती कहां गया मेरा लाल। रूबी की मां रामवती भी घेवते की मौत से सदमे में हैं।

 

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सड़क हादसे में घायल लोगों के परिजनों से वार्ता करते जिले के प्रभारी मंत्री - फोटो : भाजपा
मासूम भांजे, मौसी और मौसेरे भाई की मौत के सदमे में डूबा ट्रैक्टर मालिक प्रमोद
रफातपुर गांव निवासी ट्रैक्टर मालिक प्रमोद अपने आठ साल के भांजे शिवांश, मौसी मोहश्री (50) और मौसेरे भाई ईपुबाबू (35) की मौत के बाद गहरे सदमे में आ गए। एक ओर अपनी बहन रूबी को संभालते तो मौसा पातीराम से बात कर उनका हौंसला बंधाते। साथ ही अस्पताल में गंभीर अवस्था में भर्ती अपनी बेटी अनन्या और तनिष्का को देख रो देते। 

 

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हादसे में घायलों से जानकारी लेते मंडलायुक्त और डीआईजी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रमोद ने बताया कि वह अपनी दोनों बेटियों और मां रामवती के साथ जात लगाने जा रहे थे। उनके साथ बदायूं निवासी उनकी बहन रूबी, जीजा अजय और भांजा शिवांश भी थे। हादसे में शिवांश की मौत हो गई। इसके अलावा मिलकिनिया गांव निवासी उनकी मौसी मोहश्री, मौसा पातीराम और मौसेरे भाई ईपुबाबू भी थे। दोनों परिवार को प्रमोद ने ही बुलाया था कि उनका ही ट्रैक्टर जात में जाएगा तो सभी जरूर चलेंगे।
 

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हादसे की जानकारी लेते मंडलायुक्त और डीआईजी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रफातपुर गांव से ट्रैक्टर ट्राली गोगामेड़ी जा रहे थे 67 श्रद्धालु
कासगंज के सोरों थाना क्षेत्र के गांव रफातपुर निवासी मूलचंद ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी गांव के काफी लोग गोगामेड़ी में जाहरवीर बाबा मंदिर में जात (पूजा अर्चना) लगाने जा रहे थे। रविवार को सभी लोगों ने अपने-अपने घरों में पूजा की। शाम सात बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली तैयार की गई। गांव रफातपुर, मिलकिनिया, बसंतनगर, नगला बिहारी और भैंसोड़ा बुजुर्ग गांव के करीब 22 बच्चों समेत कुल 67 श्रद्धालु सफर पर जाने के लिए सवार हुए थे।
 

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हादसे के बाद कैलाश अस्पताल में भर्ती घायल बच्चों से जानकारी करते डीएम व एसएसपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कंटेनर छोड़कर भाग गया आरोपी
ट्रॉली में लोहे की जाली, बांस व लकड़ी के फट्टे लगाकर ऊपर और नीचे दो हिस्से बनाए गए थे। रात करीब एक बजकर 45 मिनट पर जब ट्रैक्टर-ट्रॉली बुलंदशहर के अरनिया थाना क्षेत्र स्थित घटाल गांव के पास पहुंची तो कुछ लोगों ने लघुशंका के लिए रुकवा लिया। तभी पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने ट्राली में टक्कर मार दी। ट्रॉली कुछ दूरी तक घिसटने के बाद दाईं ओर पलट गई। कुछ श्रद्धालु ट्रॉली के नीचे दब गए तो कुछ टक्कर के बाद दूर जाकर गिरे। आरोपी चालक मौके पर कंटेनर छोड़कर भाग गया।

 

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हादसे के बाद अस्पताल में रोती-बिलखती मृतक बच्चे शिवांश की नानी रामवती - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हादसे के बाद आए ट्रक और रोडवेज बस के चालकों ने घायलों को साइड में किया। पांच मिनट में एनएचएआई की बूथ पेट्रोलिंग की टीम और 10 मिनट में पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने अपने वाहन, एंबुलेंस और राहगीरों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। खुर्जा के कैलाश अस्पताल में 34 घायलों को, मुनी सीएचसी में 12, छह को राजकीय जटिया अस्पताल और तीन को एनआर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
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पुलिस के सामने हाथ फैलाकर गुहार लगाते हुए। - फोटो : हिमांशु चौहान
अस्पताल में पहुंचने पर चिकित्सकों ने गांव रफातपुर निवासी चांदनी (12), रामबेटी (62) और उनके पुत्र विनोद (35), योगेश (50), गांव बसंतनगर निवासी मोहरश्री (50) और उनके पुत्र ईपू बाबू (35), गांव मिलकिनिया निवासी ट्रैक्टर चालक धनीराम (40), गांव नगला बिहारी निवासी शिवांश (06) को मृत घोषित कर दिया गया। सोमवार दोपहर कैलाश अस्पताल में भर्ती गांव भैंसोड़ा निवासी लेखराज (40) की भी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। अलीगढ़ के अस्पताल में दोपहर करीब तीन बजे उमाशंकर (60) निवासी रफातपुर और रामचरन ने भी दम तोड़ दिया। मंडलायुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद, डीआईजी कलानिधि नैथानी, डीएम श्रुति, एसएसपी दिनेश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर घटना का जायजा लिया।
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