खूनी संघर्ष की नफरत अमित के भीतर भी उसके बचपन के दिनों से ही भरी हुई थी। उसी संघर्ष में उसकी मां और मामा की हत्या हुई तो उसने उसका बदला गत वर्ष लॉकडाउन के दौरान खानपुर के जाड़ौल निवासी संजीव प्रधान की हत्या कर लिया। लेकिन, खूनी रंजिश की नफरत अभी भी उसके दिल और दिमाग से खत्म नहीं हो रही है। यही कारण है कि धनौरा में रविवार सुबह हुए गोलीकांड का मुख्य साजिशकर्ता पुलिस जेल में बैठे अमित को ही मान रही है।
रविवार को धनौरा में हुए गोलीकांड के बाद एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच में जेल में बंद कुख्यात अमित का नाम सामने आ रहा है। अमित का नाम सामने आते ही रविवार को हुए गोलीकांड की परतें भी धीरे-धीरे खुलने लगी हैं। गौरतलब है कि उसकी मां और मामा की उसकी ननिहाल जाड़ौल में अलग-अलग समय पर हत्या कर दी गई थी। इन हत्याओं में हिस्ट्रीशीटर और खानपुर के गांव जाड़ौल निवासी पूर्व प्रधान संजीव का नाम सामने आया था। मां-मामा की हत्या की ज्वाला को शांत करने के लिए अमित भी अपराध के दलदल में उतर गया था।
एक के बाद एक हत्याओं में उसका नाम सामने आने लगा था। यही नहीं, बुलंदशहर के अलावा हरियाणा और दिल्ली में हुई हत्याओं में भी उसका नाम सामने आया था। गत वर्ष कोरोना काल के दौरान 15 जून की रात करीब नौ बजे उसने बुलंदशहर देहात कोतवाली क्षेत्र के यमुनापुरम इलाके में अपनी मां और मामा के हत्यारोपी संजीव प्रधान की अपने साथियों के साथ गाड़ी के अंदर ही गोलियों से भून कर हत्या कर दी थी। सरेशाम उसने कालोनी में उसकी कार पर दनादन गोलियां बरसाईं थीं।
हालांकि, 72 दिन तक जनपद पुलिस उसकी खाक छानती रही। लेकिन, वह हाथ नहीं लगा। बाद में 26 अगस्त 2020 को एसटीएफ नोएडा ने उसे व उसके साथियों को नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार किया था। जब, उसकी गिरफ्तारी हुई उस दौरान उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।