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हाईवे कांड: 'मैं बेबस था...गिड़गिड़ाता रहा, बेटी-पत्नी को छोड़ दो मुझे गोली मार दो'; पिता बोले-आज भी हरे हैं जख्म

Wed, 24 Dec 2025 01:29 PM IST
शाहरुख खान विकास वत्स, अमर उजाला, बुलंदशहर

सार

बुलंदशहर हाईवे कांड में पीड़ित पिता का दर्द छलका है। उन्होंने कहा कि उस काली रात के जख्म आज भी हरे हैं। वो रात याद कर पीड़ित परिवार सिहर उठते है। उन्होंने कहा कि दरिंदे मेरी आंखों के सामने पत्नी और बेटी को घसीटकर ले गए थे। मैं गिड़गिड़ाते रहा कि मेरी बेटी और पत्नी को छोड़ दो, मुझे गोली मार दो।
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Bulandshahr highway incident - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
बुलंदशहर के नेशनल हाईवे-91 पर हुए जघन्य कांड के नौ साल बाद भी पीड़ित परिवार का जीवन पटरी पर नहीं लौट पाया है। वारदात के बाद तत्कालीन सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों ने पीड़ित परिवार की चौखट तक दौड़ जरूर लगाई थी। 

नौकरी, घर और बेहतर भविष्य के बड़े-बड़े वादे किए थे। दरिंदगी की शिकार हुई बेटी के पिता का दर्द है कि ये सब मीडिया में महज सुर्खियां बनकर रह गए। उनका कहना है कि गाजियाबाद में सरकार ने जो घर दिया, वह रहने लायक नहीं था। 
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हाईवे कांड के आरोपी सुनील और नरेश को जेल लेकर जाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नौकरी देने का वादा अब तक अधूरा है। बेटी बालिग हो गई, लेकिन उसे मिलने वाली मदद सरकारी फाइलों में दबकर रह गई। पढ़ाई में मदद का वादा भी पूरा नहीं हुआ।
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हाईवे कांड के आरोपी धर्मवीर उर्फ राका को जेल लेकर जाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रदेश सरकार से अपील... बेटी को तो दे दो नौकरी
पीड़ित पिता ने वर्तमान सरकार से अपील की है कि उनके परिवार को वह सम्मान और सुरक्षा दी जाए, जिसका वादा वर्षों पहले किया गया था। साथ ही उनकी बेटी को सरकारी नौकरी दी जाए, जिससे वह समाज के बीच सम्मान के साथ सिर उठाकर जी सके।
 

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हाईवे कांड के आरोपी जुबैर और साजिद को जेल लेकर जाती पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अधिकारियों ने ही दबा दी आवाज
उस वक्त के कद्दावर नेता आजम खां के इस कांड को राजनीतिक साजिश करार देने का जब पीड़ित पिता ने विरोध किया तो न्याय दिलाने का दावा करने वाले अधिकारी ही दुश्मन बन गए।
 
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हाईवे पर गांवदोस्तपुर के पास तैनात पुलिस - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिता का आरोप है कि तत्कालीन अधिकारियों ने उन्हें फटकार लगाई और चुप रहने की हिदायत दी। व्यवस्था का क्रूर चेहरा तब और साफ हुआ, जब पीड़ित परिवार को ही दोषी ठहराने की कोशिश की गई। 
 
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कोर्ट परिसर में हाईवे कांड की सुनाई गई सजा के दौरान मौजूद पुलिस बल - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
थानेदार की दुत्कार के बाद मिला डीआईजी दीदी का साथ
पीड़ित पिता का यह भी आरोप है कि घटना के बाद जब लहूलुहान हालत में परिवार कोतवाली पहुंचा तो थानेदार के शब्द मरहम लगाने के बजाय घावों को गहरा करने वाले थे। थानेदार ने कहा कि एफआईआर क्यों लिखवा रहे हो। बेवजह कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटोंगे। 
 
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हाईवे कांड के दौरान जांच करने पहुंचे तत्कालीन नवनियुक्त एसपी सिटी व देहात कोतवाली प्रभारी(फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हताशा के उस दौर में तत्कालीन डीआईजी मेरठ रेंज लक्ष्मी सिंह (वर्तमान में पुलिस कमिश्नर) उम्मीद बनकर सामने आईं। पीड़ित पिता ने बताया कि डीआईजी को दीदी कहकर पुकारा और उन्होंने सच में एक बहन का फर्ज निभाया। उनकी तत्परता से पुलिस प्रशासन हरकत में आया, वरना स्थानीय पुलिस मामले को रफा-दफा करने में लगी थी।

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हाईवे कांड की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम। फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सांसद की सिफारिश पर भी दुत्कार
बेटी का भविष्य संवारने के लिए पिता ने हर संभव दरवाजा खटखटाया। सांसद डॉ. महेश शर्मा ने केंद्रीय स्कूल में दाखिले के लिए पत्र भी लिखा, लेकिन वहां भी निराशा हाथ लगी। स्कूल प्रशासन ने दुत्कार कर वापस भेज दिया। पिता सवाल पूछते हैं कि क्या बेटी को सम्मान से पढ़ने का भी हक नहीं है?
 

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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आज भी हरे हैं उस काली रात के जख्म
28 जुलाई 2016 को हुई घटना को याद कर वह कहते हैं कि उस दरिंदगी के जख्म आज भी हरे हैं। वह रात नहीं, काल थी। मेरी आंखों के सामने पत्नी और बेटी को दरिंदे घसीटकर ले गए। मैं बेबस था। गिड़गिड़ा रहा था कि उनको छोड़ दो या मुझे गोली मार दो। अपनों को बचाने के लिए हथियारों से लैस बदमाशों को ललकारा भी कि एक बार हाथ-पैर खोलकर देखो।
 

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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी जुबेर व साजिद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने एक नहीं सुनी। जवाब में इतनी बेरहमी से पीटा कि मरणासन्न कर दिया। उस खौफनाक मंजर को याद कर आज भी उनकी आंखें डबडबा जाती हैं। शरीर में सिहरन पैदा हो जाती है। वह कहते हैं कि उस रात सिर्फ बेटी की अस्मत नहीं लुटी थी, बल्कि कानून-व्यवस्था का इकबाल भी तार-तार हुआ था।

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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी जुबेर व साजिद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हाईवे कांड : पांचों दोषियों को आजीवन कारावास, अंतिम सांस तक रहेंगे जेल में
बुलंदशहर में नेशनल हाईवे-91 पर नौ साल पहले कार सवार परिवार को बंधक बनाकर मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म व लूटपाट करने के पांच दोषियों को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ओपी वर्मा के न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 1.81 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।

 

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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
न्यायालय ने कहा कि सभी दोषी अंतिम सांस तक जेल में रहेंगे। साथ ही अर्थदंड की आधी राशि पीड़ित मां-बेटी को दी जाएगी। वारदात के नौ वर्ष चार माह और 25 दिन बाद फैसला आया है। वारदात 28 जुलाई 2016 की रात हुई थी। उस वक्त गाजियाबाद में रहने वाले परिवार (अभी बरेली निवासी) के छह सदस्य शाहजहांपुर स्थित पैतृक गांव तेरहवीं में शामिल होने जा रहे थे। बुलंदशहर के देहात कोतवाली क्षेत्र में दोस्तपुर फ्लाईओवर के निकट बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया था।

 

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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने कार सवार 14 वर्षीय किशोरी, उसकी मां, पिता, ताई, ताऊ व तहेरे भाई को बंधक बना लिया था। सभी को कार समेत सड़क के दूसरी तरफ खेत में ले गए। वहां तीनों पुरुषों के हाथ-पैर बांध दिए। किशोरी व उसकी मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी लूटपाट कर भाग निकले थे।

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Bulandshahr highway incident - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने जांच की और छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। इनमें बावरिया गिरोह के जुबैर उर्फ सुनील उर्फ परवेज, सलीम उर्फ बीना उर्फ दीवानजी और साजिद निवासीगण गांव इटखारी बिनौरा, तिरवा, कन्नौज के खिलाफ सीबीआई ने अप्रैल 2017 में आरोपपत्र दाखिल किया था।
 

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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी जुबेर व साजिद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाद में हरियाणा पुलिस ने धर्मवीर उर्फ राका उर्फ जितेंद्र, नरेश उर्फ संदीप उर्फ राहुल निवासी गांव गेशनपुर, मोहम्मदाबाद, फर्रूखाबाद और सुनील उर्फ सागर निवासी गांव बानवोई, आजादनगर, मोहम्मदाबाद को गिरफ्तार किया। इनके खिलाफ सीबीआई ने 27 जुलाई 2018 को आरोपपत्र दाखिल किया था।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक अभियुक्त सलीम की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। अन्य अभियुक्तों जुबैर, साजिद, धर्मवीर, नरेश व सुनील को गत शनिवार को न्यायालय ने दोषी करार दिया था। सोमवार को इनको सजा सुनाई गई। प्रकरण में लापरवाही करने के चलते एसएसपी समेत 17 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी थी।


 
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