बुलंदशहर में नेशनल हाईवे-91 पर नौ वर्ष पहले कार सवार परिवार को बंधक बनाकर मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और लूटपाट करने के पांच आरोपियों को बुलंदशहर की विशेष पॉक्सो न्यायाधीश ओपी वर्मा की अदालत ने दोषी करार दिया है। सभी को 22 दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी।
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हाईवे कांड के दौरान जांच करने पहुंचे तत्कालीन नवनियुक्त एसपी सिटी व देहात कोतवाली प्रभारी(फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर में नौ साल पहले हुए हाईवे कांड से न केवल एक परिवार को जीवन भर का जख्म मिला, बल्कि बुलंदशहर पुलिस की कार्यप्रणाली पर कभी न मिटने वाला दाग भी लगा। तत्कालीन सपा सरकार के कार्यकाल में हुए इस जघन्य कांड में पुलिस की जल्दबाजी ने तीन बेगुनाहों को सलाखों के पीछे धकेल दिया था।
शिनाख्त परेड में तीनों निर्दोष निकले। बाद में सीबीआई जांच और हरियाणा पुलिस की कार्रवाई ने बुलंदशहर पुलिस की उस थ्योरी की धज्जियां उड़ा दीं, जिसे सही साबित करने के लिए पूरा जोर लगाया गया था।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश
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प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में ये वारदात खूब चर्चा में रही थी। स्थानीय पुलिस पर आरोपियों को पकड़ने का दबाव था। आनन-फानन में पुलिस ने छापा मारकर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। दावा किया कि यही असली आरोपी हैं। उन्हें जेल भी भेज दिया, लेकिन न्याय की पहली सीढ़ी यानी शिनाख्त परेड में ही पुलिसिया कहानी धराशायी हो गई।
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हाईवे कांड की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम। फाइल फोटो।
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जब तीनों को पीड़ितों के सामने लाया गया तो उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि ये वो लोग नहीं हैं, जिन्होंने उस रात हैवानियत की थी। मामला गर्माता देख जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने तीन अभियुक्तों सलीम, जुबैर और साजिद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया, लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब करीब एक साल बाद हरियाणा पुलिस ने एक कुख्यात गैंग को दबोचा।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी जुबेर व साजिद
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इसके सदस्यों ने पूछताछ में बुलंदशहर हाईवे कांड में संलिप्त होने की बात कबूल कर सबको चौंका दिया। इनमें से एक आरोपी के सीमन से घटनास्थल पर मिले सीमन का मिलान कराया गया तो वह मैच हो गया।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी जुबेर व साजिद
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डीजीपी व प्रमुख सचिव ने किया था दौरा, एसएसपी समेत 17 पर गिरी थी गाज
वारदात की गूंज लखनऊ तक पहुंचने के बाद तत्कालीन डीजीपी व प्रमुख सचिव प्रदेश सरकार ने एक अगस्त 2016 को बुलंदशहर पहुंचकर जांच की थी। तब जांच में सामने आया था कि वारदात के दौरान जनपद में कांवड़ यात्रा चल रही थी। सड़क पर पुलिस का पहरा था, जबकि तत्कालीन मेरठ डीआईजी लक्ष्मी सिंह खुद भी गुलावठी तक दौरे पर थीं।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी जुबेर व साजिद
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सुबह करीब पांच बजे मामले की जानकारी होने पर वह भी घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। साथ ही तत्कालीन थाना प्रभारी की घोर लापरवाही सामने आने पर तत्काल उन्हें निलंबित कर दिया गया था। डीजीपी के जाने के बाद तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण, एसपी सिटी राम मोहन सिंह, सीओ सिटी, संबंधित चौकी प्रभारी, हल्का इंचार्ज समेत 17 पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी थी।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश
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कौन था फाती.. कहानी नहीं सुलझी कभी
शुरुआती जांच में बुलंदशहर पुलिस ने सात बदमाशों के घटना में शामिल होने की बात कही थी। इनमें से छह को गिरफ्तार किया गया था। सातवां आरोपी कोई फाती नाम का बावरिया बताया जा रहा था, लेकिन उसे कभी पकड़ा नहीं जा सका। बाद में सीबीआई ने जांच के दौरान तीन आरोपियों के नाम निकाल दिए थे। सीबीआई की जांच में फाती नाम का कोई आरोपी सामने नहीं आया था। सिर्फ तीन के ही खिलाफ चार्जशीट दी गई थी।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश
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हाईवे कांड: पांच आरोपी दोषी करार, 22 को सुनाई जाएगी सजा
नेशनल हाईवे-91 पर नौ वर्ष पहले कार सवार परिवार को बंधक बनाकर मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और लूटपाट करने के पांच आरोपियों को बुलंदशहर की विशेष पॉक्सो न्यायाधीश ओपी वर्मा की अदालत ने दोषी करार दिया है। सभी को 22 दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी। प्रकरण में सीबीआई ने छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें से एक की जिला कारागार में बीमारी के चलते मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा दो आरोपियों को अलग-अलग मामलों में एनकाउंटर में ढेर किया जा चुका है।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश
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एडीजीसी वरुण कौशिक, सुनील शर्मा व सीबीआई के अधिवक्ता अमित चौधरी ने बताया कि 28 जुलाई 2016 की रात उस वक्त गाजियाबाद में रहने वाले एक परिवार (वर्तमान में बरेली निवासी) के छह सदस्य शाहजहांपुर स्थित पैतृक गांव तेरहवीं में शामिल होने जा रहे थे। बुलंदशहर में दोस्तपुर फ्लाईओवर के निकट बदमाशों ने उनकी कार को लोहे की कोई वस्तु फेंककर रुकवा लिया था।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश
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इसके बाद आरोपियों ने कार सवार किशोरी, उसके पिता, मां, ताई, ताऊ व तहेरे भाई को बंधक बना लिया। सभी को कार समेत सड़क के दूसरी तरफ एक खेत में ले गए। वहां तीनों पुरुषों के हाथ-पैर बांध दिए और 14 वर्षीय किशोरी व उसकी मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी लूटपाट कर भाग निकले।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश
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मामले में स्थानीय पुलिस की लापरवाही सामने आई थी। इस पर एसएसपी समेत 17 पुलिसकर्मियोंं पर शासन स्तर से कार्रवाई की गई थी। साथ ही पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन वह निर्दाेष पाए गए। इसके बाद हाई कोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश
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सीबीआई की जांच में बावरिया गिरोह के जुबैर उर्फ सुनील उर्फ परवेज, सलीम उर्फ बीना उर्फ दीवानजी व साजिद निवासीगण गांव इटखारी बिनौरा, तिरवा, कन्नौज और इनके साथी रहीसुद्दीन, जावेद उर्फ शावेज व जबर सिंह के नाम प्रकाश में आए। सीबीआई ने आरोपी जुबैर, सलीम व साजिद के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि अन्य तीनों के नाम साक्ष्यों के अभाव में जांच से पृथक कर दिए थे। इन पर 11 अप्रैल 2017 को आरोप तय हुए थे।
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हाईवे कांड मामले में आरोपियों को कोर्ट लेकर जाती पुलिस
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इसके कुछ समय बाद हरियाणा पुलिस ने एक गिरोह को पकड़ा। पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य भी हाईवे कांड में शामिल थे। इस पर सीबीआई ने पीड़िता के समक्ष आरोपियों की शिनाख्त परेड कराई। इसमें आरोपी धर्मवीर उर्फ राका उर्फ जितेंद्र, नरेश उर्फ संदीप उर्फ राहुल निवासी गांव गेशनपुर, मोहम्मदाबाद, फर्रूखाबाद, सुनील उर्फ सागर निवासी गांव बानवोई, मोहम्मदाबाद, अजय उर्फ असलम उर्फ कालिया व बंटी उर्फ गंजा की शिनाख्त पीड़िता ने की थी।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी जुबेर व साजिद
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दो आरोपियों अजय उर्फ असलम को हरियाणा पुलिस और बंटी उर्फ गंजा को एसटीएफ नोएडा ने उसी दौरान अन्य मामलों में एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी धर्मवीर, नरेश और सुनील के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की। तीनों के खिलाफ 27 जुलाई 2018 को आरोप तय किए गए थे।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश
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इस तरह न्यायालय में कुल छह आरोपियों जुबैर, सलीम, साजिद, धर्मवीर, नरेश और सुनील के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई। इनमें से सलीम की करीब चार वर्ष पूर्व जिला कारागार बुलंदशहर में बीमारी के चलते मृत्यु हो गई। न्यायालय ने अब दोनों पक्षों के गवाहों के बयान व साक्ष्यों का अवलोकन कर शेष आरोपियों को दोषी करार दिया है। सभी को जिला कारागार बुलंदशहर में रखा गया है।
बरेली में रहता है पीड़ित परिवार, नहीं आया कोर्ट
मूल रूप से शाहजहांपुर निवासी पीड़ित परिवार वारदात के दौरान गाजियाबाद में रहता था। दुष्कर्म पीड़िता किशोरी के पिता टैक्सी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। घटना के बाद शासन से उन्हें नोएडा में एक फ्लैट मिला था। कुछ दिन वहां रहने के बाद परिवार बरेली शिफ्ट हो गया। शनिवार को फैसले के दौरान परिवार का कोई सदस्को कोर्ट नहीं पहुंचा।