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Valentine's Day 2023: प्यार, त्याग और समर्पण की दास्तान... लवी ने किडनी देकर बचाई पति की जान

Tue, 14 Feb 2023 12:02 PM IST
मुकेश कुमार सौरभ सक्सेना, बदायूं
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लवी और अंकित - फोटो : अमर उजाला
समाज में तमाम लोग ऐसे हैं, जिन्होंने प्रेम की मिसाल कायम की है। ऐसी ही एक जोड़ी है, बदायूं के दहगवां के अंकित गुप्ता और लवी वार्ष्णेय की, जिनका प्यार और समर्पण वेलेंटाइन डे के अर्थ को साकार करता है। अंकित की दोनों किडनी खराब हो जाने के बाद अपनी किडनी देकर पत्नी लवी ने प्यार और समर्पण का जो उदाहरण पेश किया है, वह आज की पीढ़ी में कम ही देखने को मिलता है। 

करीब 33 साल के अंकित दहगवां के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुभाष चंद्र गुप्ता के सबसे छोटे बेटे हैं। साल 2016 में उनकी शादी बहजोई (संभल) निवासी बंगाली बाबू की बेटी लवी से हुई थी। करीब तीन साल बाद एक बेटी को जन्म दिया तो परिवार में मानों खुशियों की बहार आ गई। सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन जुलाई 2021 में अंकित को सिर के दर्द के साथ उल्टी, भूख न लगना आदि की परेशानी ज्यादा होने लगी तो उन्होंने अपना रुटीन चेकअप कराया। क्रिटिनाइन 17.5 आया तो पता चला कि दोनों किडनी में दिक्कत है। दिल्ली में दिखाने पर पता चला कि दोनों किडनी खराब हो चुकी हैं।
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लवी और अंकित - फोटो : अमर उजाला
बकौल अंकित, जब दोनों किडनी खराब होने का पता चला तो डॉक्टरों ने डायलिसिस की सलाह दी। इसके बाद फरवरी 2022 तक डायलिसिस का भयंकर दर्द और परेशानी झेलते रहे। लवी के सामने डेढ़ साल की बेटी को संभालने की भी जिम्मेदारी थी। फिर एक दिन ऐसा भी आया जब डॉक्टर ने कह दिया कि डायलिसिस से भी काम नहीं चलेगा। यदि जिंदगी बचानी है तो किडनी ट्रांसप्लांट करनी होगी। यह सुनकर परिवार पर तो मानो पहाड़ टूट पड़ा था।
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लवी और अंकित - फोटो : अमर उजाला
अंकित के अनुसार, पिता और दोनों भाई कई जटिलताओं के कारण किडनी देने में असमर्थ थे तो ऐसे में लवी ने अंकित को किडनी देने की ठानी। 26 फरवरी 2022 को मेदांता अस्पताल में ऑपरेशन होने के बाद लवी ने अपनी एक किडनी देकर पति अंकित की जान बचाई। 

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लवी-अंकित और गोद में उनकी बेटी - फोटो : अमर उजाला
डायलिसिस के दौरान उन तकलीफदेह दिनों को भूलना अंकित के लिए आसान नहीं हैं। वह बताते हैं कि एक तो दर्दनाक प्रक्रिया और उस पर कभी पीलिया तो कभी अन्य परेशानियां झेलते रहे, लेकिन लवी ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। किसी भी परेशानी में कदम नहीं खींचे। पति की परेशानी के साथ-साथ छोटी बच्ची को संभालना भी एक चुनौती थी, लेकिन परिवार के सहयोग से वह भी किया। ट्रांसप्लांट के बाद करीब तीन महीने परिवार से अलग रहना पड़ा, क्योंकि डॉक्टरों ने किसी के भी संपर्क में न आने की सलाह दी थी।
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लवी - फोटो : अमर उजाला
अब अंकित और लवी दोनों ही एक-एक किडनी के सहारे अपना जीवन बिता रहे हैं। हालांकि अंकित को डॉक्टर ने परहेज और कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है लेकिन दोनों ही सामान्य जीवन जी रहे हैं। लवी बताती हैं कि उन्होंने जो किया वह उनका फर्ज था। भले ही उनके और पति की एक-एक ही किडनी हो लेकिन उनका परिवार सही सलामत है, यही सबसे बड़ी खुशी है। 
 
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