बदायूं में भगवान बांके बिहारी की मूर्ति से विवाह करने वाली पिंकी शर्मा बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि उनका पूरा जीवन बदल गया है। अब बिहारी जी जहां रखेंगे, वहीं रहूंगी। वृंदावन भी जाऊंगी।
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पिंकी शर्मा की गोद में बांके बिहारी की मूर्ति
- फोटो : संवाद
बदायूं के इस्लामनगर ब्लॉक क्षेत्र के गांव ब्योर कासिमाबाद निवासी पिंकी शर्मा ने बांके बिहारी की मूर्ति से विवाह रचाया। शनिवार को धूमधाम से बरात निकाली गई। घरवालों ने हिंदू रीति रिवाज के अनुसार पिंकी का विवाह बांके बिहारी की मूर्ति से कराया। दुल्हन बनी पिंकी ने कहा कि बांके बिहारी से विवाह करने के बाद उनका जीवन बदल गया है। उन्होंने वृंदावन में रहने की इच्छा जताई है।
पिंकी शर्मा ने पोस्ट ग्रेजुएट किया है। उनके पिता सुरेश चंद्र शर्मा किसान हैं। पिंकी ने बताया कि वह भगवान श्रीकृष्ण की भक्त हैं। वह अक्सर अपने परिवार के साथ वृंदावन जाती रहती हैं। बांकेबिहारी के दर्शन वृंदावन की परिक्रमा करती हैं। वहीं से उनके विवाह की कहानी शुरू हुई।
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पिंकी के पिता सुरेश चंद्र शर्मा
- फोटो : संवाद
बांके बिहारी मंदिर में प्रसाद के साथ गोद में आ गिरी थी अंगूठी
पिता सुरेश शर्मा ने बताया कि कुछ महीने पहले पिंकी की गोद में बांके बिहारी जी के मंदिर में प्रसाद के साथ सोने की अंगूठी आ गिरी थी, जिसे उन्होंने ईश्वरीय संकेत माना। बताया जा रहा है कि पिंकी को सपने में भी विवाह का बांके बिहारी जी से आशीर्वाद मिला था। इसके बाद पिंकी ने उनसे शादी रचाने का निर्णय लिया। इसमें उनके परिवार ने पूरा साथ दिया।
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धूमधाम से हुई पिंकी की शादी
- फोटो : संवाद
बांके बिहारी बने दूल्हा, धूमधाम से निकली बरात
शनिवार को शाम ढलते ही गांव के ही इंद्रेश शर्मा के घर से कार पर विराजित बांके बिहारी जी की मूर्ति को मुकुट और फूलों से सजाकर बरात निकाली गई। बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के बीच बरात जब सड़कों से गुजरी तो फूलों की बारिश की गई।
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कार पर विराजमान बांके बिहारी की मूर्ति
- फोटो : संवाद
गोद में मूर्ति लेकर लिए फेरे
सुरेश शर्मा के घर पहुंचकर बरातियों ने पकवानों का स्वाद लिया। इसके बाद मंच पर पिंकी शर्मा ने बांके बिहारी जी की मूर्ति को जयमाला पहनाई। पंडित जी ने वेद मंत्रों के बीच पाणिग्रहण संस्कार संपन्न कराया। पिंकी ने गोद में बांके बिहारी की मूर्ति लेकर सात फेरे लिए।
पिंकी की गोद में बांके बिहारी की मूर्ति
- फोटो : संवाद
विवाह संस्कार पूर्ण होने के बाद परंपरा अनुसार दुल्हन बनी पिंकी की विदाई भी की गई। इसके बाद मूर्ति को वापस इंद्रेश शर्मा के घर के लिए रवाना किया गया। बांकेबिहारी से विवाह करने के बाद पिंकी शर्मा बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि उनका जीवन बदल गया है।