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तंजील हत्याकांड: कॉलेज में लड़कों के साथ मामूली झगड़ों से जरायम की दुनिया में आया था मुनीर, फिर ऐसे बना साइको किलर

Sat, 21 May 2022 01:42 PM IST
Dimple Sirohi अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
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आरोपी मुनीर - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में दो अप्रैल 2016 की रात को राष्ट्रीय जांच एजेंसी में डिप्टी एसपी रहे तंजील अहमद को हत्यारों ने गोलियां बरसाकर छलनी कर दिया था। तंजील अहमद के शरीर में गोली के घुसने और निकलने के 33 घाव थे, जबकि उनकी पत्नी के शरीर में गोली लगने के छह घाव मिले थे। अत्याधुनिक हथियारों से गोली चलाकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। डिप्टी एसपी के बेटे शाहबाज और बेटी जिमनिश ने सीट के नीचे घुसकर जान बचाई थी। पूरे हत्याकांड को दो मिनट में ही अंजाम दे दिया गया था।

साल 2016 में जब तंजील अहमद हत्याकांड को अंजाम दिया गया तो उस वक्त इसकी जांच एनआईए ने भी की। प्रदेश के तीन आईजी इसकी जांच में जुटे थे। शुरुआत में इस हत्याकांड को आतंकी कनेक्शन से जोड़कर देखा गया था, हालांकि बाद में सहसपुर के ही रहने वाले मुनीर और उसके साथी रैय्यान समेत पांच लोगों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया। पांचों आरोपियों में से तीन को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया, जबकि मुख्य आरोपी मुनीर और रैय्यान को आज फांसी की सजा सुना दी गई। आगे विस्तार से पढ़ें कैसे मामूली झगड़ों से जरायम की दुनिया में कदम रखने वाला मुनीर एक साइको किलर बन गया :-

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जील अहमद का फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
इस सनसनीखेज हत्या के मामले में कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल हुआ। कोर्ट ने मुनीर और रैय्यान को ही दोषी माना। उधर, राष्ट्रीय जांच एजेंसी के एक अफसर की पत्नी समेत हत्या किए जाने का मामला पूरे देश में गूंज उठा था। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक का प्रशासन सक्रिय हो गया था। तंजील अहमद के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने इंडियन मुजाहिद्दीन जैसे आतंकी संगठनों के बड़े नेटवर्क और गतिविधियों का खुलासा किया था। ऐसे में उनकी हत्या को लेकर देश भर में चर्चा थी।

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आरोपी मुनीर को पेशी पर ले जाती पुलिस - फोटो : amar ujala
तंजील हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुनीर और रैय्यान ने गिरफ्तारी के बाद कई बड़े खुलासे किए। इस हत्या का मास्टरमाइंड खुद मुनीर ही था। जांच टीम में शामिल अमित पाठक एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि सबसे करीबी दोस्त आशुतोष मिश्रा संग छात्र गुटों के मामूली झगड़ों से जरायम का सफर शुरू करने वाला मुनीर अब साइको किलर बन चुका था। गिरफ्तारी के बाद जिस अंदाज में उसने टीम के सवालों का जवाब दिए तो उसके हाव-भाव देख सभी दंग रह गए थे। उसने स्वीकार किया कि वह अत्याधुनिक हथियार एके-47 खरीदने जा रहा था, ताकि पश्चिमी यूपी व एनसीआर में अपनी किलिंग मशीन ए-कंपनी का डंका बजा सके। 

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आरोपी रैय्यान को पेशी पर ले जाती पुलिस - फोटो : amar ujala
मुनीर ने पूछताछ में खुलासा किया कि एके-47 खरीदने के मकसद से उसने बिजनौर में 90 लाख रुपया लूटा था। इस बात की भनक तंजील को लग गई और वह उसकी राह का रोड़ा बनता दिख रहा था। इसलिए तंजील को ही मार दिया। मुनीर दक्षिण भारतीय फिल्म गोलमार के मुख्य किरदार के अंदाज में बताता है कि हत्या की वारदात के बाद जो भी उसके रास्ते में आता, उसे गोली जरूर मारता। अब वह बचे या मरे। हर समय पीठ पर बैग, जिसमें हथियारों के साथ-साथ करतूसों का जखीरा रहता था। 

मुनीर ने स्वीकारा है कि वह तंजील अहमद की हत्या के बाद गुजरात, नेपाल, दिल्ली, अलीगढ़, लखनऊ आदि शहरों में गया। इस दौरान वह एएमयू में हॉस्टल के अपने पुराने साथियों के बीच रुका और चला गया।

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आरोपी मुनीर - फोटो : amar ujala
अमित पाठक के अनुसार मुनीर ने पूछताछ में स्वीकारा था कि वह बेहद महत्वाकांक्षी हो गया था। उसने जब बिजनौर में अपराध शुरू किया तो उसी के गांव से ताल्लुक रखने वाले एनआईए अफसर तंजील अहमद उसके आड़े आने लगे। उसके विषय में जानकारियां जुटाने लगे और यहां तक कि उसके दो साथियों को भी पकड़ा गया। बाद में वह छूटे। उसे तंजील से खतरा लगा। इसलिए उन्हें मार दिया। 

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तंजील अहमद परिवार के साथ फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
यह था घटनाक्रम
शासकीय अधिवक्ता आनंद जंघाला और डीजीसी वरुण राजपूत के अनुसार डिप्टी एसपी तंजील अहमद अपनी पत्नी फरजाना खातून और बच्चों के संग वैगनआर गाड़ी से बिजनौर जनपद के स्योहारा आए थे। 2 अप्रैल 2016 की रात को बंधन बैंक्विट हॉल में भांजी की शादी की रस्मों में उन्होंने भाग लिया। रात में लगभग साढ़े बारह बजे तंजील अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ अपने घर सहसपुर के लिए चल दिए।

गाड़ी को तंजील अहमद चला रहे थे, पत्नी बराबर वाली सीट पर और बच्चे पिछली सीट पर बैठे थे। उनकी गाड़ी के पीछे उनके भाई रागिब मसूद अपने बच्चों के साथ दूसरी गाड़ी से पीछे पीछे आ रहे थे। जब तंजील अहमद सहसपुर में ताल कटोरा तालाब के पास निर्माणाधीन पुलिया पर पहुंचे तभी बाइक पर आए दो बदमाशों ने तंजील अहमद और उनकी पत्नी पर गोलियां चला दीं। 
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तंजील अहमद File Photo - फोटो : amar ujala
गोली लगने से तंजील अहमद व उनकी पत्नी फरजाना गंभीर रुप से घायल हो गईं। घायलों को कॉसमॉस अस्पताल मुरादाबाद ले जाया गया। जहां तंजील अहमद को मृत घोषित कर दिया गया। फरजाना को फोर्टिस अस्पताल नोएडा के लिए रेफर किया गया। फरजाना को फोर्टिस अस्पताल से एम्स दिल्ली ले जाया गया। जहां फरजाना की 13 अप्रैल, 2016 को मौत हो गई।

इस दोहरे हत्याकांड में मृतक के भाई रागिब मसूद और मृतक की बेटी जिमनिश व हसीब अहमद आदि ने पुलिस को बताया था कि गोली मारने वाले मुनीर और रैय्यान थे। ये लोग गोली मारकर बाइक से भाग गए थे। मामले में पुलिस ने मुनीर, रैय्यान के साथ तंजीन, जैनी और रिजवान के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। तंजीन, जैनी और रिजवान पर इस दोहरे हत्याकांड के षडयंत्र में शामिल होने और मुनीर तथा रैय्यान की मदद करने का आरोप था।
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