आरोपी रैय्यान को पेशी पर ले जाती पुलिस
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मुनीर ने पूछताछ में खुलासा किया कि एके-47 खरीदने के मकसद से उसने बिजनौर में 90 लाख रुपया लूटा था। इस बात की भनक तंजील को लग गई और वह उसकी राह का रोड़ा बनता दिख रहा था। इसलिए तंजील को ही मार दिया। मुनीर दक्षिण भारतीय फिल्म गोलमार के मुख्य किरदार के अंदाज में बताता है कि हत्या की वारदात के बाद जो भी उसके रास्ते में आता, उसे गोली जरूर मारता। अब वह बचे या मरे। हर समय पीठ पर बैग, जिसमें हथियारों के साथ-साथ करतूसों का जखीरा रहता था।
मुनीर ने स्वीकारा है कि वह तंजील अहमद की हत्या के बाद गुजरात, नेपाल, दिल्ली, अलीगढ़, लखनऊ आदि शहरों में गया। इस दौरान वह एएमयू में हॉस्टल के अपने पुराने साथियों के बीच रुका और चला गया।